
रूस में बुधवार को एक विमान हादसे में येवगेनी प्रिगोझिन की मौत के दावे के बीच राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने वैगनर लड़ाकों को रूसी राज्य के प्रति निष्ठा की शपथ पर हस्ताक्षर करने का आदेश दिया है. क्रेमलिन के प्रिगोझिन को मरवाए जाने वाले दावों को झूठा बताए जाने के बाद शुक्रवार को पुतिन ने एक तत्काल प्रभाव से बदलाव लाने वाले डिक्री पर हस्ताक्षर किए.
न्यूज एजेंसी के मुताबिक वैगनर और अन्य निजी सैन्य प्रमुखों के लिए पुतिन द्वारा अनिवार्य शपथ की शुरूआत सख्ती के तौर पर देखी जा रही है. क्रेमलिन की वेबसाइट पर प्रकाशित डिक्री में कहा गया है कि सेना की ओर से काम करने वाले या मॉस्को द्वारा यूक्रेन में अपने "विशेष सैन्य अभियान" का समर्थन करने वाले किसी भी व्यक्ति को रूस के प्रति निष्ठा की औपचारिक शपथ लेने के लिए बाध्य करती है.
डिक्री में इसे रूस की रक्षा की आध्यात्मिक और नैतिक नींव बनाने के कदम के रूप में वर्णित किया गया है. शपथ के शब्दों में एक पंक्ति शामिल है जिसमें लिखा है, "शपथ लेने वाले लोग कमांडरों और वरिष्ठ नेताओं के आदेशों का सख्ती से पालन करने का वादा करते हैं."
प्राइवेट आर्मी है वैगनर
बता दें कि वैगनर एक प्राइवेट आर्मी है. वैगनर आर्मी रूसी सेना के साथ मिलकर यूक्रेन में युद्ध लड़ रही थी. यह पिछले कई सालों से सैन्य और खुफिया ऑपरेशन्स को लेकर विवादों में भी रहा है. वैगनर आर्मी चीफ येवगेनी प्रिगोझिन कभी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन के सबसे खास होते थे. लेकिन बीते कुछ महीनों में प्रिगोझिन ने रूसी सेना और पुतिन के खिलाफ बगावत कर दी थी.
कौन है प्रिगोझिन
येवगेनी प्रिगोझिन पुतिन के रसोइये के तौर पर जाने जाते हैं. प्रिगोझिन का जन्म 1961 में लेनिनग्राड (सेंट पीट्सबर्ग) में हुआ. प्रिगोझिन 20 साल की उम्र में ही मारपीट, डकैती और धोखाधड़ी समेत कई मामलों में वांछित हो गए. इसके बाद उन्हें 13 साल की सजा सुनाई गई. हालांकि, उन्हें 9 साल में ही रिहा कर दिया गया.
पुतिन ने प्रिगोझिन के इस कदम को 'गद्दारी' और 'पीठ में छुरा घोंपने' वाला बताया था. हालांकि, प्रिगोझिन ने दावा किया था कि वो यूक्रेन में युद्ध की कमान संभाल रहे कमांडरों का विरोध कर रहे हैं. ऐसा करके प्रिगोझिन ने खुद को 'देशभक्त' के तौर पर पेश करने की कोशिश की थी.
पश्चिमी नेताओं ने पुतिन पर लगाए आरोप
उधर, पश्चिमी राजनेताओं और टिप्पणीकारों ने दावा किया कि पुतिन ने सेना के नेतृत्व के खिलाफ 23-34 जून को विद्रोह शुरू करने के लिए प्रिगोझिन को दंडित करने के लिए उन्हें मारने का आदेश दिया था. वह 1999 में सत्ता में आने के बाद से पुतिन के अपने शासन के लिए सबसे बड़ी चुनौती बन गया था. हालांकि क्रेमलिन के प्रवक्ता दिमित्री पेसकोव ने शुक्रवार को कहा कि इस तरह के सभी आरोप झूठे हैं.
पेसकोव ने संवाददाताओं से कहा, "अब इस विमान दुर्घटना और येवगेनी प्रिगोझिन सहित विमान के यात्रियों की दुखद मौतों को लेकर काफी अटकलें लगाई जा रही हैं. बेशक, पश्चिम में, यह सभी अटकलें एक प्रसिद्ध दृष्टिकोण से प्रस्तुत की गई हैं."