
पाकिस्तान में एमपॉक्स वायरस को लेकर कन्फ्यूजन बना हुआ है. शुक्रवार को इस्लामाबाद सरकार के एक अधिकारी ने एमपॉक्स के एक मरीज की पुष्टि की. वहीं प्रांतीय अधिकारियों की ओर से तैयार रिपोर्ट में तीन मामलों की जानकारी दी गई है. दोनों ही रिपोर्ट्स एक दूसरे का खंडन करती हैं.
स्वास्थ्य मंत्रालय के प्रवक्ता साजिद शाह ने कहा कि एकमात्र पुष्ट मरीज, जिसमें एमपॉक्स वायरस पाया गया, खैबर पख्तूनख्वा प्रांत के मर्दन जिले का रहने वाला है. हालांकि उन्होंने कहा कि टेस्टिंग प्रक्रिया पूरी होने तक, अभी यह स्पष्ट नहीं हुआ है कि मरीज एमपॉक्स के कौन से वेरिएंट से संक्रमित है.
प्रांतीय अधिकारियों ने की तीन मामलों की पुष्टि
इससे पहले, प्रांतीय अधिकारियों ने कहा था कि एमपॉक्स के तीन मरीजों का पता चला है और वे सभी उत्तर-पश्चिम में खैबर-पख्तूनख्वा के हैं. खैबर पख्तूनख्वा के स्वास्थ्य सेवाओं के महानिदेशक सलीम खान ने कहा कि दो मरीजों का पता संयुक्त अरब अमीरात से आने पर चला, जबकि तीसरे मरीज के सैंपल पुष्टि के लिए इस्लामाबाद में राष्ट्रीय स्वास्थ्य संस्थान को भेजे गए हैं.
फिलहाल यह स्पष्ट नहीं है कि मरीज एमपॉक्स के किस स्ट्रेन से संक्रमित हुआ है या क्या यह वही वेरिएंट है जिसकी पुष्टि पहली बार अफ्रीका के बाहर स्वीडन में हुई है. पाकिस्तान के स्वास्थ्य मंत्रालय ने गुरुवार को इस बीमारी को लेकर एक एडवाइजरी जारी की, जिसमें कहा गया कि 'एयरपोर्ट्स और एंट्री पॉइंट्स पर स्क्रीनिंग सिस्टम को और मजबूत किया जा रहा है'.
कांगो में ली 450 लोगों की जान
विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) ने अफ्रीका के कुछ हिस्सों में एमपॉक्स के प्रकोप को अंतरराष्ट्रीय चिंता का कारण और पब्लिक हेल्थ के लिए खतरा घोषित किया है. अत्यधिक संक्रामक बीमारी, एमपॉक्स को पहले 'मंकीपॉक्स' के नाम से जाना जाता था. इस वायरस ने कांगो में करीब 450 लोगों की जान ले ली है.
अफ्रीका के बाहर मिलने लगे केस
स्वीडन ने गुरुवार (15 अगस्त) को एमपॉक्स (Mpox) के अपने पहले केस की पुष्टि की थी, जो अफ्रीका के बाहर भी मिला पहला मामला है. बुधवार को विश्व स्वास्थ्य संगठन ने दो साल में दूसरी बार इस बीमारी को ग्लोबल पब्लिक हेल्थ इमरजेंसी घोषित किया था.