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ChatGPT के सैम ऑल्टमैन को पछाड़कर इस भारतवंशी ने अमेरिका में जीता ये खिताब

सीएनएन बिजनेस स्टाफ ने सत्या नडेला को 'सीईओ ऑफ द ईयर' चुना है. वह ओपनएआई के सीईओ सैम ऑल्टमैन और चेस के सीईओ जेमी डिमोन को पछाड़कर यह खिताब हासिल किया है.

सत्या नडेला सत्या नडेला
aajtak.in
  • नई दिल्ली,
  • 27 दिसंबर 2023,
  • अपडेटेड 3:42 AM IST

साल 2023 में पूरी दुनिया में AI (Artificial Intelligence) का बोलबाला रहा है. देश-दुनिया की हर बड़ी टेक कंपनी इस तकनीक का इस्तेमाल कर रही है. ऐसे में एआई को लेकर माइक्रोसॉफ्ट की योजनाओं की वजह से नडेला को 'सीईओ ऑफ द ईयर' चुना गया है.

दुनिया की सबसे बड़ी टेक कंपनी माइक्रोसॉफ्ट ने AI में अरबों डॉलर का निवेश किया है. इस फैसले की वजह से कंपनी के सीईओ सत्या नडेला (Satya Nadella) को सीएनएन बिजनेस का 'सीईओ ऑफ द ईयर' चुना गया.

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माइक्रोसॉफ्ट हाल ही में ओपनएआई के साथ साझेदारी बढ़ाने का ऐलान कर चुका है. इसके तहत माइक्रोसॉफ्ट दरअसल अजार ओपनएआई सर्विस सहित अपने सभी उपभोक्ता और एंटरप्राइजेज प्रोडक्ट्स में ओपनएआई तकनीक का इस्तेमाल करेगा. इतना ही नहीं ओपनएआई में सुधार के लिए सुपरकंप्यूटिंग सिस्टम में भी निवेश किया जाएगा. 

नडेला के नेतृत्व में विंडोज की सफलता को भुनाने के बाद माइक्रोसॉफ्ट एक बार फिर टेक इनोवेटर के तौर पर उभर रहा है. इसी का नतीजा है कि इस साल अमेरिकी शेयर बाजार में माइक्रोसॉफ्ट के शेयरों में 55 फीसदी का उछाल देखने को मिला है.

नडेला ने ओपनएआई के सीईओ सैम ऑल्टमैन, चेस के सीईओ जेमी डिमोन और NVIDIA के सीईओ जेन्सेन हुआंग को पछाड़कर यह खिताब हासिल किया है.

यह साल AI का था

नडेला ने कहा कि इसमें कोई शक नहीं है कि 2023 AI का साल था. हम अब सिर्फ इनोवेशन की बातें नहीं कर रहे हैं. हमारे सामने नए-नए प्रोडक्ट ईजाद हो रहे हैं और दुनियाभर में लोकप्रिय भी हो रहे हैं. लेकिन यह इनोवेशन तभी कारगर साबित होगा, जब ये हमारे करियर में हमें सशक्त करें. हमारे देशों और हमारे समुदायों के काम आएं.

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बता दें कि 2018 से ही सीएनएन बिजनेस टीम हर साल के अंत में बिजनेस से जुड़े एक ऐसे शख्स का चुनाव करती है, जिसने उस साल वैश्विक पटल पर बेहतरीन काम किया है.

कौन है सत्य नडेला?

भारतीय मूल के अमेरिकी सत्य नडेला का जन्म 19 अगस्त 1967 को हैदराबाद में हुआ था. उनकी शुरुआती पढ़ाी हैदराबाद के ही स्कूल में हुई. वह इंजीनियरिंग की पढ़ाई करने के बाद उच्च शिक्षा के लिए अमेरिका चले गए थे. उन्होंने विस्कॉन्सिन यूनिवर्सिटी से मास्टर ऑफ साइंस और शिकागो यूनिवर्सिटी से एमबीए किया. 

वह 1992 में माइक्रोसॉफ्ट के साथ जुड़े थे. उन्हें सिर्फ 25 साल की उम्र में माइक्रोसॉफ्ट में सर्वर ग्रुप के साथ काम करने का मौका मिला था. उन्हें क्लाउड गुरु के नाम से भी जाना जाता है. वह माइक्रोसॉफ्ट के सीईओ बनने से पहले माइक्रोसॉफ्ट के क्लाउड और एंटरप्राइज ग्रुप के कार्यकारी उपाध्यक्ष थे.

माइक्रोसॉफ्ट के नए सीईओ के रूप में सत्य नडेला के नाम का ऐलान चार फरवरी 2014 को किया गया था. इससे पहले बिल गेट्स और स्टीव बाल्मर कंपनी के सीईओ थे.

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