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नवाज के साथ सरकार बनाने का विरोध, PPP नेता चाहते हैं 'इमरान ही चुनें पाकिस्तान का PM'

पाकिस्तान में चुनाव के नतीजे साफ होने के बाद भी सरकार के गठन पर किसी भी पार्टी में बात फाइनल नहीं हो पाई है. बिलावल भुट्टो और नवाज शरीफ की पार्टी के बीच बात चल रही थी लेकिन अब तक की बातचीत बेनतीजा ही रही. पार्टी के कुछ नेता विपक्ष में बैठने का सुझाव दे रहे हैं और कह रहे हैं की इमरान की पार्टी को ही सरकार बनाने दिया जाना चाहिए.

इमरान खान, नवाज शरीफ, बिलावल भुट्टो जरदारी इमरान खान, नवाज शरीफ, बिलावल भुट्टो जरदारी
aajtak.in
  • नई दिल्ली,
  • 13 फरवरी 2024,
  • अपडेटेड 4:11 AM IST

पाकिस्तान में चुनाव के नतीजे घोषित किए जाने के बाद भी अगली सरकार का रास्ता साफ नहीं हो सका है. नवाज शरीफ और बिलावल भुट्टो जरदारी में सरकार के गठन पर अब तक की बातचीत बेनतीजा रही है. भुट्टो ने इस्लामाबाद में अपनी पार्टी के नेताओं के साथ मीटिंग की, जहां पार्टी नेताओं ने सुझाव दिया कि उन्हें विपक्ष में ही बैठना चाहिए.

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बिलावल भुट्टो की पाकिस्तान पिपुल्स पार्टी की एग्जीक्यूटिव कमेटी की मीटिंग में पार्टी के ज्यादातर नेताओं ने नवाज शरीफ के साथ सरकार बनाने का विरोध किया. सूत्रों ने बताया कि कुछ नेता चाहते हैं कि पार्टी को पीएमएल-एन के साथ गठबंधन में सरकार बनाने से बेहतर विपक्ष में ही बैठना चाहिए. साथ ही सुझाव दिया कि इमरान खान की पाकिस्तान तहरीक-ए-इंसाफ को ही सरकार बनाने दिया जाना चाहिए.

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पीपीपी ने सरकार गठन पर बातचीत के लिए बनाई कमेटी

पीपीपी सांसद शेरी रहमान ने कहा कि पार्टी ने अध्यक्ष बिलावल भुट्टो जरदारी के निर्देशों के मुताबिक, अन्य राजनीतिक दलों के साथ संपर्क शुरू करने के लिए एक समिति गठित करने का फैसला किया गया है. उन्होंने कहा कि पीपीपी की केंद्रीय कार्यकारी समिति की बैठक मंगलवार को भी होगी और अभी तक कोई अंतिम फैसला नहीं किया गया है. 

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मसलन, भुट्टों की पार्टी के नेताओं की मीटिंग में कोई फैसला नहीं हुआ है. बताया जा रहा है कि बिलावल भुट्टो मंगलवार को भी इस मुद्दे पर 3 बजे नेताओं के साथ मीटिंग करेंगे. पाकिस्तान के चुनाव में इमरान खान की पार्टी के चुनाव लड़ने पर बैन था और पार्टी नेताओं ने निर्दलीय चुनाव लड़ा था. चुनाव आयोग द्वारा घोषित फाइनल नतीजे में 100 से ज्यादा निर्दलीय उम्मीदवारों ने जीत हासिल की, जिसमें बड़ी संख्या पीटीआई समर्थित कैंडिडेट्स की है.

धांधली के आरोपों पर याचिकाएं कोर्ट से खारिज

चुनाव में पीटीआई समर्थित उम्मीदवारों ने धांधली के आरोप लगाए हैं. यह मुद्दा फिलहाल देश की अलग-अलग अदालतों के सामने है. लाहौर हाईकोर्ट के जज जस्टिस अली बकर नजफी ने फॉर्म 47 के आधार पर आम चुनाव के बाद निर्वाचन क्षेत्रों के परिणामों को चुनौती देने वाली 18 याचिकाओं को खारिज कर दिया है.

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एक स्थानीय मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक, याचिकाओं में पीएमएल-एन नेता नवाज शरीफ, शहबाज शरीफ, मरियम नवाज, हमजा शहबाज, ख्वाजा आसिफ, अताउल्लाह तरार और आईपीपी नेता अवन चौधरी की चुनावी जीत के खिलाफ याचिकाएं शामिल थीं. जज ने याचिकाकर्ताओं को इस मामले में पाकिस्तान चुनाव आयोग से संपर्क करने का निर्देश दिया है.

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सत्ता शेयरिंग पर भी चल रही शहबाज-बिलावल में बात

पाकिस्तान के जियो टीवी न्यूज की मानें तो पाकिस्तान मुस्लिम लीग-नवाज (पीएमएल-एन) और पाकिस्तान पीपुल्स पार्टी (पीपीपी) के बीच सत्ता शेयरिंग पर भी बात चल रही है. मसलन, पीपीपी के संसदीय अध्यक्ष आसिफ अली जरदारी, अध्यक्ष बिलावल भुट्टो और पीएमएल-एन अध्यक्ष और पूर्व पीएम शहबाज शरीफ ने इस मुद्दे पर लाहौर में मीटिंग की. जियो टीवी ने सूत्रों के हवाले से बताया कि मीटिंग में सत्ता शेयरिंग पर चर्चा की गई है. हालांकि, किसी भी तरह की कोई डील फिलहाल फाइनल नहीं हुई है.

पाकिस्तान के चुनाव में किसको, कितनी सीटें?

पाकिस्तान के चुनाव में नवाज शरीफ की पार्टी पीएमएल-एन को 73 सीटें मिली हैं जो कि बहुमत के आंकड़े 133 से बेहद कम है. वहीं बिलावल भुट्टो की पार्टी को 54 सीटें मिली हैं और इमरान खान की पार्टी उनके साथ साथ सरकार बनाने से इनकार कर चुकी है. एमक्यूएम को 17 सीटें मिली हैं. वहीं अन्य सीटें छोटे दलों को मिली हैं, जो बताया जा रहा है कि गठबंधन सरकार का हिस्सा हो सकते हैं.

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