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प्लास्टिक प्रदूषण का हल नहीं ढूंढ़ पाए 200 देश, साउथ कोरिया की मीटिंग में नहीं बनी बात

यह इंटरगवर्नमेंटल नेगोशिएटिंग कमेटी (INC) की पांचवीं बैठक थी, जो प्लास्टिक प्रदूषण पर कानूनी रूप से बाध्यकारी संधि का मसौदा तैयार करने के लिए 2022 से काम कर रही है. हफ्ते भर चली बातचीत में प्लास्टिक उत्पादन और हानिकारक रसायनों पर अंकुश लगाने की मांग करने वाले और केवल प्लास्टिक कचरे के प्रबंधन पर ध्यान केंद्रित करने वाले देशों के बीच गहरे मतभेद उजागर हुए.

प्लास्टिक प्रदूषण पर फिर नहीं बनी बात (प्रतीकात्मक फोटो) प्लास्टिक प्रदूषण पर फिर नहीं बनी बात (प्रतीकात्मक फोटो)
aajtak.in
  • सियोल,
  • 02 दिसंबर 2024,
  • अपडेटेड 3:47 AM IST

प्लास्टिक प्रदूषण से निपटने के लिए एक संधि को अंतिम रूप देने के लिए दक्षिण कोरिया के बुसान में आयोजित एक ग्लोबल मीटिंग रविवार को बिना किसी समझौते के समाप्त हो गई. बैठक में शामिल हुए देश प्लास्टिक प्रोडक्शन और फाइनेंस पर रोक लगाने जैसे महत्वपूर्ण मुद्दों पर चर्चा करने में विफल रहे.

अगले साल फिर मिलेंगे सभी देश

सभी देश वार्ता जारी रखने के लिए अगले साल फिर से मिलने पर सहमत हुए हैं. यह इंटरगवर्नमेंटल नेगोशिएटिंग कमेटी (INC) की पांचवीं बैठक थी, जो प्लास्टिक प्रदूषण पर कानूनी रूप से बाध्यकारी संधि का मसौदा तैयार करने के लिए 2022 से काम कर रही है.

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हफ्ते भर चली बातचीत में प्लास्टिक उत्पादन और हानिकारक रसायनों पर अंकुश लगाने की मांग करने वाले और केवल प्लास्टिक कचरे के प्रबंधन पर ध्यान केंद्रित करने वाले देशों के बीच गहरे मतभेद उजागर हुए.

मीटिंग में शामिल हुए 200 देश

मीटिंग में लगभग 200 देशों के वार्ताकार शामिल हुए. उन्होंने प्रमुख मुद्दों पर मतभेदों को खत्म करने के लिए शनिवार को बंद कमरे में चर्चा की, लेकिन रविवार को जारी किए गए मसौदे ने अधिकांश चिंताओं को अनसुलझा छोड़ दिया.

INC के अध्यक्ष लुइस वायस वाल्दिविसो (Luis Vayas Valdivieso) ने प्रतिनिधियों से कहा, 'हमने जो प्रगति की है, हमें उसे आगे बढ़ाना चाहिए. हमारी वार्ता को समाप्त करने के लिए आगे की तारीख में वर्तमान सत्र को फिर से शुरू करने पर एक आम सहमति बनी है.'

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