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राष्ट्रपति की कुर्सी से हटने से पहले बाइडेन का क्षमादान, 1500 लोगों के गुनाह किए माफ, 4 भारतवंशी भी

राष्ट्रपति बाइडेन ने जारी बयान में कहा कि अमेरिका संभावना और दूसरा मौका देने के वादे की आधारशिला पर खड़ा है. राष्ट्रपति होने के नाते मेरे पास ऐसे लोगों को क्षमा करने का विशेषाधिकार है जिन्हें अपने किए पर पछतावा और दुख है और जो अमेरिकी समाज की मुख्यधारा में वापस लौटना चाहते हैं. इनमें विशेष रूप से ड्रग्स के मामलों में दोषी ठहराए गए लोग शामिल हैं.

अमेरिकी राष्ट्रपति जो बाइडेन अमेरिकी राष्ट्रपति जो बाइडेन
aajtak.in
  • नई दिल्ली,
  • 13 दिसंबर 2024,
  • अपडेटेड 10:03 AM IST

अमेरिकी राष्ट्रपति बाइडेन का कार्यकाल जनवरी में समाप्त हो रहा है. लेकिन वह कार्यकाल की समाप्ति से पहले कई बड़े फैसले लेने में जुटे हैं. इसी दिशा में उन्होंने अमेरिकी जेलों में बंद 1500 कैदियों की सजा माफ कर दी है. इनमें चार भारतीय मूल के अमेरिकी भी हैं.

राष्ट्रपति बाइडेन ने जारी बयान में कहा कि अमेरिका संभावना और दूसरा मौका देने के वादे की आधारशिला पर खड़ा है. राष्ट्रपति होने के नाते मेरे पास ऐसे लोगों को क्षमा करने का विशेषाधिकार है जिन्हें अपने किए पर पछतावा और दुख है और जो अमेरिकी समाज की मुख्यधारा में वापस लौटना चाहते हैं. इनमें विशेष रूप से ड्रग्स के मामलों में दोषी ठहराए गए लोग शामिल हैं.

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उन्होंने कहा कि इसलिए आज मैं ऐसे 39 लोगों की सजा माफ कर रहा हूं. मैं ऐसे लगभग 1500 लोगों की सजा भी कम करने में जुटा हुआ हूं. इनमें से कुछ की सजा घटाई जाएगी. बता दें कि अमेरिका में हाल के समय में यह एक दिन में दी गई सबसे बड़ी माफी है.

दरअसल दिसंबर 2012 में धोखाधड़ी का दोषी ठहराए जाने की वजह से उन्हें डॉ. मीरा सचदेवा को 20 साल जेल की सजा सुनाई गई थी और उन पर 82 लाख डॉलर का जुर्माना भी लगाया गया था.

बाइडेन ने सबसे पहले ऐसे 39 अपराधियों की सजा माफ कर दी जो हिंसक अपराध में शामिल नहीं थे. बाइडेन ने जिन चार भारतीय मूल के अमेरिकी नागरिकों की सजा माफ की है. उनका नाम मीरा सचदेवा, बाबूभाई पटेल, कृष्णा मोटे और विक्रम दत्ता हैं. 

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बता दें कि इससे पहले बाइडेन ने अपनी शक्तियों का इस्तेमाल करते हुए अपने बेटे की भी सजा माफ कर दी थी. उन्होंने कई मामलों में हंटर बाइडेन को क्षमादान दिया था. बाइडेन के बेटे हंटर बाइडेन पर टैक्स चोरी से लेकर गैरकानूनी रूप से हथियार रखने, सरकारी पैसे का गलत इस्तेमाल करने और झूठी गवाही देने जैसे आरोप हैं. 

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