
दुश्मन समझे जाने वाले इजरायल और लीबिया के विदेश मंत्रियों की गुप्त बैठक के सार्वजनिक होने से विवाद खड़ा हो गया है. रविवार को इजरायल के विदेश मंत्री एली कोहेन ने एक बयान में कह दिया कि उन्होंने बीते हफ्ते अपने लीबियाई समकक्ष नजला अल-मंगौश से गुप्त रूप से मुलाकात की है. इसके बाद लीबिया में इजरायल के खिलाफ विरोध प्रदर्शन शुरू हो गए. विरोध इतना बढ़ा कि लीबिया की सरकार ने अपनी विदेश मंत्री को बर्खास्त कर दिया. अब अमेरिका ने इस मामले को लेकर इजरायली सरकार से अपना विरोध जताया है.
अमेरिकी न्यूज वेबसाइट एक्सियोस ने एक इजरायली और दो अमेरिकी अधिकारियों के हवाले से लिखा है कि अमेरिका ने इजरायली विदेश मंत्री के गुप्त बैठक को सार्वजनिक करने को लेकर इजरायल से अपना विरोध जताया है.
बैठक सार्वजनकि करने को लेकर इजरायल के क्यों नाराज हुआ अमेरिका?
गुप्त बैठक के सार्वजनिक होने के बाद से ही लीबिया में प्रदर्शन हो रहे हैं जिसने देश की संयुक्त राष्ट्र मान्यता प्राप्त सरकार को अस्थिर कर दिया है. लीबिया की कई राजनीतिक पार्टियों ने बयान जारी कर गुप्त बैठक की कड़ी निंदा की और अल-मंगौश को पद से हटाने की मांग की है.
प्रदर्शनकारियों ने राजधानी त्रिपोली की सड़कों पर जबरदस्त प्रदर्शन किया और कुछ लोगों ने विदेश मंत्रालय पर भी धावा बोल दिया. समाचार एजेंसी रॉयटर्स ने बताया कि अस्थिरता को देखते हुए अल-मंगौश को पद से बर्खास्त कर दिया गया और सोमवार तक वो देश से भाग गई थीं.
बाइडेन प्रशासन लीबिया के इन हालात से चिंतित है. अमेरिकी अधिकारियों ने कहा कि बैठक के सार्वजनिक होने के बाद जो हालात बने हैं, उससे न केवल लीबिया और इजरायल के संबंध और अधिक बिगड़ेंगे बल्कि अरब देशों में शांति के प्रयासों को झटका लगेगा और अमेरिका के राष्ट्रीय हितों को भी नुकसान होगा.
इटली के विदेश मंत्री ने किया था बैठक का आयोजन
इजरायली विदेश मंत्रालय की तरफ से जारी बयान में इजरायली मंत्री कोहेन ने यह भी कहा था कि उन्होंने लीबिया के विदेश मंत्री से गुप्त मुलाकात रोम में की थी. उन्होंने कहा कि इटली के विदेश मंत्री एंटोनियो तजानी के दोनों पक्षों के साथ घनिष्ठ संबंध हैं और उन्होंने ही इस मुलाकात का आयोजन किया था.
लीबिया के विदेश मंत्रालय ने अपने बयान में दोनों विदेश मंत्रियों के बीच की मुलाकात को 'इटली के विदेश मंत्री से मुलाकात के दौरान अनौपचारिक मुलाकात' बताया, मंत्रालय ने कहा कि इस अनौपचारिक मुलाकात के दौरान किसी तरह की चर्चा, समझौता या परामर्श नहीं हुआ.
बयान में कहा गया कि हालांकि, इस अनौपचारिक मुलाकात के वक्त लीबियाई विदेश मंत्री अल-मंगौश ने फिलिस्तीन के मुद्दे पर लीबिया की स्थिति को स्पष्ट तरीके से दोहराया.
बैठक सार्वजनिक होने पर हैरान रह गए थे अमेरिकी अधिकारी
एक अमेरिकी अधिकारी ने बताया कि बाइडेन प्रशासन मान रही थी कि कोहेन और अल-मंगौश के बीच की बैठक गुप्त बैठक थी लेकिन जब कोहेन ने इसे सार्वजनिक कर दिया तो अमेरिकी अधिकारी हैरान रह गए.
इजरायली विदेश मंत्री कोहेन के एक सहयोगी ने दावा किया कि मुलाकात के दौरान इस बात को लेकर आपसी समझ थी कि यह मुलाकात अंततः सार्वजनिक हो जाएगी. हालांकि, एक अमेरिकी अधिकारी ने कहा लीबियाई पक्ष नहीं चाहता था कि मुलाकात सार्वजनिक हो.
इजरायली और अमेरिकी अधिकारियों ने कहा कि बैठक की जानकारी सार्वजनिक होने के बाद रविवार को ही अमेरिका ने इजरायली विदेश मंत्री से बात की और अपना विरोध जताया.
सूत्रों ने बताया कि कोहेन ने अमेरिकी अधिकारियों से कहा कि इजरायली मीडिया ने बैठक को उनसे लेकर टिप्पणी करने को कहा था जिसके बाद उन्होंने बयान जारी किया. इसके बाद अमेरिकी अधिकारियों ने कोहेन से कहा कि अगर गुप्त बैठक को लेकर कोई जानकारी मीडिया में लीक भी हुई थी तब भी कोहेन टिप्पणी करने से इनकार कर सकते थे.
इजरायल और लीबिया के रिश्ते
इजरायल और लीबिया के बीच राजनयिक संबंध नहीं हैं. संबंधों को सामान्य करने की सभी कोशिशों का लीबिया में विरोध होता रहा है. लीबिया अरब लीग का सदस्य है और बाकी अरब देशों की तरह ही वो भी इजरायल को अलग-थलग करने की कोशिशों का हिस्सा रहा है.
बाइडेन प्रशासन पिछले दो सालों से लीबिया और इजरायल के संबंधों को सामान्य बनाकर लीबिया को अब्राहम समझौते में शामिल करने की कोशिश कर रहा है. हालिया घटना से बाइडेन प्रशासन की कोशिशों को बड़ा झटका लगा है.
समाचार एजेंसी एपी ने इस साल की शुरुआत में बताया था कि अमेरिकी खुफिया एंजेसी सीआईए के निदेशक बिल बर्न्स ने जनवरी में लीबिया का दौरा किया था. इस दौरान उन्होंने और लीबिया के प्रधानमंत्री अब्दुल हामिद दबीबा ने इजरायल के साथ संबंधों को सामान्य बनाने की संभावना पर चर्चा की थी.