Advertisement

'इमरान खान का सिर कलम कर देना चाहिए था...', मरियम औरंगजेब के बयान से गरमाई PAK की सियासत

मरियम औरंगजेब ने कहा था कि 2014 में इमरान खान और उनकी पार्टी पीटीआई के सदस्यों का सिर कलम कर दिया जाना चाहिए था. मरियम औरंगजेब खुलेआम कह रही हैं कि 2014 में इमरान खान और पीटीआई के लोगों का सिर कलम कर देना चाहिए था. सरकार में आने पर इमरान खान अदियाला जेल में कैसे सुरक्षित रहेंगे.

इमरान खान इमरान खान
aajtak.in
  • इस्लामाबाद ,
  • 17 फरवरी 2024,
  • अपडेटेड 11:47 PM IST

पाकिस्तान में आम चुनाव के नतीजे आने के बाद भी सरकार का गठन नहीं हो पाया है. इमरान खान की पार्टी के निर्दलीय प्रत्याशी इस चुनाव में फर्जीवाड़े का आरोप लगा रहे हैं. इसी बीच PML-N की नेता मरियम औरंगजेब का एक बयान वायरल हो रहा है. इससे पाकिस्तान की सियासत गरमा गई है. 

मरियम औरंगजेब ने कहा था कि 2014 में इमरान खान और उनकी पार्टी पीटीआई के सदस्यों का सिर कलम कर दिया जाना चाहिए था. मरियम औरंगजेब खुलेआम कह रही हैं कि 2014 में इमरान खान और पीटीआई के लोगों का सिर कलम कर देना चाहिए था. सरकार में आने पर इमरान खान अदियाला जेल में कैसे सुरक्षित रहेंगे.

Advertisement

बता दें कि पाकिस्तान में इन दिनों सियासी हलचल मची हुई है. शनिवार को रावलपिंडी के आयुक्त लियाकत अली चट्ठा ने चुनावों में धांधली का आरोप लगाते हुए पद से इस्तीफा दे दिया. उन्होंने आरोप लगाया कि 8 फरवरी के आम चुनाव के नतीजों में उनकी निगरानी में 'हेरफेर' किया गया था.  लियाकत अली ने कहा कि मैं इस सारे गलत काम की जिम्मेदारी ले रहा हूं, उन्होंने आरोप लगाया कि मुख्य चुनाव आयुक्त और सुप्रीम कोर्ट के एक शीर्ष न्यायाधीश भी इस धांधली में शामिल थे. उन्होंने कहा कि हमने ऐसे निर्दलीय कैंडिडेट्स जो 70 से 80 हजार वोटों से आगे चल रहे थे, उन्हें धांधली कर हरवा दिया गया.

लियाकत अली ने कहा कि वह अपने "पद और नौकरी" से इस्तीफा दे रहे हैं, क्योंकि वह 2024 के चुनाव में धांधली जैसे गंभीर अपराध में शामिल थे. उन्होंने इसे लेकर एक लेटर भी लिखा है. ये लेटर पंजाब के राज्यपाल हाजी गुलाम अली, अंतरिम प्रांतीय मुख्यमंत्री मोहसिन नकवी और प्रांतीय मुख्य सचिव को संबोधित था.

Advertisement

पाकिस्तान के चुनाव में धांधली पर इमरान खान की बहन अलीमा खानम ने कहा था कि उन्होंने (पीएमएल-एन) ने लोगों का मैंडेट चुराया है. चुनाव में कई पीटीआई समर्थित उम्मीदवारों ने उन्हें जानबूझकर हराने का आरोप लगाया. अलीमा खानम ने बताया कि वोटों का अंतर जब 80 हजार होगा तो इसकी भरपाई कैसे की जाएगी? 80 हजार बैलट लाकर बॉक्स में तो नहीं डाल सकते, इसलिए इसकी भरपाई के लिए संबंधित उम्मीदवार के फॉर्म में बदलाव कर दिए गए.

Read more!
Advertisement

RECOMMENDED

Advertisement