
दुनिया के सबसे ठंडे शहर याकुत्स्क में मौजूदा समय में इतनी सर्दी है कि कोई इंसान वहां रहने की भी नहीं सोच सकता है. जी, हां रूस के साइबेरिया के इस शहर में मौसमी पारा माइनस 62 डिग्री से नीचे चला गया है. यह शहर रूस की राजधानी मॉस्को से 5 हजार किलोमीटर पूर्व में पड़ता है. पहली बार शहर के लोगों ने ऐसी प्रचंड सर्दी देखी है. जिंदा रहने के लिए शरीर पर कई लेयर में कपड़े पहनने पड़ रहे हैं. लोगों के साथ-साथ शहर प्रशासन की भी चिंता बढ़ी हुई है.
हालांकि, ऐसा पहली बार नहीं है जब रूस के याकुत्स्क में ऐसी ठंड पड़ रही हो. इस शहर में अक्टूबर से अप्रैल तक कड़क वाली सर्दियों का मौसम होता है. यानी 7 महीने लोगों को ठंड का सामना करना पड़ता है. सर्दियों के मौसम में कई बार पारा माइनर 40 डिग्री तक पहुंच जाता है. लेकिन इस बार पारा ऐसा लुढ़का कि रिकॉर्ड ही बन गया. पहले शहर में पारा माइनस पचास से नीचे पहुंचा था, जिसके बाद यह माइनस 60 का आंकड़ा पार कर गया है.
शहर की रहने वाली एक महिला अनस्तासिया ग्रूजदेव ने रॉयटर्स से बातचीत करते हुए ठंड का आलम बताया. उन्होंने कहा कि कोई भी इस सर्दी से नहीं लड़ सकता है. इसलिए तुम्हें जैसी हालत है, उस हिसाब से कपड़े पहनने होंगे. जिस समय महिला ने यह बात कही, उस समय उन्होंने भी सिर पर दो स्कार्फ, उसके ऊपर कई लेयर में हेड कैप और दो-दो जोड़ी दस्ताने पहने हुए थे.
महिला ने आगे कहा कि, शहर में लोग वाकई सर्दी महसूस नहीं करते हैं. या शायद, आपका दिमाग ऐसी सर्दी का सामना करने के लिए आपको तैयार करता है, यह कहकर कि सबकुछ सामान्य है.
वहीं शहर की एक अन्य नागरिक और मीट दुकानदार नुरगुंसुन ने कहा कि, इस सर्दी का सामना करने के लिए कोई स्पेशल ट्रिक नहीं है. उन्होंने बोला कि सिर्फ गर्म कपड़े पहनों और इस तरह लेयर में पहनो जैसे एक बंद गोभी. मीट दुकान चलाने वाली इस महिला को मछली रखने के लिए फ्रिज या फ्रीजर की जरूरत नहीं पड़ रही है. बिना उसके ही मांस सड़ नहीं रहा है.
सर्दी की वजह से लोगों के मन में बैठ रहे अलग-अलग तरह के डर
सर्दी की वजह से परेशानियों का सामना तो करना पड़ ही रहा है, साथ-साथ उनके मन में अलग-अलग तरह के डर भी पैदा हो गए हैं. काफी नागरिकों को डर है कि सर्दी का खत्म होने का अभी कोई संकेत दूर तक नजर नहीं आ रहा है और अगर ऐसा ही थोड़ी समय और रहा तो शहर के एनर्जी इन्फ्रास्ट्रक्चर पर असर पड़ सकता है. पहले ही लोग कई तरहों के नुकसान झेल रहे हैं.
शहर के एक नागरिक ने स्थानीय मेट्रो अखबार को बताया कि घर में लगे पाइफ फट जा रहे हैं. हीटिंग टैंक भी खराब हो जा रहे हैं. सबकुछ जम गया है. उन्होंने आगे कहा कि इस संकट का सामना करने के लिए स्थानीय प्रशासन बिल्कुल भी तैयार नहीं है.
वहीं स्थानीय लोगों ने यह भी बताया कि उनका गैस बॉयलर पूरी तरह जम गया है. उन्होंने कहा कि अपार्टमेंट्स में कई लोगों के घर बैटरी फट गई हैं और सीवर पाइप जम गए हैं.