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भारत के पास स्वदेशी Brahmos-LCH... जानिए- पाकिस्तान युद्ध के काम आने वाले कौन-कौन से हथियार खुद बनाता है

भारत लगातार स्वदेशी हथियार बना रहा है. ब्रह्मोस मिसाइल, प्रचंड हेलिकॉप्टर, पिनाका और न जाने क्या-क्या. लेकिन हमारे पड़ोसी देश पाकिस्तान भी कोई हथियार बनाता है क्या? या सारे हथियार चीन से लाता है. उसके खुद के कौन-कौन से हथियार हैं, जो वह खुद बनाता है. या फिर लाइसेंस के तहत बनाता है? ये हथियार कितने कारगर हैं?

Made in Pakistan: ये है पाकिस्तान का मुख्य फाइटर जेट जेएफ-17 जिसे उसने चीन की मदद से बनाया है. Made in Pakistan: ये है पाकिस्तान का मुख्य फाइटर जेट जेएफ-17 जिसे उसने चीन की मदद से बनाया है.
ऋचीक मिश्रा
  • नई दिल्ली,
  • 04 अक्टूबर 2022,
  • अपडेटेड 1:11 PM IST

मेड इन इंडिया हथियारों और मिलिट्री यंत्रों की मांग बढ़ रही है. दुनिया भर में भारतीय हथियारों जैसे ब्रह्मोस, पिनाका, तेजस को लेकर इंट्रेस्ट बढ़ रहा है. डील भी होने की संभावना है. क्या हमारे पड़ोसी और नापाक हरकतों को अंजाम देने वाले देश पाकिस्तान भी खुद अपने हथियार बनाता है. या फिर चीन या अमेरिका से ही खरीदता रहता है. आज हम आपको बताएंगे कि पाकिस्तान के पास ऐसे कौन से हथियार हैं, जिन्हें वह खुद बनाता है. या फिर किसी विदेशी कंपनी से लाइसेंस लेकर बना रहा है. 

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सबसे पहले मेड इन पाकिस्तान एयरक्राफ्ट

पाकिस्तान सीएसी/पीएसी जेएफ-17 थंडर फाइटर जेट को अपने यहां बनाता है. इसे बनाने में चीन की कंपनी पाकिस्तान की मदद करती है. इस लड़ाकू विमान को बनाकर पाकिस्तान अपने पुराने ए-5सी, एफ-7पी/पीजी, मिराज-3, मिराज-4 जैसे फाइटर जेट्स की फ्लीट को बदल रहा है. हालांकि आपको बता दें कि जेएफ-17 थंडर चौथी पीढ़ी का फाइटर जेट है, जो भारत के LCA Tejas और Rafale के आगे कहीं नहीं टिकता. 

इसके अलावा पाकिस्तान स्वीडन की कंपनी साब के सफारी ट्रेनर विमान के वैरिएंट पीएसी सुपर मुशशक को बनाता है. यह प्रशिक्षण विमान है. इसके अलावा MFI-17 मुशशक बनाता है. पाकिस्तान के पास लाइट अटैक फाइटर जेट हैं, जिसका नाम है के-8 काराकोरम. चीन की मदद से इसे बनाया है. क्योंकि यह विमान चीन के होंग्दू जेएल-8 का वैरिएंट है. यानी चीन के पास खुद का बनाया हुआ कोई विमान नहीं है. सब दूसरे देश की तकनीक पर आधारित है. 

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पाकिस्तान में बन रहे ड्रोन्स/UAV

पाकिस्तान के पास नेसकॉम बुराक नाम का युद्धक ड्रोन है. यह जंग के मैदान में चुपके से तबाही मचाने के लिए बनाया गया है. इसके अलावा सेलेक्स ईएस फाल्को, जीआईडीएस शाहपुर, जीआईडीएस शाहपुर-2 और जासूस ड्रोन बनाए जा रहे हैं. इसके अलावा पाकिस्तान के पास एक कम दूरी का ड्रोन है जिसका नाम है मुखबर. यानी बुराक को छोड़कर सभी ड्रोन्स सिर्फ जासूसी और निगरानी के लिए बनाए गए हैं. 

मुख्य युद्धक टैंक/बख्तरबंद पर्सनल कैरियर (APC)

पाकिस्तान के पास दो मुख्य युद्धक टैंक्स हैं. जिन्हें वह खुद बनाता है. पहला है एमबीटी-2000 का वैरिएंट अल-खालिद और अल-खालिद 1. इसके अलावा पाकिस्तान के पास चीन के टाइप 59 का अपग्रेडेड टैंक अल-जरार है. यानी सिर्फ दो ही प्रमुख युद्धक टैंक्स पाकिस्तान के पास हैं. लेकिन ये भारतीय सेना के अर्जुन और भीष्म टैंक्स के सामने नहीं टिकते. 

पाकिस्तान के पास बख्तरबंद पर्सनल कैरियर की पूरी लंबी लिस्ट है. तल्हा, साद, साक्ब, अल-हमजा, ये ऐसी गाड़िया हैं जिसमें सैनिक युद्धक्षेत्र में सुरक्षित आ-जा सकते हैं. साथ ही हमला भी कर सकते हैं. इनके अलावा माज, मौज, अल-हदीद, अल-कासवा और मोहाफिज. इन गाड़ियों का इस्तेमाल किसी भी जमीनी लड़ाई या ऊंचाई वाले इलाके में किया जा सकता है. 

पाकिस्तान के पोत और पनडुब्बियां 

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पाकिस्तान ने चीन के टाइप 053एच3 फ्रिगेट की नकल करके बना हुआ एफ-22पी जुल्फिकार क्लास फ्रिगेट है. इसके अलावा माइन काउंटरमेजर के लिए मुंसिफ कलास का पोस है, जिसे पाकिस्तान ने फ्रांस की मदद से बनाया है. इसके अलावा पाकिस्तान के पास फास्ट अटैक क्राफ्ट्स हैं. जो वह खुद बनाता है. इसका नाम है अजमत क्लास युद्धपोत. यह चीन के टाइप 03711 हुईजान क्लास मिसाइल बोट पर आधारित है. इसके अलावा मिसाइल बोट्स हैं. जलालत 2 क्लास और जुर्रत क्लास मिसाइल बोट्स. ये सब पाकिस्तान में बनते हैं. इनके अलावा पाकिस्तान में अगोस्टा 90बी क्लास सबमरीन भी बनाई जाती है. इसमें फ्रांस की मदद ली गई थी. 

मेड इन पाकिस्तान मिसाइलें 

पाकिस्तान के पास मिसाइलों और रॉकेट लॉन्चर्स की लंबी लिस्ट हैं. इसमें ज्यादातर छोटे और मीडियम रेंज की मिसाइलें हैं. इनका उत्पादन पाकिस्तान में ही होता है. इनके नाम हैं- अंजा मैनपैड्स, बर्क, बख्तर शिकन, बाबर यानी हत्फ-6, हत्फ-7, गौरी, शाहीन, जर्ब, गजनवी, अब्दाली, नस्र, अबाबील और हर्बा. इनमें से बाबर, हत्फ, गौरी, शाहीन, गजनवी के शॉर्ट और मीडियम रेंज की अलग-अलग मिसाइलें पाकिस्तान के पास मौजूद हैं. 

पाकिस्तान के इंफ्रैन्ट्री हथियार/छोटे हथियार

पाकिस्तान में क्लोज कॉम्बैट के लिए कई छोटे हथियार बनते हैं. हालांकि पाकिस्तान में कई छोटे हथियारों की अवैध मंडियां भी लगती हैं. सरकारी तौर पर जो बंदूके, असॉल्ट राइफल्स बनती हैं, वो हैं- HK-G3, G3A3, G3P4, POF PK-8, POF PK-7 असॉल्ट राइफल्स. HK MP5 सब मशीन गन और उसके पांच वैरिएंट्स बनते हैं. इसके अलावा POF PK-9, POF PK-10, POF PKL-30 पिस्टल. 

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इसके अलावा पाकिस्तान कुछ स्नाइपर राइफल्स और मशीन गन भी बनाता है.  ये हैं- जर्मनी के हेकलर एंड कोच एमएसजी-90 का पाकिस्तानी वर्जन पीएसआर-90 स्नाइपर राइफल, रीनमेटल एमजी 3 मशीन गन, टाइप 54 मशीन गन, एचएमजी पीके 16 हैवी मशीन गन, पीओएफ आई, अज्ब डीएमआर एमके1 सेमी ऑटोमैटिक स्नाइपर राइफल और लाइट स्नाइपर राइफल. इनमें से ज्यादातर लाइसेंस के तहत पाकिस्तान बना रहा है. यानी किसी न किसी बाहरी देश के बनाए गए बंदूक की नकल है. 

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