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'एक वक्त था जब नेहरू...', मलेशियाई PM ने उठाया अल्पसंख्यकों का मुद्दा! पीएम मोदी से क्या बोले?

मलेशिया के प्रधानमंत्री 19-21 अगस्त तक भारत दौरे पर हैं. अपने इस दौरे में उन्होंने भारत-मलेशिया संबंधों को आगे ले जाने की बात कही है. साथ ही उन्होंने उम्मीद जताई है कि भारत अल्पसंख्यकों के मुद्दों से निपटने के लिए अपनी सही भूमिका अदा करता रहेगा.

मलेशिया के प्रधानमंत्री अनवर इब्राहिम 21 अगस्त तक भारत दौरे पर हैं (Photo- Reuters) मलेशिया के प्रधानमंत्री अनवर इब्राहिम 21 अगस्त तक भारत दौरे पर हैं (Photo- Reuters)
aajtak.in
  • नई दिल्ली,
  • 21 अगस्त 2024,
  • अपडेटेड 3:42 PM IST

भारत दौरे पर आए मलेशिया के प्रधानमंत्री अनवर इब्राहिम ने मंगलवार को भारत में अल्पसंख्यकों का मुद्दा उठाया. उन्होंने कहा कि भारत सरकार को अल्पसंख्यकों या धार्मिक भावनाओं को आहत करने वाले 'कुछ गंभीर मुद्दों' का सामना करना पड़ता है. साथ ही उन्होंने उम्मीद जताई कि भारत अल्पसंख्यकों के मुद्दों से निपटने में अपनी सही भूमिका निभाता रहेगा.

दिल्ली में इंडियन काउंसिल ऑफ वर्ल्ड अफेयर्स के एक कार्यक्रम में बोलते हुए मलेशियाई प्रधानमंत्री ने कहा, 'मैं इस तथ्य से इनकार नहीं करता कि आपको (भारत सरकार को) अल्पसंख्यकों या धार्मिक भावनाओं को प्रभावित करने वाले कुछ गंभीर मुद्दों का सामना करना पड़ता है. लेकिन हमें आशा है कि भारत इससे निपटने के लिए अपनी सही भूमिका निभाता रहेगा.'

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उन्होंने आगे कहा, 'मैंने इसका जिक्र पीएम मोदी से भी किया है कि एक वक्त था जब नेहरू, झोऊ इनलाई (पूर्व चीनी प्रधानमंत्री), सुकर्णो (इंडोनेशिया के पहले राष्ट्रपति) और (जूलियस) न्यरेरे (तंजानिया के पूर्व राष्ट्रपति) मिलकर उपनिवेशवाद और साम्राज्यवाद के खिलाफ ग्लोबल साउथ के लिए खड़े रहे, संघर्ष किया ताकि ये सुनिश्चित किया जा सके कि हम मानवता, आजादी, पुरुषों और महिलाओं के सम्मान की बात को पहचान सकें.'

धीरे-धीरे ट्रैक पर आ रहे मलेशिया-भारत के रिश्ते

इब्राहिम ने यह बयान ऐसे वक्त में दिया है जब भारत और मलेशिया के द्विपक्षीय रिश्ते धीरे-धीरे ट्रैक पर आ रहे हैं. भारत ने जब 5 अगस्त 2019 को जम्मू-कश्मीर से अनुच्छेद 370 हटाया था तब मलेशिया के तत्कालीन प्रधानमंत्री महातिर मोहम्मद ने इसकी आलोचना की थी. नागरिकता संशोधन विधेयक (CAA) को लेकर भी महातिर ने भारत को घेरा था. भारत ने इसे लेकर कड़ी आपत्ति दर्ज कराई थी और मलेशिया से तेल आयात रोकने की बात कही थी.

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भारत-मलेशिया के रिश्ते अब धीरे-धीरे सुधर रहे हैं हालांकि, विवादित इस्लामिक उपदेशक जाकिर नाइक द्विपक्षीय रिश्तों को आगे बढ़ाने में बड़ी रुकावट बना हुआ है. नाइक साल 2016 में भारत से भाग गया था और 2018 में मलेशिया ने उसे शरण दे दी थी. नाइक पर भारत में भड़काऊ भाषण देने, मनी लॉन्ड्रिंग और आतंकवाद को बढ़ावा देने का आरोप है. जाकिर नाइक के खिलाफ 2019 में टेरर फंडिंग मामले में ईडी ने चार्जशीट भी दायर की थी.

जाकिर नाइक पर क्या बोले मलेशियाई पीएम

मलेशियाई प्रधानमंत्री इब्राहिम ने अपने भारत दौरे में जाकिर नाइक को लेकर भी बड़ा बयान दिया है. उन्होंने कहा है कि अगर भारत नाइक के खिलाफ पर्याप्त सबूत देता है कि उनकी सरकार नाइक को भारत प्रत्यर्पित करने के बारे में सोच सकती है.

अनवर इब्राहिम ने कहा कि पीएम मोदी से उनकी वार्ता में यह मुद्दा नहीं उठाया गया और दोनों देशों के संबध इस मुद्दे से प्रभावित नहीं होने चाहिए.

उन्होंने कहा, 'पहली बात ये कि भारतीय पक्ष ने इस मुद्दे को नहीं उठाया. पीएम मोदी ने बहुत पहले इस मुद्दे को उठाया था, कुछ साल पहले. हम आतंकवाद को माफ नहीं करेंगे. हम इसे लेकर सख्त रहे हैं और आतंकवाद के खिलाफ कई मुद्दों पर भारत के साथ मिलकर काम करते रहे हैं. लेकिन मेरा मानना है कि इस एक मामले को हमारे द्विपक्षीय संबंधों को आगे बढ़ाने की राह में नहीं आना चाहिए.'

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