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ऑस्कर विजेता फिलिस्तीनी निर्देशक पर इजरायली प्रवासियों का हमला, घायल हुए हमदान बल्लाल

डॉक्यूमेंट्री के सह-निर्देशकों में से एक हमदान बल्लाल पर प्रवासियों ने हमला किया, जिससे उसके सिर से खून बहने लगा. एक यहूदी समूह ने बताया कि जब बल्ला का इलाज एंबुलेंस में किया जा रहा था तो तभी सैनिकों ने उन्हें और एक दूसरे फिलिस्तीनी शख्स को हिरासत में ले लिया.

हमदान बल्लाल (बाएं से दूसरे) नो अदर लैंड के लिए अन्य ऑस्कर विजेताओं के साथ पोज़ देते हुए.(फोटो: एपी) हमदान बल्लाल (बाएं से दूसरे) नो अदर लैंड के लिए अन्य ऑस्कर विजेताओं के साथ पोज़ देते हुए.(फोटो: एपी)
aajtak.in
  • नई दिल्ली,
  • 25 मार्च 2025,
  • अपडेटेड 6:06 AM IST

ऑस्कर विजेता डॉक्यूमेंट्री 'नो अदर लैंड' के सह-निर्देशक हमदान बल्लाल पर कब्जे वाले वेस्ट बैंक में रहने वाले इजरायली प्रवासियों ने हमला किया है. घटनास्थल पर मौजूद लोगों ने बताया कि लोगों ने निर्देशक की पिटाई की और फिर उन्हें इजरायली सेना ने हिरासत में ले लिया.

एक यहूदी ग्रुप 'सेंटर फॉर ज्वीश नॉन वॉयलेंस' के कार्यकर्ताओं ने बताया कि दर्जनों लोगों ने मासाफर याट्टा क्षेत्र के सुसिया नामक फिलिस्तीनी गांव पर हमला किया और संपत्ति को नष्ट कर दिया.

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कार्यकर्ताओं ने बताया कि उन्होंने डॉक्यूमेंट्री के सह-निर्देशकों में से एक हमदान बल्लाल पर हमला किया, जिससे उसके सिर से खून बहने लगा. उन्होंने बताया कि जब उनका इलाज एंबुलेंस में किया जा रहा था तो तभी सैनिकों ने उन्हें और एक दूसरे फिलिस्तीनी शख्स को हिरासत में ले लिया. सैनिक उन्हें लेकर कहां गए इसके बारे में पता नहीं चल पाया है.

यह भी पढ़ें: गाजा के अस्पताल पर इजरायल की एयर स्ट्राइक, हमास के नेता समेत 5 लोगों की मौत

डॉक्यूमेंट्री को मिला था ऑस्कर

इजरायली सेना ने कहा कि वह इस प्रकरण की जांच कर रही है, लेकिन उसने तुरंत कोई टिप्पणी नहीं की.  इस साल सर्वश्रेष्ठ डॉक्यूमेंट्री के लिए ऑस्कर जीतने वाली नो अदर लैंड में मासफर यट्टा के निवासियों के संघर्ष को दर्शाया गया है जो इजरायली सेना द्वारा अपने गांवों को ध्वस्त करने से रोकते हैं. इसमें दो फिलिस्तीनी सह-निर्देशक, बल्लाल और बेसल अद्रा, दोनों मासाफ़र यट्टा के निवासी हैं. इस फिल्म के दो इज़राइली निर्देशक, युवल अब्राहम और राहेल सोर हैं.

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फ़िलिस्तीनी-इज़रायली के ज्वॉइंट प्रोडक्शन ने 2024 में बर्लिन अंतर्राष्ट्रीय फ़िल्म महोत्सव के बाद कई अंतर्राष्ट्रीय पुरस्कार जीते हैं. इस फिल्म ने इजरायल और विदेशों में भी नाराज़गी पैदा की है. मियामी बीच ने तो उस मूवी थियेटर की लीज को ही खत्म करने का प्रस्ताव रख दिया जहां यह डॉक्यूमेंट्री दिखाई गई थी.

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