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'21 मिलियन डॉलर मेरे दोस्त PM मोदी को...', USAID फंडिंग पर फिर बोले डोनाल्ड ट्रंप

राष्ट्रपति ट्रंप का यह ताजा बयान उस रिपोर्ट के बाद आया है जिसमें दावा किया गया है कि 2022 में 21 मिलियन डॉलर का अनुदान भारत के लिए नहीं बल्कि बांग्लादेश के लिए मंजूर किया गया था. 

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप.
aajtak.in
  • नई दिल्ली,
  • 22 फरवरी 2025,
  • अपडेटेड 4:34 PM IST

अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने लगातार तीसरे दिन 'वोटर टर्नआउट' के लिए कथित रूप से भारत को मिले 21 मिलियन डॉलर का मुद्दा उठाया है. भारत में इस मुद्दे पर कांग्रेस और भाजपा के बीच तीखी नोकझोंक चल रही है. ट्रंप का यह ताजा बयान उस रिपोर्ट के बाद आया है जिसमें दावा किया गया है कि 2022 में 21 मिलियन डॉलर का अनुदान भारत के लिए नहीं बल्कि बांग्लादेश के लिए मंजूर किया गया था. 

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राष्ट्रपति ट्रंप ने एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा, "मेरे मित्र प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और भारत को 'वोटर टर्नआउट' के लिए 21 मिलियन डॉलर दिए जा रहे हैं. हम भारत में मतदान के लिए 21 मिलियन डॉलर दे रहे हैं. हमारा क्या? मैं भी तो मतदान बढ़ाना चाहता हूं."

इस प्रेस कॉन्फ्रेंस में राष्ट्रपति ट्रंप ने बांग्लादेश को मिले 29 मिलियन डॉलर अमेरिकी मदद का भी जिक्र किया. ट्रंप ने कहा कि बांग्लादेश को 29 मिलियन डॉलर राजनीतिक परिदृश्य में स्थिरता लाने के लिए दिए गए. उन्होंने कहा, "बांग्लादेश में 29 मिलियन अमेरिकी डॉलर एक ऐसी फर्म को दे दिए गए, जिसके बारे में किसी ने कभी सुना ही नहीं था. उस फर्म में केवल दो लोग काम कर रहे थे."


बता दें कि अमेरिकी सरकार की एजेंसी USAID की ओर से कथित रूप से भारत को दिए गए मदद का मुद्दा देश में राजनीतिक टकराव की वजह बन गया है. 

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इस वीडियो को एक्स पर वीडियो पोस्ट करते हुए BJP आईटी सेल के प्रमुख अमित मालवीय ने रिपोर्ट और विपक्ष पर कटाक्ष किया. गौरतलब है कि 
विपक्ष ने इसी मुद्दे को लेकर बीजेपी पर हमला किया था. 

अमित मालवीय ने कहा, "लगातार तीसरे दिन, अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने भारत में मतदान को बढ़ावा देने के लिए USAID द्वारा फंडिंग प्रयासों के बारे में अपना दावा दोहराया..."

USAID का मामला है क्या

दरअसल डोनाल्ड ट्रंप ने सरकारी खर्चे में कटौती के लिए एक नया विभाग बनाया है. Department of Government Efficiency (DOGE) नाम का ये विभाग अमेरिकी सरकार के खर्चे में कटौती कर रहा है. ट्रंप ने टेस्ला के मालिक एलन मस्क को इस विभाग का प्रमुख नियुक्त किया है. 

ट्रंप ने इसी सिलसिले में अमेरिकी सरकार की एजेंसी USAID से भारत को कथित रूप से मिल रही 21 मिलियन डॉलर यानी कि 182 करोड़ रुपये की मदद पर रोक लगा दी है. 

इसके अलावा अमेरिका बांग्लादेश में राजनीतिक स्थिरता को बढ़ावा देने और लोकतांत्रिक शासन को बढ़ाने के लिए अमेरिकी सरकार 29 मिलियन डॉलर की मदद दे रही थी. यूएस प्रशासन ने अब इस रकम पर रोक लगा दी है. 

मस्क का एक्शन, भारत में रिएक्शन

मस्क ने भारत को मिलने वाली 21 मिलियन डॉलर पर रोक तो लगा दी. लेकिन भारत में ये बवाल खड़ा हो गया कि अतीत में ये रकम मिली किसे है. इस मुद्दे को लेकर कांग्रेस और बीजेपी एक दूसरे पर आरोप-प्रत्यारोप लगा रहे हैं. 

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ट्रंप प्रशासन के इस खुलासे के चार दिन बाद भारत सरकार ने इस मुद्दे पर अपनी चुप्पी तोड़ते हुए आरोपों को "बहुत परेशान करने वाला" बताया. विदेश मंत्रालय ने भारत के आंतरिक मामलों में विदेशी हस्तक्षेप को लेकर चिंता जताई. विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता ने शुक्रवार को मीडिया ब्रीफिंग में कहा, "भारत में कई विभाग और एजेंसियां ​​हैं जो USAID के साथ काम करती हैं. ये सभी मंत्रालय और एजेंसियां ​​अब इस पर विचार कर रही हैं."

ट्रंप ने USAID का मुद्दा कब-कब उठाया?

DOGE की ओर से इस फंडिंग को रद्द करने के बाद ट्रंप इस मुद्दे को बार-बार उठा रहे हैं और अमेरिका की पूर्ववर्ती बाइडेन सरकार को घेर रहे हैं. 

पहली बार 
इस सप्ताह की शुरुआत में, ट्रम्प ने इस विवाद को उठाकर भिड़ के छत्ते में हाथ डाल दिया. ट्रंप ने बाइडेन प्रशासन पर सवाल उठाते हुए संकेत दिया था कि इसका इस्तेमाल 2024 के लोकसभा चुनावों में हस्तक्षेप करने के लिए किया जा सकता है. हालांकि, ट्रम्प ने अपने आरोपों का कोई सबूत नहीं दिया है. 

ट्रंप ने कहा, "भारत में वोटर टर्नआउट के लिए 21 मिलियन अमरीकी डॉलर. हमें भारत में मतदान के लिए 21 मिलियन अमरीकी डॉलर खर्च करने की क्या ज़रूरत है? मुझे लगता है कि वे (बाइडेन प्रशासन) किसी और को निर्वाचित करने की कोशिश कर रहे थे. हमें भारत सरकार को बताना होगा... यह पूरी तरह से एक बड़ी सफलता है,". 

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दूसरी बार 
शुक्रवार को उन्होंने रिपबल्किन गवर्नर के सम्मेलन में इन आरोपों को फिर से दोहराया. और USAID की फंडिंग को 'किकबैक स्कीम' कहा. ट्रंप ने कहा कि भारत में वोटर टर्नआउट के लिए 21 मिलियन डॉलर. हम भारत में वोटर टर्नआउट की चिंता क्यों कर रहे हैं? हमारे पास पहले से ही बहुत सारी समस्याएं हैं. पता है यह एक किकबैक स्कीम है." 

अब शनिवार को ट्रंप ने तीसरी बार इस मुद्दे को उठाया है. 

कांग्रेस का वॉर

कांग्रेस नेता पवन खेड़ा ने एक मीडिया रिपोर्ट का हवाला देते हुए कहा कि  यह भाजपा ही है जो सबसे लंबे समय तक विपक्ष में रही है और उसने कांग्रेस सरकारों को अस्थिर करने के लिए "बाहरी ताकतों से सीधी मदद" ली है. बता दें कि इंडियन एक्सप्रेस की एक रिपोर्ट में कहा गया था कि USAID की ओर से दी गई 21 मिलियन डॉलर की मदद भारत नहीं बल्कि बांग्लादेश के लिए थी. 

हालांकि अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के बयान से इस रिपोर्ट पर सवाल खड़े हुए हैं. 

खेड़ा ने ट्वीट किया, "क्या यह भाजपा का राष्ट्र-विरोधी होना नहीं है कि वह तथ्यों की पुष्टि किए बिना और यह समझे बिना कि भाजपा सबसे लंबे समय तक विपक्ष में रही है और समय-समय पर सरकार को अस्थिर करने के लिए बाहरी ताकतों से सीधी और अनैतिक मदद लेती रही है, विपक्षी दलों पर तुरंत उंगली उठाना शुरू कर दे?" 

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उन्होंने कहा कि अगर अनुदान वास्तव में भारत को दिया गया था, तो यह भाजपा के मुंह पर तमाचा है. खेड़ा ने कहा, "अजित डोभाल, आईबी और RAW कहां हैं? अगर 21 मिलियन अमेरिकी डॉलर आपके देश में आ सकते हैं, तो यह उनके (भाजपा के) चेहरे पर तमाचा है. बाद में उन्होंने अपना बयान बदल दिया था और कहा था कि पैसा 2012 में आया था, क्या उन्होंने उस पैसे से 2014 का चुनाव जीता था?"

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