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बुका, इरपिन, मारियूपोल, खारकीव... रूसी हमले से यूक्रेन के बर्बाद शहरों की तस्वीरें

Ukraine Russia war: रूस और यूक्रेन की जंग का आज 40वां दिन है. इन 40 दिनों में यूक्रेन पूरी तरह तबाह हो चुका है. यूक्रेन ने रूसी सेना पर आम नागरिकों की हत्या का आरोप लगाया है. तबाही की तस्वीरों पर यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोदिमीर जेलेंस्की ने इसे नरसंहार बताया है.

तस्वीर यूक्रेन के बुका की है. यहां सड़कों पर तबाही देखी जा सकती है. (फाइल फोटो-AP/PTI) तस्वीर यूक्रेन के बुका की है. यहां सड़कों पर तबाही देखी जा सकती है. (फाइल फोटो-AP/PTI)
aajtak.in
  • नई दिल्ली,
  • 04 अप्रैल 2022,
  • अपडेटेड 3:16 PM IST
  • यूक्रेन के मारियूपोल-इरपिन में भारी तबाही
  • मारियूपोल में अब भी 1.50 लाख लोग फंसे
  • संयुक्त राष्ट्र ने कहा, 1417 यूक्रेनी मारे गए

सड़क किनारे पड़े शव... जली हुई गाड़ियां... मलबे में तब्दील इमारतें... टूटी-फूटी सड़कें... जगह-जगह मिसाइलें, बम, गोला-बारूद के निशान... कुछ ऐसा ही मंजर यूक्रेन में इन दिनों नजर आ रहा है. 40 दिन पहले तक यूक्रेन पूर्वी यूरोप के सबसे खूबसूरत देश में से एक था. लेकिन आज यूक्रेन पूरी तरह तबाह हो चुका है. शायद ही ऐसा कोई शहर बचा हो जहां जंग के निशान न दिख रहे हों. 

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रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने 24 फरवरी को यूक्रेन के खिलाफ जंग का ऐलान किया था. रूस-यूक्रेन की जंग का आज 40वां दिन है. इन 40 दिनों में यूक्रेन की तस्वीर पूरी तरह बदल गई है. जो यूक्रेन 40 दिन पहले तक हरा-भरा नजर आता था, अब वो पुरानी फिल्म की तरह ब्लैक एंड व्हाइट हो चुका है. बीते 40 दिन में एक भी दिन ऐसा नहीं गुजरा है जब यूक्रेन के किसी शहर में तबाही न मची हो. 

हालांकि, इतनी तबाही मचाने के बाद भी रूस किसी भी बड़े शहर पर कब्जा नहीं कर सका है. यूक्रेन ने दावा किया था कि राजधानी कीव पर कब्जे के लिए रूस ने भयंकर तबाही मचाई है. रिहायशी इमारतों पर बमबारी की है. आम नागरिकों को निशाना बनाया है. अब यूक्रेन का दावा है कि कीव के आसपास के इलाकों में रूसी सेना को हरा दिया है. यूक्रेन ने इसे कीव के लिए पहली जीत बताया है. 

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यूक्रेन के रक्षा मंत्रालय ने फेसबुक पर एक पोस्ट लिखकर दावा किया है कि कीव से दुश्मन को धकेल दिया गया है. चेर्नीहिव और सूमी प्रांत से भी रूसी सैनिक लौट रहे हैं. रक्षा मंत्रालय का दावा है कि ये बताता है कि रूस का प्लान किस तरह से फेल हो गया है. हालांकि, यूक्रेन ने इस जंग में मारे गए आम लोगों को लेकर दुख भी जताया है.

यूक्रेन की राजधानी कीव के बुका शहर में भी जमकर तबाही मची है. रक्षा मंत्रालय ने दावा किया है कि यहां बड़ी संख्या में लोग मारे गए हैं. इसके साथ ही ये भी दावा किया है कि यहां न सिर्फ पुरुषों बल्कि महिलाओं को भी हाथ बांधकर रूसी सेना ने उनके सिर पर गोली मारी है. यूक्रेन ने इसकी तुलना आतंकवाद और क्राइम से की है.

बुका शहर में शवों को एकसाथ दफनाया जा रहा है. (फाइल फोटो-AP/PTI)

न्यूज एजेंसी के मुताबिक, कीव सिटी सेंटर से 37 किमी दूर बुका में सड़क किनारे एक व्यक्ति की लाश मिली है, जिसके हाथ बंधे हुए हैं और उसके सिर पर गोली लगी है. बुका के डिप्टी मेयर टारस शप्रावस्की ने दावा किया है कि यहां 300 शव बरामद हुए हैं, जिनमें से 50 शव ऐसे ही हैं जिनके साथ रूसी सेना ने क्रूरता की सारी हदें पार की हैं. बुका से पिछले हफ्ते रूसी सेना लौट गई थी. अब यहां यूक्रेन की सेना का नियंत्रण हो गया है. ये तस्वीरें इतनी भयावह हैं कि इन्हें दिखाया भी नहीं जा सकता.

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हालांकि, रूस के रक्षा मंत्रालय ने यूक्रेन के इन दावों को खारिज किया है. रूस ने रविवार को कहा कि यूक्रेन की ओर कथित 'क्राइम' के जो भी फोटो और वीडियो जारी किए जा रहे हैं, वो 'उकसाने' वाले थे. रूस का दावा है कि उसकी सेना ने बुका में किसी भी आम नागरिक के साथ कोई हिंसा नहीं की.

कीव से सटे इरपिन में तबाही का मंजर. (फाइल फोटो-AP/PTI)

बुका के अलावा इरपिन में भी ऐसा ही होने का दावा किया गया है. कीव से सटे इरपिन में भी रूसी सेना ने कई दिनों तक गोलीबारी की थी. लेकिन अब यहां से भी रूसी सेना वापस जा रही है. यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोदिमीर जेलेंस्की के सलाहकार ओलेक्सी एरिस्तोविच का दावा है कि इरपिन, होस्तोमेल और बुका में 'हॉरर मूवी की तरह सीन' दिख रहा है. उन्होंने आरोप लगाया कि कई महिलाओं को मारने से पहले उनके साथ रेप किया गया. राष्ट्रपति जेलेंस्की ने इसे 'जनसंहार' बताया है.

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संयुक्त राष्ट्र के मुताबिक, रूस के साथ जंग में अब तक यूक्रेन के 1,417 आम नागरिकों की मौत हो चुकी है और 2,038 घायल हुए हैं. इसमें मारियूपोल और इरपिन के आंकड़े शामिल नहीं है. संयुक्त राष्ट्र का मानना है कि जब इसमें मारियूपोल, इरपिन, इजियूम और वोलनोवाका के आंकड़े भी जोड़े जाएंगे तो ये आंकड़ा कहीं ज्यादा हो सकता है.

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मारियूपोल में रूस की सेना और यूक्रेन की सेना में अब भी जबर्दस्त संघर्ष जारी है. ब्रिटेन की इंटेलिजेंस ने दावा किया है कि मारियूपोल अब भी रूसी सेना के लिए काफी अहम बना हुआ है. यहां की तस्वीरें बहुत डराने वाली हैं. यहां की तस्वीरें बयां करती हैं कि यहां कितनी तबाही मची है. 

तस्वीर मारियूपोल की है. यहां एक व्यक्ति मलबा हटा रहा है. (फाइल फोटो-AP/PTI)

मारियूपोल यूक्रेन के दक्षिण में स्थित है. ब्रिटेन का दावा है कि रूसी सेना यहां कब्जा करना चाहती है क्योंकि यहां से रूसी सेना को क्रिमिया से एक कॉरिडोर मिल जाएगा. यूक्रेन के राष्ट्रपति जेलेंस्की का दावा है कि मारियूपोल में अब भी 1.50 लाख से ज्यादा लोग फंसे हुए हैं. दावा किया जा रहा है कि यहां फंसे लोगों के पास खाने-पीने का सामान नहीं है, दवाएं भी खत्म हो गई हैं. 

इसके अलावा यूक्रेन के दूसरे सबसे बड़े शहर खारकीव में भी दोनों देशों की सेनाओं में संघर्ष जारी है. कीव और मारियूपोल की तरह ही यहां भी भयानक तबाही मची है. यूक्रेन का दावा है कि रविवार को यहां रूसी सेना ने एक रिहायशी इमारत पर हमला किया, जिसमें 7 लोगों की मौत हो गई और 34 घायल हो गए. यूक्रेन ने ये भी दावा किया है कि उसने खारकीव में रूसी सेना के Su-35 विमान को मार गिराया है.

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रूसी हमले में तबाह खारकीव में स्थित सरकारी इमारत. (फाइल फोटो-AP/PTI)

खारकीव के गवर्नर ओले सिन्येहुबोव ने रविवार को दावा कि पिछले 24 घंटे में रूसी सेना ने 20 से ज्यादा हवाई हमले किए. उन्होंने दावा किया खारकीव के लोजोवा में रूसी मिसाइल हमले में 4 लोग घायल हो गए. उनका ये भी दावा है कि बकाक्लिया में रूसी टैंक ने एक स्थानीय अस्पताल पर हमला किया, जिससे इमारत क्षतिग्रस्त हो गई और मरीजों को निकालना पड़ा.

तबाही और शवों की तस्वीरें सामने आने के बाद यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोदिमीर जेलेंस्की ने इस पर रिएक्ट करते हुए इसे 'नरसंहार' बताया. जेलेंस्की ने एक टीवी इंटरव्यू में कहा कि हम यूक्रेन के नागरिक हैं और हम रूस के अधी नहीं होना चाहते, इसलिए हमें तबाह किया जा रहा है. उन्होंने कहा कि ये सब 21वीं सदी के यूरोप में हो रहा है और ये पूरे देश पर अत्याचार है.

 

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