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रूस में ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेजेश्कियन से मिले PM मोदी, इजरायल युद्ध पर की चर्चा

रूस के कजान में ब्रिक्स सम्मेलन के इतर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और ईरान के राष्ट्रपति मसूद पजेश्कियन ने पश्चिम एशिया में शांति की पहल और भारत-ईरान संबंधों को मजबूत बनाने पर चर्चा की. चाबहार पोर्ट और INSTC जैसे अहम परियोजनाओं पर ध्यान केन्द्रित करते हुए, भारत ने क्षेत्रीय बातचीत और कूटनीति की वकालत की.

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aajtak.in
  • नई दिल्ली,
  • 22 अक्टूबर 2024,
  • अपडेटेड 11:50 PM IST

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मंगलवार को रूस के कजान में 16वें ब्रिक्स सम्मेलन के दौरान ईरान के राष्ट्रपति मसूद पजेश्कियन से मुलाकात की. पजेश्कियन के जुलाई में हुए स्नैप चुनावों में जीत के बाद पीएम मोदी से उनकी यह पहली मुलाकात थी. बैठक में पश्चिमी एशिया में शांति की जरूरतों और भारत की भूमिका पर चर्चा हुई.

इजरायल-ईरान के बीच तनाव को लेकर भी चर्चा हुई. प्रधानमंत्री मोदी ने राष्ट्रपति पजेश्कियन को भारत दौरे का न्योता भी दिया, जिसे राष्ट्रपति ने स्वीकार किया है. दोनों नेताओं ने प्रमुख क्षेत्रों में सहयोग को मजबूत करने के उपायों पर भी बातचीत की, जिसमें चाबहार पोर्ट और अंतर्राष्ट्रीय उत्तर-दक्षिण परिवहन गलियारा (INSTC) शामिल हैं.

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विदेश सचिव विक्रम मिस्री ने मीडिया से बातचीत में कहा, "दोनों नेताओं ने पश्चिम एशिया की स्थिति पर भी चर्चा की. प्रधानमंत्री मोदी ने बढ़ते संघर्ष पर गहरी चिंता जाहिर की और नागरिकों की सुरक्षा और नागरिकों को होने वाले नुकसान की रोकथाम के लिए भारत के आह्वान को दोहराया. उन्होंने तनाव कम करने के लिए बातचीत और कूटनीति की आवश्यकता पर जोर दिया."

बातचीत और कूटनीति के जरिए विवादों को हल करने की अपील

विदेश सचिव विक्रम मिसरी ने बताया कि नेताओं की बातचीत अच्छी रही. पश्चिमी एशिया की स्थिति पर चर्चा के दौरान, प्रधानमंत्री मोदी ने बढ़ते संघर्ष पर गंभीर चिंता जाहिर की और नागरिकों की सुरक्षा की वकालत की. उन्होंने तनाव कम करने के लिए बातचीत और कूटनीति की जरूरतों पर जोर दिया.

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भारत संघर्ष को कम करने में निभा सकता है भूमिका

राष्ट्रपति पजेश्कियन ने क्षेत्र में शांति और सद्भाव की जरूरतों पर जोर दिया और कहा कि भारत के सभी संबंधित पक्षों के साथ अच्छे संबंध होने के कारण भारत संघर्ष को कम करने में अहम भूमिका निभा सकता है. प्रधानमंत्री मोदी ने राष्ट्रपति पजेश्कियन को उनके हाल के जीत पर बधाई दी और ईरान के साथ प्राचीन द्विपक्षीय संबंधों को गहरा करने की प्रतिबद्धता जताई.

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चाबहार पोर्ट को लेकर अहम चर्चा

दोनों नेताओं ने साझा ऐतिहासिक संबंधों को मजबूत करने के उपायों पर भी चर्चा की. बैठक में चाबहार पोर्ट और INSTC के महत्व खास चर्चा की गई, जो क्षेत्रीय संपर्क और आर्थिक साझेदारी के लिए अहम हैं. अफगानिस्तान के पुनर्निर्माण और सेंट्रल एशिया के साथ व्यापारिक और आर्थिक संबंधों को बढ़ावा देने में चाबहार पोर्ट की भूमिका पर जोर दिया गया.

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