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कजाकिस्तान प्लेन क्रैश में रूस का हाथ? सरफेस-टू-एयर मिसाइल से विमान पर अटैक करने का दावा

आजरबैजान एयरलाइंस की फ्लाइट 8432 के हादसे में 38 यात्रियों की मौत हुई. रिपोर्ट्स के मुताबिक, इसे एक रूसी मिसाइल ने निशाना बनाया था. अजरबैजान सरकार के सूत्रों का दावा है कि यह हमला तब हुआ जब ग्रोज्नी के पास ड्रोन गतिविधियां हो रही थी. इस दौरान एक मिसाइल यात्री विमान के पास ब्लास्ट किया, जिसका टुकड़ा विमान से टकरा गया था.

प्लेन क्रैश में आया नया मोड़ प्लेन क्रैश में आया नया मोड़
सुबोध कुमार
  • नई दिल्ली,
  • 26 दिसंबर 2024,
  • अपडेटेड 8:19 PM IST

कजाकिस्तान में अजरबैजानी एयरलाइंस की प्लेन क्रैश मामले में नया मोड़ सामने आया है. दावा किया जा रहा है कि विमान पर सरफेस-टू-एयर मिसाइल से रूस ने हमला किया था. इस हमले का दावा अजरबैजानी सरकार के सूत्रों किया है, जिसमें 38 यात्री मारे गए थे. अजरबैजान के सरकारी सूत्रों के मुताबिक, यह हमला चेचन्या के ग्रोज्नी के ऊपर ड्रोन गतिविधि के बीच हुआ.

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मिसाइल के टुकड़े विमान से टकरा गए, जिससे यात्रियों और क्रू को चोटें आईं. मसलन, कहा जा रहा है कि यात्री विमान के करीब ही मिसाइल विस्फोट किया था. सूत्रों की मानें तो रूसी एयरपोर्ट पर  विमान को लैंडिंग की इजाजत नहीं दी गई थी. इसके बाद विमान को कजाकिस्तान के अकताऊ की तरफ मोड़ना पड़ा.

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विमान की जीपीएस सिस्टम जाम होने की आशंका

दावा यह भी किया जा रहा है कि उड़ान के दौरान, विमान की जीपीएस नेविगेशन सिस्टम जाम हो गई थी, जिससे हालात और ज्यादा खराब हो गए और विमान को घंटों हवा में रहना पड़ा. गुरुवार को बचाव दल ने विमान के ब्लैक बॉक्स को बरामद कर लिया है.

दुर्घटनास्थल पर लगातार मॉनिटरिंग की जा रही है ताकि जांच में सहूलियत मिल सके. कज़ाख आपातकालीन स्थिति मंत्रालय ने बताया कि 306 कर्मियों को बचाव अभियान में तैनात किया गया है, जिसमें कानाइन यूनिट्स भी शामिल हैं. प्लेन क्रैश में मरने वाले छह कजाख और तीन क्रू सदस्यों समेत 38 लोगों के शव फॉरेंसिक टेस्ट सेंटर भेजे गए हैं. अब तक सात लोगों की पहचान हो सकी है.

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अगर सीधा गिरता विमान तो जाती सभी की जानें!

कजाकिस्तानी मीडिया से बातचीत में एविएशन एक्सपर्ट अबुल केकिलबायेव ने इस घटना की गहन जांच की आवश्यकता पर जोर दिया. उन्होंने कहा कि मौजूदा समय में कई थ्योरियां घूम रही हैं, जो जांच को भटका सकती हैं." उन्होंने कहा कि जांच के लिए विमान के सभी मलबे और जानकारी इकट्ठा करना अहम है.

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उन्होंने पायलटों की सराहना करते हुए कहा कि उनकी कोशिशों ने संभावित नुकसान को कम किया. उन्होंने कहा कि विमान सीधा गिर सकता था, लेकिन पायलट ने इसे ग्लाइड करने की कोशिश की. इससे कई जानें बच गईं. अगर यह सीधा गिर गया होता, तो कोई भी नहीं बचता.

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