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US मास शूटिंग: जॉर्जिया के LG का ऐलान- टीचर्स स्कूल में गन ले जा सकें इसके लिए देंगे 10 हजार डॉलर

अमेरिका में फिर एक मास शूटिंग की घटना सामने आई है. एक हमलावर ने लेविस्टन में अंधाधुंध फायरिंग करके 22 लोगों को मौत के घाट उतार दिया है. इस घटना के बाद जॉर्जिया के एलजी ने कहा है कि वह स्कूल के टीचर्स को गन रखने के लिए 10 हजार डॉलर का भत्ता देना चाहते हैं.

सांकेतिक तस्वीर सांकेतिक तस्वीर
aajtak.in
  • नई दिल्ली,
  • 26 अक्टूबर 2023,
  • अपडेटेड 10:32 AM IST

गन कल्चर अमेरिका के लोगों के लिए अब नासूर बन गया है. वहां लोग स्कूल, पार्क, शॉपिंग मॉल, रेस्टोरेंट और यहां तक की अस्पताल में भी सुरक्षित नहीं हैं. पिछले एक साल में ही ऐसे दर्जनों केस आ चुके हैं, जब कोई शख्स अपनी गन लेकर अचानक सड़कों पर निकलता है. अंधाधुंध फायरिंग करता है. कभी 3, कभी 5 तो कभी 12 से 15 लोगों तक की जान चली जाती है. 

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अमेरिका के मैने (Maine) राज्य के लेविस्टन में मास शूटिंग का केस आया है. रॉबर्ट कार्ड नाम के शख्स ने 3 अलग-अलग स्थानों पर अंधाधुंध फायरिंग करके 22 लोगों की जान ले ली है. हालात इतने खराब होते जा रहे हैं कि जॉर्जिया राज्य के लेफ्टिनेंट गवर्नर अब टीचर्स के हाथ में बंदूक थमाना चाहते हैं. ताकी अगर कोई हमलावर स्कूल में मास शूटिंग करने की कोशिश करता है तो उससे निपटा जा सके. इस काम में अमेरिकी कर दाताओं का अच्छा खासा पैसा भी खर्च होगा.

हथियार चलाने की ट्रेनिंग मिले: LG

एलजी की मानें तो वह चाहते हैं कि उनका राज्य स्कूलों की सुरक्षा पर ज्यादा पैसे खर्च करे. इसके लिए टीचर्स और स्कूल के दूसरे कर्मचारियों को हथियार चलाने की ट्रेनिंग दिलाई जाएगी. इसमें सालाना करीब 10 हजार अमेरिकी डॉलर यानी करीब 8 लाख 32 हजार भारतीय रुपए का खर्च आएगा. इसके लिए बकायदा भत्ता भी दिया जाएगा.  उन्होंने स्कूल में सुरक्षा की गाइडलाइन सख्त करने और स्कूल में सुरक्षा अधिकारी तैनात करने की वकालत भी की है. 

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नियुक्ति पर सालाना 66 लाख का खर्च

हालांकि, इन नियुक्तियों पर भी सालाना 80 हजार अमेरिकी डॉलर यानी करीब 66 लाख 57 हजार भारतीय रुपए का खर्च आएगा. जॉर्जिया के LG की चिंता बेकार नहीं है. पहले भी अमेरिका का यह राज्य इस तरह के कई हमले झेल चुका है. सबसे पहले आपको ऐसी 5 घटनाओं के बारे में बताते हैं, जो जॉर्जिया के एलजी की चिंता का कारण हो सकती हैं.

जॉर्जिया में गन कल्चर की दहलाने वाली 5 घटनाएं

1. जॉर्जिया राज्य के केनेसॉ शहर में 19 साल के गेड्डी क्रेमर ने एक दिन अचानक अपने साथी कर्मचारियों पर अंधाधुंध फायरिंग कर दी. इस हमले में 6 लोग गंभीर रूप से घायल हो गए. अंत में गेड्डी ने खुद को ही शूट कर लिया. यह घटना अप्रैल 2014 में हुई थी.

फोटो: द अटलांटा जर्नल

2. दूसरी घटना जनवरी 2015 की है, जब जॉर्जिया की ट्रूप काउंटी के एक घर में 5 लोग मृत मिले थे. इस घटना का आरोप 26 साल के थॉमस जेसी ली पर लगा था. उसने अपनी पत्नी, सास, ससुर और पारिवारिक मित्र को गोली मार दी थी. इतना ही नहीं थॉमस ने गैगिंग डिवाइस की मदद से गला घोंटकर अपनी सौतेली बेटी को मौत के घाट उतार दिया था. बता दें कि गैगिंग डिवाइस का इस्तेमाल सांस के रोगी करते हैं.

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फोटो: द अटलांटा जर्नल

3. दिल दहला देने वाली ऐसी ही एक घटना जॉर्जिया की डगलस काउंटी में भी सामने आ चुकी है. यहां फरवरी 2015 में सेड्रिक प्रेथर नाम के शख्स ने अपनी पूर्व पत्नी और उसके प्रेमी और अपने बेटे की गोली मारकर हत्या कर दी थी. खुद को मारने से पहले उसने अपनी दो बेटियों और उनकी एक दोस्त को भी शूट किया था. इन तीनों में से एक लड़की की बाद में मौत हो गई थी.

फोटो: द अटलांटा जर्नल

4. जेफरी स्कॉट. जॉर्जिया की रॉकडेल काउंटी में रहने वाले इस शख्स ने 31 मई को 2015 को सड़क पर अंधाधुंध फायरिंग की थी. इस गोलीबारी में दो लोगों की मौत हो गई थी. शूट आउट को अंजाम देने के बाद हमलावर ने खुद को भी गोली मार ली थी.

फोटो: द अटलांटा जर्नल

5. जॉर्जिया की पांचवी घटना भी डराने वाली है. 22 जुलाई 2016 को मैथ्यू काइल फील्ड्स नाम के शख्स ने अपनी मां को फोन किया. उसने मां से कहा,'मैंने चार लोगों को गोली मार दी है, जिसमें मेरी पत्नी और दो बेटों की मौत हो चुकी है और ससुर गंभीर रूप से घायल हैं. इससे पहले की मां के फोन पर पुलिस मैथ्यू के घर पहुंचती, उसने खुद को भी गोली मार ली.

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फोटो: द अटलांटा जर्नल

स्कूल हमलावरों का पसंदीदा निशाना: ट्रंप

जॉर्जिया में गन कल्चर की दहशत भरी ये 5 घटनाएं ही नहीं हुई हैं, बल्कि ऐसी कई गुना ज्यादा घटनाएं यहां घट चुकी हैं. गन कल्चर के आतंक के कारण ही जॉर्जिया के एलजी कम से कम स्कूलों को इस तरह की घटनाओं से सुरक्षित करना चाहते हैं. अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति और रिपब्लिकन पार्टी के बड़े नेता डोनाल्ड ट्रंप भी स्कूलों में गन के साथ सुरक्षा अधिकारी नियुक्त करने के पक्ष में हैं. उनका मानना है कि ज्यादातर स्कूल ही हमलावरों का निशाना इसलिए बनते हैं, क्योंकि वहां कोई सुरक्षा अधिकारी गन के साथ तैनात नहीं होता. 

हालांकि, जॉर्जिया के एलजी की राय को लेकर वहां के लोग ही बंटे हुए हैं. जॉर्जिया एसोसिएशन ऑफ एजुकेटर्स की अध्यक्ष लिसा मॉर्गन का कहना है कि उनके संगठन से जुड़े शिक्षक स्कूलों में बंदूकें ले जाने वाले अधिकारियों का विरोध करते हैं. मॉर्गन का कहना है कि कक्षा में पढ़ाने वाले शिक्षकों को हथियार से लैस तो बिल्कुल भी नहीं होना चाहिए. उनका मानना है कि इस समस्या को हल करने का कोई और तरीका भी हो सकता है.

गल कल्चर के कारण US में 49 साल में 15 लाख मौतें

गन कल्चर की कीमत अमेरिका के लाखों लोगों को अपनी जान देकर चुकानी पड़ी है. मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक 1968 से लेकर 2017 तक अमेरिका में गोलीबारी से 15 लाख लोगों की जान गई. यह अमेरिका की आजादी के बाद से लड़े गए किसी भी युद्ध में मारे गए सैनिकों की संख्या से भी ज्यादा है. साल 2020 में ही मास शूटिंग के चलते 45 हजार लोगों की मौत हुई. स्वीडन बेस्ड एक रिसर्च संस्था के शोध के मुताबिक अमेरिका में प्रति 100 नागरिकों के पास 120 से ज्यादा हथियार हैं. अमेरिका में समय-समय पर गन कल्चर रोकने की मांग होती रही है.

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गन कल्चर को लेकर बंटा हुआ है अमेरिका का समाज

अमेरिकी संस्था Gallup के 2014 में किए गए सर्वे के मुताबिक 52 फीसदी अमेरिकी नागरिक गन कल्चर के खिलाफ कड़े कानून चाहते हैं, वहीं 35 फीसदी लोग ऐसे भी हैं, जो वर्तमान कानून से सहमत हैं. गन कल्चर को लेकर अमेरिका राजनीतिक तौर पर भी बंटा हुआ है. अमेरिका के डेमोक्रेट्स (जो बाइडेन की पार्टी) के 91 फीसदी लोग गन कल्चर के खिलाफ हैं तो वहीं महज 24 फीसदी रिपब्लिकन (डोनाल्ड ट्रंप की पार्टी) कानून लाने पर सहमत दिखाई देते हैं. अमेरिका के कई दबंग लोग गन कल्चर का समर्थन करते हैं. ऐसी ही एक संस्था है नेशनल राइफल एसोसिएशन. आंकड़ों के मुताबिक हर साल गन कल्चर के खिलाफ खर्च किए गए पैसों की तुलना में गन कल्चर के समर्थक उसे बढ़ावा देने में ज्यादा पैसे खर्च कर देते हैं.

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