
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी G-7 बैठक में हिस्सा लेने शुक्रवार को जापान के हिरोशिमा पहुंच गए हैं. पीएम मोदी ने कहा है कि भारत अपनी संप्रभुता और सम्मान की रक्षा करने के लिए पूरी तरह से तैयार और प्रतिबद्ध है.
उन्होंने निक्केई एशिया को दिए इंटरव्यू में चीन के साथ सीमा विवाद पर भी बात की. प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि सीमावर्ती इलाकों में शांति और सौहार्द चीन के साथ सामान्य द्विपक्षीय संबंधों के लिए बहुत जरूरी है. भारत और चीन संबंधों में सुधार आपसी हितों और एक-दूसरे के सम्मान के साथ ही संभव है.
उन्होंने कहा कि चीन के साथ संबंधों को सामान्य करने से क्षेत्र को ही नहीं बल्कि पूरी दुनिया को लाभ होगा.
पाकिस्तान को दी नसीहत
प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि भारत अपने पड़ोसी देशों के साथ सामान्य संबंध चाहता है. अब यह उन देशों की जिम्मेदारी है कि वे आतंकवाद और दुश्मनी से मुक्त एक अनुकूल माहौल तैयार करें. इस संबंध में जरुरी कदम उठाने की जिम्मेदारी पाकिस्तान की है.
रूस, यूक्रेन युद्ध में मध्यस्थ की भूमिका निभाने के बारे में पूछे गए सवाल पर पीएम मोदी ने कहा कि यूक्रेन युद्ध पर भारत का रुख बहुत ही स्पष्ट और तटस्थ रहा है. उन्होंने कहा कि भारत शांति के पक्ष में खड़ा है और खड़ा रहेगा. हम जरुरतमंदों की मदद करते रहेंगे. हम रूस और यूक्रेन दोनों के साथ संवाद बनाए रखेंगे.
संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद में भारत की स्थाई सीट से जुड़े सवाल पर उन्होंने कहा कि संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद की विश्वसनीयता और फैसला लेने की उनकी प्रक्रिया पर सवाल उठते रहेंगे. अगर दुनिया के सबसे बड़े लोकतंत्र को यूएनएससी में स्थाई सदस्य बनने से यूं ही महरूम रखा गया.
बता दें कि जापान के हिरोशिमा में 19 से 21 मई तक G-7 शिखर सम्मेलन का आयोजन होने जा रहा है. इस दौरान पीएम मोदी खाद्य, फर्टिलाइजर और ऊर्जा सुरक्षा सहित वैश्विक चुनौतियों पर बात कर सकते हैं.
G-7 समूह के मौजूदा अध्यक्ष के रूप में जापान इस सम्मेलन की मेजबानी कर रहा है. विकसित देशों के इस समूह के कनाडा, फ्रांस, जर्मनी, इटली, जापान, ब्रिटेन और अमेरिका सदस्य हैं जबकि भारत को इसमें अतिथि देश के रूप में आमंत्रित किया गया है.
भारत 20 और 21 मई को सम्मेलन के दो औपचारिक सत्रों में हिस्सा ले सकता है. इसके अलावा पीएम मोदी जी-7 सम्मेलन में हिस्सा लेने वाले नेताओं के साथ द्विपक्षीय बैठकें भी कर सकते हैं.
भारत से रवाना होने से पहले मोदी ने कहा था कि G-7 सम्मेलन में उनकी उपस्थिति G-20 के अध्यक्ष देश के तौर पर काफी महत्वपूर्ण है.
मालूम हो कि प्रधानमंत्री मोदी जापान से सीधे पापुआ न्यू गिनी जाएंगे, जहां वह 22 मई को वहां के प्रधानमंत्री जेम्स मरापे के साथ संयुक्त रूप से फोरम फॉर इंडिया पैसिफिक आइलैंड्स कॉरपोरेशन (एफआईपीआईसी) के तीसरे सम्मेलन की मेजबानी करेंगे.