
तालिबान पाकिस्तान के 5000-6000 उग्रवादियों के अफगानिस्तान में छिपे होने की आशंका है. पाकिस्तान के एक विशेष प्रतिनिधि आसिफ दुर्रानी ने दावा किया कि अगर आप उनके परिवार को भी जोड़ दें तो अफगानिस्तान में तालिबान पाकिस्तान के उग्रवादियों का आंकड़ा 70 हजार तक पहुंच सकता है.
आसिफ दुर्रानी ने बताया कि तहरीक-ए-तालिबान पाकिस्तान के साथ पहले की बातचीत बेनतीजा रही है, जहां उग्रवादी समूह टीटीपी सरेंडर करने को तैयार नहीं हैं. दुर्रानी के मुताबिक, उग्रवादी ना तो सरेंडर कर रहे हैं और ना ही वे पाकिस्तान के संविधान को स्वीकार करते हैं. इसकी तीसरी वजह है कि समूह कानूनी कार्रवाई से बचना चाहता है, जहां उसने कई बड़े अपराध किए हैं.
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टीटीपी को मुख्य धारा से जोड़ने की कोशिश
पाकिस्तान के पेशावर में स्थित आर्मी पब्लिक स्कूल पर टीटीपी ने ही हमला किया था, जिसमें कई स्टूडेंट्स मारे गए थे. पाकिस्तान सरकार की कोशिश है कि टीटीपी के लड़ाकों को मुख्यधारा से जोड़ा जाए और साथ ही उनके अपराध के लिए उन्हें सजा भी दी जाए, लेकिन समूह बातचीत से इनकार करता है.
अफगानिस्तान सरकार से नहीं मिली मदद
आसिफ दुर्रानी का कहना है कि पाकिस्तान ने अफगानिस्तान की अंतरिम सरकार से इस बारे में मदद भी मांगी और टीटीपी को सरेंडर कराने में मदद की अपील की थी लेकिन कोई मदद नहीं मिली. पाकिस्तान के उत्तरी वजीरिस्तान में एक पुलिस चौकी पर आतंकियों ने शुक्रवार को हमला किया था, जिसमें एक लेफ्टिनेंट कर्नल सहित सात कर्मियों की मौत हो गई थी.
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टीटीपी खूंखार आतंकवादियों के साथ युद्धविराम समझौते के बाद से पाकिस्तानी सैन्य कर्मियों पर हमला कर रहा है और सरकार 2022 से इसे रोक पाने में असफल रही है.
पाकिस्तान में आतंकी हमले बढ़े
सेंटर फॉर रिसर्च एंड सिक्योरिटी स्टडीज द्वारा जारी एक वार्षिक सुरक्षा रिपोर्ट के अनुसार, पाकिस्तान में 2023 में 789 आतंकी हमलों और आतंकवाद विरोधी अभियानों में हिंसा से संबंधित 1,524 मौतें और 1,463 घायल हुए - जो छह साल का रिकॉर्ड उच्चतम स्तर है. खैबर पख्तूनख्वा और बलूचिस्तान प्रांत हिंसा के प्राथमिक केंद्र थे, जहां 90 प्रतिशत से अधिक मौतें हुईं और 84 प्रतिशत हमले हुए, जिनमें आतंकवाद और सुरक्षा बलों के ऑपरेशन की घटनाएं भी शामिल थीं।