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अमेरिका में प्रतिबंध के बावजूद कैसे पहुंचा रूसी तेल? भारत पर लगे आरोप, RBI के डिप्टी गवर्नर ने बताया घटनाक्रम

रूस और यूक्रेन में जंग के बीच अमेरिका ने रूसी तेल के आयात पर पूरी तरह से प्रतिबंध लगा दिया था. अब अमेरिका ने ये आरोप लगा दिया है कि रूस का कच्चा तेल भारत में रिफाइंड कर उसे न्यूयॉर्क भेज दिया गया. भारत सरकार की ओर से इसे लेकर कोई बयान नहीं आया है लेकिन अब रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया के डिप्टी गर्वनर माइकल पात्रा ने इस पर विस्तार से जानकारी दी है.

रूसी क्रूड ऑयल को ईंधन बना न्यूयॉर्क किया गया निर्यात रूसी क्रूड ऑयल को ईंधन बना न्यूयॉर्क किया गया निर्यात
aajtak.in
  • नई दिल्ली,
  • 14 अगस्त 2022,
  • अपडेटेड 7:44 AM IST

रूस और यूक्रेन के बीच जारी युद्ध कई महीने पुराना हो चुका है. रूस पर तो अमेरिका ने कई तरह के प्रतिबंध भी लगा रखे हैं. ऐसा ही एक प्रतिबंध रूसी तेल के आयात पर रोक लगाना भी है. लेकिन अब अमेरिका ने आरोप लगा दिया है कि भारत के जरिये रूसी क्रूड ऑयल को ईंधन बनाकर न्यूयॉर्क सप्लाई किया जा रहा है. 

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रॉयटर्स की खबर के मुताबिक रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया के डिप्टी गर्वनर माइकल पात्रा ने ये जानकारी दी है कि अमेरिकी ट्रेजरी डिपार्टमेंट ने कहा है कि भारत के एक जहाज ने बीच समुद्र में रूसी टैंकर से तेल लिया है और फिर उसे गुजरात के एक बंदरगाह पर लाया गया. वहां पर उस तेल को रिफाइंड कर ईंधन बनाया गया और फिर उसका निर्यात कर दिया गया.

अब कहा ये जा रहा है कि वो ईंधन न्यूयॉर्क सप्लाई कर दिया गया है. विवाद इसलिए खड़ा हुआ है क्योंकि अमेरिका में रूसी तेल के आयात पर पूरी तरह प्रतिबंध लगा है. प्रतिबंध के बावजूद क्योंकि न्यूयॉर्क में रूसी तेल पहुंचा है, ऐसे में वो इसे नियमों के उल्लंघन के रूप में देख रहा है.

इस पूरे घटनाक्रम को लेकर एक कार्यक्रम के दौरान माइकल पात्रा ने और ज्यादा विस्तार से बात की है. उन्होंने कहा है कि जब गुजरात में क्रूड ऑयल को रिफाइंड कर लिया गया, तब एक जहाज के जरिये उसे भेज दिया गया. उस समय तक ये नहीं बताया गया था कि इसकी सप्लाई कहां होनी है.

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उन्होंने कहा कि बीच रास्ते में इसे जगह बता दी गई और इस तरह ये ईंधन न्यूयॉर्क पहुंच गया. अब यहां ये जानना जरूरी हो जाता है कि युद्ध की वजह से रूसी तेल पर कई देशों ने बैन लगा रखा है. अमेरिका ने उम्मीद तो भारत से भी ऐसी ही जताई थी. लेकिन भारत उन चुनिंदा देशों में शामिल हुआ जिसने रूस पर लगे उन प्रतिबंधों का समर्थन नहीं किया.

इसी वजह से भारत को रूस से सस्ते में तेल मिलता रहा. भारतीय रिफाइनरीज ने भी रियायती दर पर रूसी तेल खरीदा. लेकिन अमेरिका ने जो आरोप लगा दिए हैं, उस पर अभी तक सरकार की तरफ से कोई प्रतिक्रिया नहीं आई है. इन आरोप का न तो खंडन किया गया है और ना ही सरकार ने इसे लेकर कोई बयान ही जारी किया है. 

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