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नेपाल में 6 तीव्रता का भूकंप, 2015 में यहीं पर हुई थी तबाही, 10 हजार लोगों की गई थी जान

नेपाल में बुधवार सुबह भूकंप का तगड़ा झटका महसूस किया गया है. काठमांडू से सटे सिन्धुपालचोक जिले के राम्चे में भूकंप का केंद्र था. भू-गर्भ मापन केन्द्र के अनुसार, भूकंप की तीव्रता रिक्टर स्केल पर 6.0 थी.

सांकेतिक तस्वीर सांकेतिक तस्वीर
सुजीत झा
  • पटना,
  • 16 सितंबर 2020,
  • अपडेटेड 8:38 AM IST
  • सिन्धुपालचोक जिले के राम्चे में था केंद्र
  • बिहार बॉर्डर पर भी महसूस किया गया झटका
  • किसी भी जानमाल के नुकसान की खबर नहीं

नेपाल में बुधवार सुबह भूकंप का तगड़ा झटका महसूस किया गया है. स्थानीय समयानुसार, सुबह 5:19 मिनट पर भूकंप का तेज झटका महसूस किया गया. काठमांडू से सटे सिन्धुपालचोक जिले के राम्चे में भूकंप का केंद्र था. भू-गर्भ मापन केन्द्र के अनुसार, भूकंप की तीव्रता रिक्टर स्केल पर 6.0 थी. 

सिन्धुपालचोक जिला के भोटेकोशी गाउंपालिका अध्यक्ष राजकुमार पौडेल ने बताया कि जिले में तीन बार भूकम्प के झटके महसूस किए गए. उन्होंने कहा कि भूकंप का झटका तेज था, लेकिन अब तक किसी भी नुकसान की खबर नहीं आई है. भूकंप यह झटका नेपाल के काठमांडू, सिन्धुपालचोक, पोखरा, चितवन, वीरगंज, जनकपुर तक महसूस किया गया.

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इसके अलावा भारत-नेपाल सीमा से लगे बिहार के जिलों में भी झटके महसूस किए गए. हालांकि, गनीमत की बात है कि यहां पर भी किसी भी तरह के जानमाल के नुकसान की खबर नहीं है.

2015 में इसी इलाके में आया था भूकंप
नेपाल मे 25 अप्रैल 2015 की सुबह 11 बजकर 56 मिनट पर भूकंप का जोरदार झटका महसूस किया गया था. भूकंप की तीव्रता 7.8 थी. भूकंप का केंद्र लामजुंग से 38 किलोमीटर दूर था और 15 किलोमीटर नीचे था. इस भूकंप ने राजधानी काठमांडु समेत कई शहरों को तबाह कर दिया था.

1934 के बाद पहली बार नेपाल में इतना प्रचंड तीव्रता वाला भूकंप आया था, जिसमें 10 हजार से अधिक लोगों की मौत हो गई थी. 18वीं सदी में निर्मित धरहरा मीनार पूरी तरह से नष्ट हो गई ती, अकेले इस मीनार के मलबे से 200 से ज्यादा शव निकाले गए थे. भूकंप के कारण एवरेस्ट पर हिमस्खलन भी हुआ था.

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