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UFO पर NASA की पहली पब्लिक मीटिंग, बताया- 800 से अधिक मामलों की हुई जांच

अज्ञात उड़ने वाली वस्तुओं (UFO) की जांच करने वाले नासा के पैनल ने कहा कि उन्होंने 800 से अधिक मामलों की जांच की है. वे यह पता लगाने की कोशिश कर रहे हैं कि क्या पृथ्वी के बाहर भी जीवन मौजूद है. इस दौरान 16 सदस्यीय टीम के विशेषज्ञों ने अपना-अपना एक्सपीरियंस शेयर किया.

UFO पर नासा की पहली पब्लिक मीटिंग UFO पर नासा की पहली पब्लिक मीटिंग
aajtak.in
  • नई दिल्ली,
  • 01 जून 2023,
  • अपडेटेड 1:25 AM IST

अमेरिकी अंतरिक्ष एजेंसी नासा आसमान में नजर आने वाली अज्ञात वस्तुओं यानी UFO को लेकर रिसर्च में जुटी है. इस रिसर्च को शुरू करने के लगभग एक साल बाद पहली बार नासा ने बुधवार देर रात (भारतीय समयानुसार) पब्लिक मीटिंग की. इस दौरान 16 सदस्यीय टीम के विशेषज्ञों ने अपना-अपना एक्सपीरियंस शेयर किया. इस टीम में रियाटर्ड अंतरिक्ष यात्री स्कॉट केली सहित नासा द्वारा चुने गये अन्य विशेषज्ञ शामिल हैं. स्कॉट केली पहले अमेरिका हैं, जिन्होंने अंतरिक्ष में करीब एक साल का समय बिताया था. इस पूरी मीटिंग को टेलीविजन पर भी प्रसारित किया गया.

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इस दौरान अज्ञात उड़ने वाली वस्तुओं (UFO) की जांच करने वाले नासा के पैनल ने कहा कि उन्होंने 800 से अधिक मामलों की जांच की है. वे यह पता लगाने की कोशिश कर रहे हैं कि क्या पृथ्वी के बाहर भी जीवन मौजूद है. मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक नासा के ऑल-डोमेन एनोमली रेजोल्यूशन ऑफिस (AARO) के डायरेक्टर सीन किर्कपैट्रिक ने कहा, "हमारे पास हर महीने 50 से 100 नई रिपोर्टें आती हैं. लेकिन इनमें से अजीब दिखने वाले मामलों की बात करें तो वे कुल डेटाबेस का 2 से 5 प्रतिशत ही हैं.

प्रारंभिक टिप्पणी के दौरान पैनल के अध्यक्ष डेविड स्पार्गेल ने कहा, "अगर मुझे एक लाइन में संक्षेप में बताना है कि मुझे क्या लगता है कि हमने सीखा है तो मैं कहना चाहूंगा कि हमें उच्च गुणवत्ता वाले डेटा की आवश्यकता है."

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पूरी रिपोर्ट जुलाई अंत तक होगी जारी

नासा ने कहा कि वाशिंगटन में एजेंसी के मुख्यालय में चार घंटे की पब्लिक मीटिंग का फोकस टीम द्वारा यूएफओ को लेकर रिपोर्ट प्रकाशित करने से पहले अंतिम विचार-विमर्श करना था. इस रिपोर्ट को जुलाई के अंत तक जारी करने की योजना है.

सोशल मीडिया पर हुआ उत्पीड़न- रिसर्चर

नासा के सीनियर रिसर्च ऑफिसर डैन इवांस ने कहा कि टीम के पास अभी कई महीनों का काम बचा हुआ है. लेकिन जब से उन्होंने अपना काम शुरू किया है तब से पैनल के सदस्यों को सोशल मीडिया पर खूब बुरा-भला कहा गया है. वहीं नासा के विज्ञान प्रमुख निकोला फॉक्स ने अपनी शुरुआती टिप्पणी के दौरान कहा, "आचोलना करने से केवल यूएपी क्षेत्र की रिसर्च को ही प्रभावित होगी. इससे वैज्ञानिक प्रक्रिया में काफी बाधा डालती है और ये दूसरों को इस महत्वपूर्ण मुद्दे का अध्ययन करने के लिए रोकता है."

यूएफओ की जांच पर गंभीर अमेरिकी सरकार

बता दें कि अमेरिका की सरकार UFO यानी अनआइडेंटिफाइड फ्लाइंग ऑब्जेक्ट्स के बारे में जानकारी जुटाने को लेकर गंभीरता से काम कर रही है. इसी के चलते Nasa ने वैज्ञानिकों की एक ऐसी टीम बनाई है, आकाश में होने वाली इन घटनाओं की जांच कर रही है. ये टीम UAP की जांच कर रही है. यूएपी यानी अनआइडेंटिफाइड फ्लाइंग फ‍िनॉमिना. ये UFO का ही रीब्रैंड वर्जन है.

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टीम में ये वैज्ञानिक हैं शामिल

इस टीम में डेविड स्परगल, एनामेरिया बेरिया, फेडरिका बेइनको, पाओला बॉनटेंपी, रेगी ब्रदर्स, जेन बस, नाडिया ड्रेक, माइक गोल्ड, डेविड ग्रीनस्पून, स्कॉट केली, मैट माउंटेन, वॉरेन रैन्डोल्फ, वॉटर स्कॉट, जोशुआ स्मेटर, कारलिन टोनरल और शैली रिट शामिल हैं. नासा का कहना है कि यूएपी के बारे में रिसर्च करनी इसलिए भी जरूरी है ताकि इससे एयरक्राफ्ट की सुरक्षा भी सुनिश्चित की जा सके.

2021 में पेंटागन की रिपोर्ट में हुआ था अलग दावा

इससे पहले 2021 में पेंटागन की एक रिपोर्ट में कहा गया था कि 2004 के बाद से सैन्य पायलटों द्वारा देखे गए 144 मामलों में से एक को छोड़कर सभी अस्पष्ट रहे हैं. अधिकारियों ने इस संभावना से इंकार नहीं किया है कि ये चीजें दूसरी दुनिया की हो सकती हैं.

क्या है यूएफओ? 

यूएफओ को हम आम सी भाषा में उड़न तश्तरी के नाम से जानते हैं. आए दिन हमें इससे जुड़ी खबरे मिलती रहती हैं. ये एक डिस्क की तरह की दिखाई देती हैं. यही कारण है कि इन्हें हम उड़न तश्तरी कहते हैं. कभी कभी ये केवल एक ही दिखाई देती है तो कभी कभी कई सारी उड़न तश्तरी हमें एक साथ उड़ती दिखाई देती हैं. इसे लेकर कई सारे मिथ हैं. जैसे इनमें एलियन उड़ते हैं, या ये दूसरे ग्रहों से आती हैं. 

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