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अमेरिका और रूस के बीच कैदियों की रिहाई पर कैसे बनी बात? बाइडेन ने इन्हें दिया क्रेडिट

राष्ट्रपति जो बाइडेन ने अमेरिकी नागरिकों की रिहाई पर खुशी जाहिर की है. उन्होंने ओवर ऑफिस से पत्रकार इवान गोर्शकोविच, पॉल व्हेलन और व्लादिमीर कारा के परिवार के साथ एक तस्वीर साझा की है और दोस्ती के महत्व को समझाया है. 

अमेरिकी राष्ट्रपति जो बाइडेन. (Photo Source X/@POTUS) अमेरिकी राष्ट्रपति जो बाइडेन. (Photo Source X/@POTUS)
aajtak.in
  • नई दिल्ली,
  • 02 अगस्त 2024,
  • अपडेटेड 9:52 AM IST

रूस ने कई देशों से जुड़े कई कैदियों की अदला-बदली समझौते के तहत एक अमेरिकी पत्रकार इवान गेर्शकोविच और एक पूर्व अमेरिकी मरीन पॉल व्हेलन को गुरुवार को रिहा कर दिया. अब उन्होंने ओवल ऑफिस से इवान, पॉल, व्लादिमीर कारा के परिवार के साथ एक तस्वीर भी साझा की है और उन्होंने कैदियों की रिहाई का क्रेडिट अपने सहयोगियों को दिया है. बाइडेन ने कैदियों की अदला-बदली को इस बात का एक शक्तिशाली उदाहरण बताया कि इस दुनिया में दोस्त रखना क्यों महत्वपूर्ण है.

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अब जानकारी आ रही है कि रूस के साथ कैदियों की अदला-बदली के बाद तीन अमेरिकी नागरिक इवान गेर्शकोविच, अलसु कुर्माशेवा और पॉल व्हेलन अमेरिका पहुंच गए हैं. जिनका राष्ट्रपति बाइडेन और उपराष्ट्रपति कमला हैरिस ने स्वागत किया है.

अमेरिकी राष्ट्रपति ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर रिहा हुए व्यक्तियों के परिवार के साथ तस्वीर साझा कर खुशी जाहिर कर लिखा, आज मैं ओवल ऑफिस में पॉल, इवान, अलसू और व्लादिमीर के परिवार के साथ खड़ा था. जब उन्होंने रिहा मिलने के बाद पहली बार अपने परिवार के लोगों से बात की थी. इन परिवारों ने कभी अपनी उम्मीद नहीं खोई और इसी उम्मीद में वो लोग अपने परिवार  से फिर से मिल जाएंगे.

कैदियों की अदला-बदली के रूप में नहीं हुआ पैसे का लेन-देन

वहीं, अमेरिकी राष्ट्रपति सुरक्षा सलाहकार जे सुलिवन ने कहा कि कोल्ड वॉर के बाद ये पूर्व-पश्चिम देश में कैदियों का सबसे बड़ा एक्सचेंज हैं और इन कैदियों की अदला-बदली के रूप में किसी भी पैसे का आदान-प्रदान नहीं किया गया है. इस समझौते को सुविधाजनक बनाने के लिए कोई भी प्रतिबंध नहीं लगाया गया है.

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इवान गोर्शकोविच वॉल स्ट्रीट जर्नल (WSJ) के रिपोर्टर हैं, जिन्हें पिछले साल मार्च में जासूसी के आरोप में रूस ने गिरफ्तार किया था. पूर्व अमेरिकी नौसैनिक पॉल व्हेलन को जासूसी के आरोप में 2018 में मास्को में गिरफ्तार किया गया था. रूसी-अमेरिकी पत्रकार अलसु कुर्माशेवा पर रूसी सेना के बारे में गलत जानकारी फैलाने का आरोप लगाया गया था. यूक्रेन में रूस के युद्ध के मुखर आलोचक व्लादिमीर कारा-मुर्जा को साल 2023 में 25 साल की सजा सुनाई गई थी. बता दें कि व्लादिमीर के पास ब्रिटेन और रूस की दोहरी नागरिकता है.
 
दो साल की कूटनीति

समाचार एजेंसी रॉयटर्स की माने तो रूस, अमेरिका और उनके सहयोगी के बीच कैदियों की इस ऐतिसाहिक अदला-बदली में 16 लोगों को रिहा किया गया है. इन लोगों की रिहाई के लिए दो साल से ज्यादा वक्त लगा, जिसमें जर्मनी, रूस और अमेरिका से जुड़ी सीक्रेट बातचीत और कूटनीति शामिल थी.

न्यूज एजेंसी रॉयटर्स के अनुसार, यह कैदी सौदा सोवियत संघ के बाद के इतिहास में रूस और अमेरिका के बीच सबसे बड़ा अदला-बदली है. यह डील तुर्की की राजधानी अंकारा में हुई. तुर्की के अधिकारियों के अनुसार, दो नाबालिगों सहित 10 कैदियों को रूस, 13 को जर्मनी और तीन को अमेरिका ले जाया गया. रूस में वॉल स्ट्रीट जर्नल के रिपोर्टर गेर्शकोविच को मार्च 2023 में जासूसी के आरोप में गिरफ्तार किया गया था. अमेरिकी सरकार ने इसका खंडन किया था. बाद में उन्हें उच्च सुरक्षा वाली रूसी जेल में 16 साल की सजा सुनाई गई थी. इस समझौते में अमेरिका और रूस के अलावा, जर्मनी, पोलैंड, स्लोवेनिया, नॉर्वे और बेलारूस भी शामिल थे.

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