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'ये दौर अनिश्चितताओं का है...', मालदीव के विदेश मंत्री से मुलाकात के बाद बोले जयशंकर

विदेश मंत्री जयशंकर ने कहा कि मालदीव की विकास यात्रा में भारत ने प्रमुख भूमिका निभाई है. हमारे प्रोजेक्ट्स से आपके देश के लोगों को लाभ हुआ है, मालदीव में लोगों के जीवन की गुणवत्ता में सुधार हुआ है. इन्फ्रास्ट्रक्चर परियोजनाओं से लेकर सोशल इनिशिएटिव और हेल्थ सुविधाओं तक में भारत ने मालदीव की मदद की है. 

जयशंकर और मालदीव के विदेश मंत्री मूसा जमीर जयशंकर और मालदीव के विदेश मंत्री मूसा जमीर
गीता मोहन
  • नई दिल्ली,
  • 09 मई 2024,
  • अपडेटेड 2:56 PM IST

मालदीव के विदेश मंत्री मूसा जमीर भारत के पहले आधिकारिक दौरे पर नई दिल्ली में हैं. यहां उन्होंने भारत के विदेश मंत्री जयशंकर से मुलाकात की. इस दौरान जयशंकर ने कहा कि भारत और मालदीव करीबी पड़ोसी हैं. हमारे संबंधों का विकास हमारे आपसी हितों के आधार पर हुआ है.

विदेश मंत्री जयशंकर ने कहा कि जहां तक भारत का सवाल है, हम हमारी 'नेबरहुड फर्स्ट पॉलिसी' और SAGAR पॉलिसी को लेकर प्रतिबद्ध हैं. मुझे उम्मीद है कि आज की हमारी बैठक से विभिन्न क्षेत्रों में हमारे दृष्टिकोण को और मजबूती मिलेगी. 

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जयशंकर ने कहा कि मालदीव की विकास यात्रा में भारत अहम साझेदार रहा है. हमारे प्रोजेक्ट्स से आपके देश के लोगों को लाभ हुआ है, मालदीव में लोगों के जीवन की गुणवत्ता में सुधार हुआ है. इन्फ्रास्ट्रक्चर परियोजनाओं से लेकर सोशल इनिशिएटिव और हेल्थ सुविधाओं तक में भारत ने मालदीव की मदद की है. 

उन्होंने कहा कि आज दुनिया बड़े उथल-पुथल भरे दौर से गुजर रही है. ये दौर अनिश्चितताओं का है. ऐसे समय में पड़ोसियों के साथ निकट साझेदारी का बहुत महत्व है. आज की हमारी बैठक में विभिन्न आयामों पर हमारे संबंधों की समीक्षा की जाएगी. ये हम सभी के हित में है कि हमारे बीच एक समझ बने कि आखिर दोनों देशों के संबंध किस तरह से आगे बढ़ेंगे.

बता दें कि मालदीव के विदेश मंत्री मूसा जमीर का ये भारत का पहला आधिकारिक दौरा है. वह ऐसे समय पर भारत पहुंचे हैं, जब कुछ दिन पहले ही मालदीव ने भारतीय पर्यटकों से ज्यादा से ज्यादा संख्या में मालदीव आने की अपील की थी. 

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मालदीव के पर्यटन मंत्री ने क्या कहा था?

मालदीव के पर्यटन मंत्री इब्राहिम फैजल ने हाल ही में कहा था कि हमारी सरकार भारत के साथ मिलकर काम करना चाहती है. हमारे लोग और हमारी सरकार मालदीव आने वाले भारतीयों का गर्मजोशी से स्वागत करेंगे. मैं पर्यटन मंत्री के रूप में भारतीयों से कहना चाहता हूं कि आप ज्यादा से ज्यादा संख्या में मालदीव आएं. हमारी अर्थव्यवस्था दरअसल पर्यटन पर ही निर्भर है.

बता दें कि पिछले साल की तुलना में इस साल जनवरी से अप्रैल में मालदीव जाने वाले भारतीयों की संख्या में 42 फीसदी की गिरावट देखने को मिली है. भारतीय पर्यटकों के लिए मालदीव काफी पसंदीदा जगह थी. लेकिन दोनों देशों के बीच तनाव बढ़ने के बाद मालदीव जाने वाले भारतीय पर्यटकों की संख्या कम हो गई. पर्यटन मंत्रालय के आंकड़ों के मुताबिक, इस साल जनवरी से अप्रैल के बीच 42,638 भारतीय पर्यटकों ने मालदीव की यात्रा की. जबकि, पिछले साल इन्हीं चार महीनों में 73,785 भारतीय पर्यटक मालदीव पहुंचे थे.

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