
ईरान के नेता अयातुल्ला अली खामेनेई ने रविवार को ईरानी अधिकारियों से कहा कि उन्हें यह तय करना चाहिए कि इजरायल के हमले के बाद ईरान को कैसे जवाब देना है. ये बातें ईरानी समाचार एजेंसी IRNA द्वारा दी गई हैं. खामेनेई ने कहा, 'इजरायल द्वारा दो रात पहले किए गए पाप को न तो कम करके आंका जाना चाहिए और न ही बढ़ा-चढ़ाकर पेश किया जाना चाहिए.'
बता दें कि ईरान ने शनिवार को इजरायल की ओर से किए गए हमले को कम क्षति वाला बताया था. लेकिन ईरान की ओर से कहा गया था कि वह इजरायल के इस एक्शन का जवाब सही समय आने पर देंगे.
इजरायल ने ईरान पर किया था हमला
बता दें कि इजरायल ने 25 अक्टूबर की रात को ईरान पर हवाई हमला बोल दिया था. इजरायल के 100 लड़ाकू विमान ईरान के आसमान में घुसे और फिर ताबड़तोड़ बमबारी की थी. इस आक्रमण के बाद ईरान ने भी तेवर दिखा दिए हैं. ईरान के सुप्रीम लीडर खामेनेई ने कहा कि ईरान के संबंध में यहूदी (इजरायल) गलत अनुमान लगा रहे हैं, वे ईरान को नहीं जानते. वे अभी भी ईरानी लोगों की ताकत दृढ़ संकल्प को सही ढंग से नहीं समझ पाए हैं. हमें उन्हें ये बातें समझानी होंगी.
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खामेनेई ने कहा कि हमारे अधिकारियों को यह आकलन करना चाहिए और ठीक से समझना चाहिए कि अब दुश्मन को ईरानी लोगों की ताकत दिखाने के लिए क्या किया जाना चाहिए और जो भी इस देश के सर्वोत्तम हित में हो, वह करना चाहिए. उन्होंने कहा कि दो रात पहले यहूदी शासन (इजरायल) ने गलत कदम उठाया. हमें उन्हें ईरानी लोगों की ताकत को समझाना होगा.
इजरायल के साथ ईरान की जंग अब एक नए मोड़ पर है, क्योंकि उसके एक एक करके सारे मोहरे पिटते जा रहे हैं. ईरान का मोहरा हमास पिट चुका है और कमजोर हो चुका है. ईरान का दूसरा मोहरा हिज्बुल्लाह पूरी तरह टूट चुका है. उसका मुखिया तक मारा जा चुका है. सीरिया से ईरान को खास मदद मिलती नहीं दिखती.