
गाजा में हुए सीजफायर के चंद दिनों के अंदर ही इजयरालयी डिफेंस फोर्सेस के चीफ लेफ्टिनेंट जनरल हर्जी हलेवी ने चौंका देने वाला ऐलान किया है. उन्होंने 7 अक्टूबर, 2023 को इजरायल में हुए हमास के हमले के दौरान सुरक्षा चूक की जिम्मेदारी लेते हुए अपने पद से इस्तीफा दे दिया है. 7 मार्च को वो कार्यमुक्त हो जाएंगे.
आईडीएफ चीफ ने अपने इस्तीफे कहा है कि उनकी कमान के तहत इजरायली सेना राज्य की रक्षा करने के अपने मिशन में विफल रही है. उन्होंने जनवरी 2023 में तीन साल का कार्यकाल शुरू किया था. उनका इस्तीफा 6 मार्च से प्रभावी होगा. सुरक्षा चूक के कारण इस्तीफा देने वाले वो सबसे वरिष्ठ इजरायली अधिकारी हैं.
लेफ्टिनेंट जनरल हर्जी हलेवी ने लिखा है, ''7 अक्टूबर की सुबह मेरी कमान के तहत सेना इजरायल के नागरिकों की रक्षा करने के अपने मिशन में विफल रही. इजरायल ने भारी कीमत चुकाई. इस भयानक विफलता के लिए मेरी जिम्मेदारी हर दिन, हर घंटे मेरे साथ रहती है. मेरे जीवन के बाकी हिस्सों में भी मेरे साथ रहेगी.''
उधर, इजरायल और हमास के बीच सीजयफायर के बाद गाजा के ज्यादातर फिलिस्तीनी अपने घरों को लौट आए हैं. लेकिन उन्हें यहां भारी विनाश का सामना करना पड़ रहा है. पिछले 15 महीने से विस्थापित अल-ब्यूरिज कैंप में रहने वाले फिलिस्तीनी जब अपने घरों को लौटे तो उन्हें यहां तबाही के सिवा और कुछ नहीं मिला.
ज्यादतर इमारतें जमीदोज हो चुकी हैं. खंडहर में तब्दील हो चुकी है. हालात ऐसे हो गए हैं कि कई फिलिस्तीनी अपने घरों को पहचान भी नहीं पाए. वहीं कई अपने आसियानों को ढूढ़ते दिखें. अपने घरों को लौटे फिलिस्तीनी दोबारा जिंदगी शुरू करने के लिए फिर से अपने आवास को ठीक करने में जुट गए हैं.
संयुक्त राष्ट्र के आकलन के मुताबित इजरायल और हमास के बीच युद्ध की वजह से गाजा करीब-करीब तबाह हो चुका है. इसके पुनर्निर्माण के लिए अरबों डॉलर की जरूरत होगी. पिछले साल जारी संयुक्त राष्ट्र की एक रिपोर्ट के मुताबिक, गाजा के टूटे हुए घरों को बनाने में साल 2040 तक का समय लग सकता है.
उससे ज्यादा भी समय लगने का अनुमान हैं. पिछले साल दिसंबर में जारी यूएन की रिपोर्ट के मुताबिक जंग से पहले संरचनाओं में से दो-तिहाई यानी एक लाख 70 हजार से ज्यादा इमारते क्षतिग्रस्त हुई है. इजरायल और हमास के बीच संघर्ष विराम रविवार से लागू हुआ है, जिसके बाद 15 महीने से जारी जंग थम गई है.