
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और बांग्लादेश की सरकार के अंतरिम सलाहकार मोहम्मद यूनुस (Muhammad Yunus) ने बैंकॉक में BIMSTEC समिट से इतर मुलाकात की. शेख हसीना सरकार के तख्तापलट के बाद यह पीएम मोदी और यूनुस की पहली आधिकारिक मुलाकात थी. इस मुलाकात के बाद मोहम्मद यूनुस ने पीएम मोदी को एक खास गिफ्ट भी दिया.
मोहम्मद यूनुस ने बैंकॉक में पीएम मोदी के साथ द्विपक्षीय वार्ता के बाद उन्हें एक तस्वीर भेंट की. यह तस्वीर तीन जनवरी 2015 की है, उस समय पीएम मोदी ने मुंबई में 102वें इंडियन साइंस कांग्रेस के उद्घाटन समारोह के दौरान यूनुस को गोल्ड मेडल दिया था.
उन्हें सामाजिक विज्ञान के क्षेत्र में उल्लेखनीय योगदान के लिए यह सम्मान दिया गया था. इस आयोजन में 12,000 से ज्यादा प्रतिनिधि मौजूद थे. यह कार्यक्रम मुंबई विश्वविद्यालय में 3 से 7 जनवरी 2015 तक चला था.
इससे पहले बांग्लादेश ने पीएम मोदी से मोहम्मद यूनुस की मुलाकात के लिए औपचारिक अनुरोध किया था, जिसे भारत ने स्वीकार कर लिया था. इस अनुरोध के बाद दोनों नेताओं की मुलाकात हुई. यह एक द्विपक्षीय वार्ता थी, जो BIMSTEC शिखर सम्मेलन के इतर आयोजित की गई.
इस मुलाकात को भारत और बांग्लादेश संबंधों में मौजूदा तनावपूर्ण दौर के बीच एक महत्वपूर्ण कूटनीतिक कदम माना जा रहा है. इससे पहले दोनों नेताओं को थाईलैंड की प्रधानमंत्री पैतोंगतार्न शिनवात्रा की ओर से आयोजित डिनर में एक-साथ देखा गया था.
बता दें कि दोनों नेताओं की यह मुलाकात ऐसे समय पर हुई है, जब मोहम्मद यूनुस अपने चीन दौरे के दौरान राष्ट्रपति शी जिनपिंग के साथ वार्ता को लेकर विवादों में रहे हैं. चीन दौरे पर गए बांग्लादेश के मुख्य सलाहकार मोहम्मद यूनुस ने चीन की धरती पर कहा था कि इस क्षेत्र के समंदर का एक मात्र गार्जियन ढाका है. चीन को अपने देश में निवेश करने का न्योता देते हुए यूनुस ने कथित तौर पर भारत की मजबूरियां गिनाई थी और चीन को लुभाते हुए कहा था कि उसके पास बांग्लादेश में बिजनेस का बड़ा मौका है.