
ऐपल ने इसी महीने भारत के दो महानगरों मुंबई और दिल्ली में अपना स्टोर खोला है. ऐपल के सीईओ टिम कुक ने खुद भारत आकर इन स्टोर्स का उद्घाटन किया. उद्घाटन के दौरान दोनों ही स्टोर्स पर ग्राहकों की लंबी कतारें देखने को मिलीं. सोशल मीडिया पर कई तस्वीरें भी वायरल हुईं जिसमें कुक ग्राहकों के साथ सेल्फी खिंचाते दिख रहे थे. भारत में ऐपल स्टोर्स को लेकर पाकिस्तान से भी प्रतिक्रिया आई है. पाकिस्तानियों का कहना है कि भारत के लोग जहां ऐपल स्टोर्स के बाहर लाइन लगा रहे हैं, वहीं पाकिस्तान के लोग मुफ्त राशन की लंबी कतारों में खड़े होने को मजबूर हैं.
भारत में विदेशी निवेशकों के लिए अनुकूल माहौल की तारीफ करते हुए एक पाकिस्तानी यूजर ने ट्विटर पर लिखा, 'पाकिस्तान का भारत से तुलना करने का स्वांग आखिरकार खत्म हो गया. हम भारत के साथ तुलना में कहीं भी खड़े नहीं होते. पाकिस्तान के नेताओं ने बस भारत के खिलाफ रक्षा बजट के नाम पर भारी संपत्ति जमा की है.'
एक यूजर ने अपने ही देश पर तंज करते हुए कहा, 'मुंबई में पहला ऐपल स्टोर खुलने पर भारतीय जश्न मना रहे हैं और पाकिस्तान अपने चिड़ियाघर के जानवरों या अपनी मुद्रा, यहां तक कि अपने संस्थानों की भी देखभाल नहीं कर पा रहा है.'
एक अन्य पाकिस्तानी यूजर ने लिखा, 'एक तरफ मुंबई है जहां ऐपल स्टोर के बाहर सैकड़ों लोग कतार में खड़े हैं, वहीं दूसरी तरफ पाकिस्तान है, जहां सैकड़ों लोग मुफ्त राशन लेने के लिए कतार में खड़े हैं.'
एक यूजर ने कहा कि दोनों देशों के लोग स्वाभाविक रूप से एक-दूसरे से अलग नहीं हैं. यूजर ने लिखा, 'भारत और पाकिस्तान के विभाजन का उद्देश्य दोनों देशों के बीच दुश्मनी पैदा करना नहीं था, बल्कि इसके जरिए दो मित्र देशों की स्थापना करना था. दोनों देशों के बीच दुश्मनी बढ़ाने के पीछे हमारे नेता हैं जिन्होंने लोगों को बांट रखा है.'
भारत में विदेशी निवेश का स्वागत और पाकिस्तान में....
पाकिस्तान के कुछ यूजर्स पाकिस्तान की एक हालिया घटना का भी जिक्र कर रहे हैं जिसमें एक चीनी इंजीनियर को ईशनिंदा के आरोप में हिरासत में लिया गया है. पाकिस्तानी यूजर्स ने भारत की तारीफ करते हुए कहा कि भारत में विदेशियों और विदेशी निवेश के लिए स्वागत योग्य वातावरण है जबकि पाकिस्तान में स्थिति बिल्कुल उलट है. उन्होंने लिखा कि पाकिस्तान में विदेशी निवेशकों के लिए प्रतिकूल वातावरण है.
दरअसल, कुछ दिनों पहले (17 अप्रैल को) पाकिस्तान में चाइना गैजौबा ग्रुप कंपनी के एक इंजीनियर चीनी नागरिक पर पाकिस्तान में ईशनिंदा का आरोप लगाया गया और उसे दो हफ्ते के लिए हिरासत में ले लिया गया.
चीनी नागरिक इस्लामाबाद से लगभग 350 किमी उत्तर में दसू हाइड्रोपावर प्रोजेक्ट के एक कैंप में तैनात था. रमजान के दौरान नमाज के लिए लंबे ब्रेक और काम की धीमी गति को लेकर स्थानीय स्टाफ से उसकी तीखी बहस हो गई. बताया गया कि इस दौरान उसने कथित रूप से पैगंबर का अपमान किया जिसके बाद उस पर हमला करने के लिए भीड़ जमा हो गई. हालांकि, जल्द ही पुलिस ने पहुंचकर चीनी नागरिक को हिरासत में ले लिया जिससे मामला शांत हुआ.
पाकिस्तान में विदेशी असुरक्षित, बंद हो रहे दूतावास
पाकिस्तान में चीनी नागरिकों की सुरक्षा को लेकर भी सवाल उठते रहे हैं. पिछले साल अप्रैल में पाकिस्तान के कराची यूनिवर्सिटी में एक आत्मघाती हमला हुआ था जिसमें तीन चीनी नागरिकों की मौत हो गई थी.
स्वीडन ने भी इसी महीने इस्लामाबाद स्थित अपने दूतावास को सुरक्षा कारणों का हवाला देते हुए बंद कर दिया था. दूतावास ने एक बयान जारी कर कहा था कि सुरक्षा कारणों से दूतावास को अनिश्चित काल के लिए बंद किया जा रहा है. बयान में कहा गया था कि स्टाफ की सुरक्षा हमारी पहली प्राथमिकता है.