
पाकिस्तान के बलूचिस्तान में बलूचिस्तान लिबरेशन आर्मी (बीएलए) के लड़ाकों द्वारा जाफर एक्सप्रेस ट्रेन हाईजैकिंग मामले में सुरक्षाकर्मियों को बड़ी कामयाबी मिली है. मीडिया रिपोर्ट के अनुसार, बलूचिस्तान पुलिस के आतंकवाद निरोधक विभाग ने ट्रेन हाईजैकिंग मामले में शामिल चार संदिग्ध लोगों को गिरफ्तार किया है. आरोप है कि इन लोगों ने 440 यात्रियों से भरी ट्रेन को हाईजैक करने में बीएलए को मदद की थी. ट्रेन हाईजैकिंग में 26 लोगों की मौत हुई, जिनमें 18 सुरक्षाकर्मी शामिल थे. पाकिस्तान सेना ने दावा किया था कि उन्होंने 33 लड़ाकों को मार गिराया और 354 यात्रियों को बचाया.
जाफर एक्सप्रेस ट्रेन पर हमला
बलूचिस्तान लिबरेशन आर्मी (बीएलए) के लड़ाकों ने 11 मार्च को क्वेटा से पेशावर जा रही जाफर एक्सप्रेस ट्रेन को हाईजैक किया था. इस दौरान ट्रेन में 440 यात्री सवार थे. लड़ाकों ने अपनी मांग मंगवाने के लिए पाक सरकार पर दबाव बना रही थी. इस घटना में लड़ाकों ने 26 लोगों को मौत के घाट उतार दिया, जिसमें 18 सुरक्षाकर्मी भी शामिल थे. पाक आर्मी के अधिकारियों ने बताया था कि रेस्क्यू ऑपरेशन इसलिए मुश्किल था क्योंकि बीएलए ने जिन लोगों को बंधक बनाया था, उनके बीच में ही कई सुसाइड बॉम्बर खड़े थे. ऑपरेशन के दौरान स्नाइपर्स ने सुसाइड बॉम्बर्स की पहचान कर उन्हें उड़ाया.
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गिरफ्तार किए गए चार संदिग्ध
बलूचिस्तान पुलिस के आतंकवाद निरोधक विभाग ने हिरासत में चार संदिग्ध लोगों को लिया है. आरोप है कि ये लोग बीएलए के लड़ाकों के सहयोगी थे. इस बात की पुष्टि करने के लिए वो इस पूरी घटना में शामिल थे, हमलावरों के हथियार, उपकरण और फिंगरप्रिंट को फॉरेंसिक जांच के लिए भेज दिए गए हैं.
बलूचिस्तान में बढ़ते हमले
बलूचिस्तान में पाकिस्तान की सेना के खिलाफ लोगों के बीच आक्रोश जारी है. सुरक्षाकर्मियों को लगातार निशाना बनाया जा रहा है. मंगलवार को ही कलात में हुए आईईडी ब्लास्ट की जिम्मेदारी बलूचिस्तान लिबरेशन आर्मी ने ली है.
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इस हमले में पांच सुरक्षाकर्मियों की जान चली गई. 10 मार्च के बाद से यह बीएलए द्वारा किया गया तीसरा बड़ा हमला है. बीएलए द्वारा लगातार किए जा रहे हमलों का चीन-पाकिस्तान आर्थिक गलियारा (सीपीईसी) पर पड़ रहा है.
बलूचिस्तान में पाकिस्तान के सुरक्षाकर्मियों के खिलाफ बढ़ती हिंसा सुरक्षा और कुटनीति दोनों के लिहाज से सरकार के लिए गंभीर चुनौती है. वहीं, जाफर एक्सप्रेस ट्रेन हाईजैकिंग मामले में बीएलए ने दावा किया था कि उन्होंने 100 से अधिक लोगों को मार गिराया था. अब ऐसे में इलाके में शांति बनाए रखने के लिए पाक सेना बलूच अलगाववादी समूहों के खिलाफ कार्रवाई तेज कर सकता है.