Advertisement

पाकिस्तान: हत्या समेत 13 मामलों में इमरान खान की पत्नी बुशरा को जमानत, बोलीं- अदालतों में अब मेरा विश्वास नहीं

पाकिस्तान के पूर्व प्रधानमंत्री इमरान खान की पत्नी बुशरा बीबी को आतंकवाद विरोधी अदालत से हत्या समेत 13 से अधिक मामलों में अंतरिम जमानत मिली है. बुशरा पर पिछले साल हुए विरोध प्रदर्शनों के आरोप थे. अदालत में सुनवाई के दौरान बुशरा ने जस्टिस सिस्टम को लेकर कहा कि अदालतों में अब उनका कोई विश्वास नहीं है.

इमरान खान, बुशरा बीबी इमरान खान, बुशरा बीबी
aajtak.in
  • नई दिल्ली,
  • 14 जनवरी 2025,
  • अपडेटेड 8:11 PM IST

पाकिस्तान के पूर्व प्रधानमंत्री इमरान खान की पत्नी बुशरा बीबी को पाकिस्तान की अदालत से 13 से ज्यादा मामलों में अंतरिम जमानत मिल गई है. यह जमानत आतंकवाद विरोधी अदालत के जज जस्टिस ताहिर अब्बास सुपरा की बेंच ने दी. बुशरा पर डी-चौक समेत पिछले साल हुए बड़े विरोध प्रदर्शनों के मामले में आरोप लगाए गए थे. इन मामलों में उन्हें 7 फरवरी तक के लिए जमानत मिली है.

Advertisement

बुशरा बीबी के अलावा, उनके पति इमरान खान और पार्टी के अन्य नेताओं के खिलाफ हत्या और अन्य धाराओं में मामले दर्ज किए गए थे. रिपोर्ट के मुताबिक, इमरान खान ने पार्टी नेतृत्व, बुशरा, खैबर पख्तूनख्वा के मुख्यमंत्री अली अमीन और अपनी बहन अलीमा खान को निर्देश दिए थे कि वे उन्हें जेल से छुड़ाने के लिए जो भी करना पड़े करे. इसको लेकर यह भी आरोप लगाए गए कि इमरान ने ऐसा कहकर हिंसा करने का निर्देश दिया था.

यह भी पढ़ें: पाकिस्तान: इस्लामाबाद में PTI कार्यकर्ताओं के प्रोटेस्ट के बाद इमरान खान पर दर्ज हुए 14 मामले

'अदालत पर मेरा विश्वास नहीं' - बोलीं बुशरा बीबी

सुनवाई के दौरान, जज ताहिर अब्बास सुपरा ने बुशरा बीबी से कहा, "कानूनी प्रक्रियाओं का पालन किया गया है, भले ही इसमें समय लगा हो." बुशरा ने जवाब दिया, "यह कोई मुद्दा नहीं है, लेकिन हमने अदालतों पर विश्वास खो दिया है." जज सुपरा ने असहमति जताते हुए उन्हें आश्वसन दिया, "हर जगह ऐसा नहीं है. जस्टिस सिस्टम, इसके दोषों के बावजूद, काम कर रही है. अगर यह ढह गई, तो समाज स्वयं अस्तित्त्व में नहीं रहेगा."

Advertisement

यह भी पढ़ें: जेल में बैठकर भी पूर्व पीएम इमरान खान PAK राजनीति में ला चुके भूचाल, क्या करीब है एक और तख्तापलट?

'देश में कानून है लेकिन न्याय नहीं'

बुशरा बीबी ने बताया कि हिरासत में रहने के दौरान कैसे उनका ब्लड प्रेशर 200 तक बढ़ गया था, और बावजूद इसके उनके खिलाफ फैसले दिए गए. उन्होंने कहा, "देश में कानून तो है, लेकिन न्याय नहीं है. संविधान की सर्वोच्चता को बनाए रखने के लिए पीटीआई संस्थापक को कैद किया गया है. हमने जो सहा है, उसने कानून पर हमारा विश्वास पूरी तरह से तोड़ दिया है."

Read more!
Advertisement

RECOMMENDED

Advertisement