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अप्रैल 1945 में जर्मनी के बंकर में क्या हुआ था, जिसे UNGA में यूक्रेन ने पुतिन को दिलाया याद

Russia-Ukraine War: रूस और यूक्रेन की जंग को लेकर बुलाए गए संयुक्त राष्ट्र महासभा के आपातकालीन सत्र में यूक्रेन ने रूसी राष्ट्रपति पुतिन की तुलना जर्मनी के तानाशाह एडोल्फ हिटलर से की.

यूक्रेन के राजदूत ने पुतिन की आलोचना की. (फाइल फोटो-AP/PTI) यूक्रेन के राजदूत ने पुतिन की आलोचना की. (फाइल फोटो-AP/PTI)
aajtak.in
  • नई दिल्ली,
  • 01 मार्च 2022,
  • अपडेटेड 2:20 PM IST
  • यूक्रेन के राजदूत बोले- वैश्विक सुरक्षा खतरे में
  • यूक्रेन ने राष्ट्रपति पुतिन की तुलना हिटलर से की

Russia-Ukraine War: रूस और यूक्रेन के बीच शुरू हुई जंग अब तबाही में बदलती जा रही है. बातचीत से भी हल नहीं निकल रहा है. रूस और यूक्रेन की जंग को रोकने के लिए सोमवार को संयुक्त राष्ट्र महासभा का विशेष सत्र बुलाया गया. इस सत्र में यूक्रेन ने रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन को बहुत खरी-खोटी सुनाई. 

संयुक्त राष्ट्र में यूक्रेन के राजदूत सर्गीय किस्लित्स्या (Sergiy Kyslytsya) ने इस युद्ध की तुलना दूसरे विश्व युद्ध से और पुतिन की तुलना जर्मनी के तानाशाह एडोल्फ हिटलर (Adolf Hitler) से की. उन्होंने कहा कि दूसरे विश्व युद्ध की तरह ही आज वैश्विक सुरक्षा खतरे में है, जिसने हमें ये आपातकालीन विशेष सत्र बुलाने को मजबूर किया.

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उन्होंने कहा, 'अगर वो (पुतिन) अपने आपको मारना चाहते हैं तो उन्हें इसके लिए परमाणु हथियार की जरूरत नहीं होगी. अप्रैल 1945 में बर्लिन में बंकर में एक व्यक्ति ने जो किया था, वही उन्हें भी करना चाहिए.'

सर्गीय किस्लित्स्या एडोल्फ हिटलर की आत्महत्या का जिक्र कर रहे थे. दूसरे विश्व युद्ध में जब जर्मनी की हार लगभग तय हो गई थी और जर्मनी चारों ओर से घिर गया था तो हिटलर ने अपने बंकर में 30 अप्रैल 1945 को आत्महत्या कर ली थी. उनकी आत्महत्या के बाद 8 मई 1945 को जर्मनी ने सरेंडर कर दिया था.

ये भी पढ़ें-- Ukraine Russia Nuclear Threat: न्यूक्लियर वॉर का खतरा, जानिए रूस के जखीरे में कितने घातक परमाणु हथियार

किस्लित्स्या ने अपने संबोधन में रूस के लिए 'The Third Reich' शब्द का भी इस्तेमाल किया. इस शब्द का इस्तेमाल हिटलर के नाजी शासन के लिए किया जाता था.

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यूक्रेन पर रूसी हमले को लेकर सोमवार को संयुक्त राष्ट्र महासभा का आपातकालीन सत्र बुलाया गया था. 1950 से लेकर अब तक 11 बार आपातकालीन सत्र बुलाया गया है.

क्या हुआ था 30 अप्रैल 1945 को

- फरवरी 1933 में एडोल्फ हिटलर जर्मनी के चांसलर बन गए. 1 सितंबर 1939 को जर्मनी की सेना पोलैंड में घुस गई और इसी के साथ दूसरा विश्व युद्ध शुरू हुआ. हिटलर की सेना लगातार यूरोपीय देशों पर कब्जा करते चली गई. 

- जब जर्मनी की सेना लगातार जीतती रही तो हिटलर ने सोवियत संघ के खिलाफ भी युद्ध छेड़ दिया. लेकिन सोवियत की सेना के आगे जर्मन सैनिक ज्यादा नहीं टिक सके और हार गए. बाद में हिटलर ने अमेरिका के खिलाफ भी जंग शुरू कर दी. 

- इसके बाद अमेरिका, ब्रिटेन और सोवियत संघ ने मिलकर एक-एक करके जर्मन सेना को यूरोपीय देशों से खदेड़ना शुरू कर दिया. आखिर में जर्मनी के शहरों में भी बमबारी शुरू कर दी. 1945 का अप्रैल खत्म होते-होते जर्मनी चारों ओर से घिर गई. हिटलर अपने बंकर में चले गए. उन्हें लगा कि यही सबसे सुरक्षित जगह है.

- 30 अप्रैल 1945 की तड़के सुबह हिटलर को बताया गया कि अगर आज कामयाबी नहीं मिली तो बहुत बुरा होगा. दोपहर में जर्मन सेना के एक अफसर ने हिटलर को फोन कर बताया कि सोवियत आर्मी को तोड़ने की आखिरी कोशिश भी नाकाम रही. 

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- इसके बाद हिटलर बंकर में ही बने अपने स्टडी रूम में चले गए. हिटलर के साथ-साथ उनकी गर्लफ्रेंड इवा भी स्टडी रूम में गईं. थोड़ी देर बाद रूम से गोली चलने की आवाज आई. हिटलर और उसकी गर्लफ्रेंड ने आत्महत्या कर ली थी. 8 मई 1945 को जर्मनी ने सरेंडर कर दिया.

 

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