
कुरैशी ने जामिया मिलिया और अलीगढ़ मुस्लिम यूनिवर्सिटी के हालिया घटनाक्रम पर ट्वीट में कहा, ‘नागरिकता संशोधन बिल का विरोध कर रहे जामिया मिलिया और अलीगढ़ मुस्लिम यूनिवर्सिटी के मुस्लिम छात्रों पर क्रूर और अंधाधुंध ताकत के इस्तेमाल को लेकर चिंतित हूं.’
कुरैशी ने एक और ट्वीट में कहा, ‘मोदी सरकार की ओर से हिन्दुत्व विचारधारा के तहत अल्पसंख्यकों के अधिकारों पर बंदिशें लगाना और उन्हें कमजोर करना जारी है. कश्मीर पर अवैध कब्जा, बाबरी मस्जिद, मुस्लिमों को अलग करने वाला नागरिकता संशोधन बिल, ये सब अल्पसंख्यकों पर आधिपत्य की दिशा में बढ़ने के लिए है.’
कुरैशी ने पाकिस्तान की राष्ट्रीय असेंबली में इस मुद्दे को दुनिया के शीर्ष प्लेटफॉर्म पर उठाने की बात कही. कुरैशी ने कहा, ‘पाकिस्तान सभी अंतरराष्ट्रीय मंचों पर मुद्दे को उठाएगा. साथ ही दुनिया को भारत में मुस्लिमों और अल्पसंख्यकों से किए जा रहे भेदभाव को लेकर अवगत कराएगा. दुनिया को पहले कश्मीर और अब अल्पसंख्यकों के साथ किए जा रहे बर्ताव अपनी चुप्पी तोड़नी चाहिए.’
बता दें कि CAB को लेकर पाकिस्तान के प्रधानमंत्री इमरान खान भी बयानबाजी कर चुके हैं. उनके इस बयान पर भारत के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रवीश कुमार ने कहा था, 'हमें नहीं लगता कि हमें पाकिस्तान पीएम के हर बयान का जवाब देना चाहिए. उनके सभी बयान अनुचित हैं, उन्हें भारत के आंतरिक मामलों पर टिप्पणी करने के बजाय पाकिस्तान में अल्पसंख्यकों की स्थिति पर ध्यान देना चाहिए.'