
हालिया कुछ वर्षों से गंभीर आर्थिक संकट से जूझ रहे पाकिस्तान भारत के साथ रिश्ते सुधारना चाहता है. नकदी संकट की वजह से पाकिस्तान की आर्थिक स्थिति बदहाल है. आईएमएफ की रिपोर्ट के मुताबिक, निवेश की कमी, राजकोषीय घाटा और बाहरी असंतुलन के कारण पाकिस्तान अगले कुछ वर्षों में पाकिस्तान विकास की सुस्त चाल से परेशान हो सकता है.
कर्ज के जाल में फंस चुका पाकिस्तान अपनी आर्थिक स्थिति को सुधारने के लिए भारत के साथ व्यापार संबंधों को फिर से शुरू करने पर विचार कर रहा है. पाकिस्तानी अखबार द एक्सप्रेस ट्रिब्यून के मुताबिक, पाकिस्तान के विदेश मंत्री इशाक डार ने गुरुवार को कहा है कि वह भारत के साथ व्यापार संबंधों को फिर से बहाल करने के लिए संबंधित पक्षों से बातचीत कर रहे हैं.
पत्रकारों से बात करते हुए डार ने यह भी कहा कि इस मुद्दे पर आम सहमति बनाने के लिए बिजनेसमैन के साथ पहले से ही चर्चा शुरू कर दी है. एक बार बिजनेसमैन के साथ आम सहमति बन जाती है तो हम स्टेकहोल्डर्स के साथ बातचीत की प्रक्रिया शुरू करेंगे. भारत के साथ व्यापार शुरू करने का कोई भी निर्णय सभी संबंधित लोगों से इनपुट के बाद ही लिया जाएगा.
पिछले महीने ही दिये थे संकेत
पाकिस्तान के विदेश मंत्री इशाक डार ने इससे पहले मार्च में आयोजित एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में भी भारत के साथ व्यापार संबंधों को फिर से बहाल करने का संकेत दिया था. डार ने कहा था कि पाकिस्तान के बिजनेसमैन दोनों देशों के बीच व्यापार संबंधों की बहाली चाहते हैं. इशाक डार के इस बयान की विपक्षी दलों और आलोचकों ने कड़ी आलोचना की थी.
हालांकि, डार ने गुरुवार को अपने उस बयान का बचाव करते हुए कहा है कि कई बिजनेसमैन ने उन्हें बताया था कि वे किसी तीसरे देश के माध्यम से भारत से सामान की आयात कर रहे थे. जिससे उन्हें अधिक लागत आती है. इसलिए वे दोनों देशों के बीच सीधे व्यापार संबंधों को फिर से बहाल करने के पक्ष में थे.
अगस्त 2019 से बंद है भारत और पाकिस्तान के बीच सीधा व्यापार
अगस्त 2019 में केंद्र की मोदी सरकार ने जम्मू कश्मीर से अनुच्छेद 370 के प्रभाव को खत्म कर दिया था. साथ ही जम्मू-कश्मीर को दो केंद्र शासित प्रदेश जम्मू कश्मीर और लद्दाख में बांट दिया था. भारत के इस फैसले का विरोध जताते हुए पाकिस्तान ने भारत से अपने सभी व्यापारिक संबंध तोड़ लिए थे. इसके बाद से पाकिस्तान लगातार यही कहता आ रहा है कि वह भारत के साथ तभी व्यापारिक संबंध बहाल करेगा जब जम्मू-कश्मीर को फिर से विशेष दर्जा दिया जाएगा.
हालांकि, 2019 के बाद दोनों देशों के बीच व्यापार संबंधों को बहाल करने के कई बार प्रयास किए गए हैं. इमरान खान जब पाकिस्तान के प्रधानमंत्री थे, उस वक्त भी पाकिस्तान ने भारत से व्यापारिक रिश्ते बहाल करने की कोशिश की थी. इसके अलावा, शहबाज शरीफ के कार्यकाल के दौरान भी एक बार भारत से व्यापारिक रिश्ते बहाल करने की कोशिश की गई थी.
एक नजर में दोनों देशों के बीच व्यापार
पाकिस्तान, भारत से कपास, ऑर्गेनिक केमिकल, प्लास्टिक, न्यूक्लियर रिएक्टर, बॉयलर्स, मशीनरी और मैकेनिकल डिवाइस जैसी चीजें इंपोर्ट करता था. भारत भी पाकिस्तान से कई चीजें आयात करता था. जैसे- फल और सूखे मेवे, नमक, सल्फर, पत्थर, कई तरह की धातुएं और चमड़ा आदि. ट्रेड सस्पेंड करने के बाद भी पाकिस्तान हालांकि दवाएं मंगाता रहा है क्योंकि उसके तुरंत बाद ही कोविड-19 का दौर आ गया था.