Advertisement

अनोखा शहर बना रहा सऊदी! बनाएगा अपना चांद, 500 अरब डॉलर होंगे खर्च, लंदन से होगा 17 गुना बड़ा

सऊदी अरब 500 अरब डॉलर की लागत से एक अनोखा शहर बना रहा है. इस शहर में रोबोट घर की साफ-सफाई से लेकर सुरक्षा का जिम्मा संभालेंगे. शहर का एक अलग कानून होगा. सऊदी इस प्रोजेक्ट के माध्यम से अपने प्रतिद्वंदियों से आगे निकलना चाहता है.

सऊदी अरब नियोम को बिजनेस हब बनाना चाहता है (Image- Reuters) सऊदी अरब नियोम को बिजनेस हब बनाना चाहता है (Image- Reuters)
aajtak.in
  • नई दिल्ली,
  • 06 जनवरी 2022,
  • अपडेटेड 11:18 AM IST
  • सऊदी अरब बना रहा अनोखा साम्राज्य
  • साई-फाई फिल्मों की तरह होगा शहर
  • निकलेगा कृत्रिम चांद

शहरों में घूमते रोबोट और हवा में उड़ती गाड़ियां अब फिल्मों की बात नहीं रहीं. सऊदी अरब अब एक ऐसा ही अनोखा साई-फाई शहर बसाने जा रहा है जिसमें रोबोट आपकी सुरक्षा से लेकर चाकरी तक करेंगे, कार हवा में चलेगी, कृत्रिम बादल पानी बरसाएंगे. और तो और, इस शहर में एक कृत्रिम चांद भी होगा जो हर रात को निकलेगा. 500 अरब डॉलर की लागत से बनने वाला ये शहर लंदन से 17 गुना ज्यादा बड़ा होगा.

Advertisement

सऊदी अरब के तबूक राज्य में इस शहर को बसाया जाएगा जिसका नाम है, 'नियोम' (Neom). जिस कंपनी ने प्रस्तावित शहर को खरीदा है और इसे बनाने का जिम्मा उठाया है, नियोम को लेकर उसकी योजनाएं इतनी महत्वाकांक्षी हैं कि शहर में इस्तेमाल होने वाले कुछ तकनीक अभी तक मौजूद ही नहीं हैं.

2025 तक बनकर तैयार होगा अल्ट्रा-स्मार्ट शहर

ब्रिटेन के अंग्रेजी अखबार, 'द सन' की एक रिपोर्ट के मुताबिक, नियोम शहर जॉर्डन और मिस्र की सीमा पर स्थित होगा और 2025 तक लोगों के रहने के लिए बनकर तैयार हो जाएगा. नियोम अपनी तरह का पहला शहर होगा. सौर ऊर्जा और पवन ऊर्जा के द्वारा इसे संचालित किया जाएगा.

साइंस फिक्शन फिल्मों की तरह होगा नियोम

नियोम के अध्यक्ष क्राउन प्रिंस मोहम्मद बिन सलमान ने कहा है कि ये शहर ड्रोन फ्रेंडली और रोबोटिक्स के विकास के लिए एक केंद्र बनकर उभरेगा.

Advertisement

शहर के प्लानिंग डॉक्यूमेंट्स में बताया गया है कि शहर में उड़ने वाली टैक्सी होंगी. ठीक वैसी ही जैसी सांइस फिक्शन फिल्मों 'ब्लेड रनर' और 'बैक टू द फ्यूचर 2' में दिखाया गया है. सऊदी अरब में बारिश नहीं होती लेकिन क्लाउड सीडिंग तकनीक का उपयोग नियोम में बादल बनाए जाएंगे और बारिश भी होगी.

शहर के लिए कुछ अन्य विचित्र प्रस्तावों में जुरासिक पार्क-शैली में 'डायनासोर रोबोट' का निर्माण भी शामिल है. 'रोबोट मार्शल आर्ट' भी बनाया जाएगा, जहां रोबोट मनोरंजन के लिए एक-दूसरे से लड़ेंगे. 

बनने के बाद कुछ ऐसा दिखेगा नियोम (Photo- Neom.com)

खाड़ी देशों में आगे निकलना चाहता है सऊदी

सऊदी अरब इस महत्वाकांक्षी प्रोजेक्ट के द्वारा अपने प्रतिद्वंदी खाड़ी के देशों, संयुक्त अरब अमीरात और कतर से आगे निकलना चाहता है. वो नियोम में दुनिया के प्रतिभाशाली और सर्वश्रेष्ठ व्यवसायियों को आकर्षित कर एक प्रमुख वाणिज्यिक केंद्र बनाना चाहता है.

शहर के प्लानिंग डाक्यूमेंट्स में कहा गया है कि रोबोट इन विदेशी व्यवसायियों के घरों का कामकाज करेंगे.

नियोम में होगा कृत्रिम चांद

सऊदी अरब नियोम में एक कृत्रिम चांद भी बनाना चाहता है जो इस प्रोजेक्ट में मील का पत्थर साबित होगा. क्राउन प्रिंस मोहम्मद बिन सलमान ने हाल ही में घोषणा की थी कि वो चाहते हैं कि शहर का प्रस्तावित सिल्वर बीच चांद की रोशनी में जगमगाए. हालांकि, ये किस तकनीक से किया जाएगा, इसे लेकर संशय बरकरार है.

Advertisement

प्रोजेक्ट के करीबी सूत्रों ने वाल स्ट्रीट जर्नल को बताया है कि नियोम में सुरक्षित तरीके से कृत्रिम चांद लगाने को लेकर इंजिनियरों को अब तक कोई तरीका नहीं मिल पाया है.

2017 में हुई थी नियोम की घोषणा

सऊदी ने रियाद में फ्यूचर इन्वेस्टमेंट इनिशिएटिव सम्मेलन, 2017 में निओम के निर्माण की घोषणा की थी. कार्यक्रम में बोलते हुए रोबोटिक्स फर्म बोस्टन डायनेमिक्स के सीईओ मार्क रॉयबर्ट ने कहा था कि महानगरों में रोबोट को सुरक्षा के लिए भी इस्तेमाल किया जा सकता है.

उन्होंने कहा था कि रोबोट बहुत से काम कर सकते हैं जिनमें सुरक्षा, लॉजिस्टिक्स, होम डिलीवरी, बुजुर्गों और कमजोर की देखभाल शामिल है.

नियोम की उड़ने वाली ड्रोन टैक्सी (Photo-Reuters)

नियोम के निर्माण में लगे श्रमिकों की स्थिति खराब

महत्वाकांक्षी महानगर नियोम का निर्माण हजारों श्रमिकों द्वारा किया जा रहा है. इन श्रमिकों को कथित तौर पर खराब परिस्थितियों में रखा जा रहा है. बताया जा रहा है कि 6 श्रमिकों को सोने के लिए केवल एक कमरा दिया गया है.

मानवाधिकार कार्यकर्ताओं ने पश्चिमी देशों से सऊदी अरब के खराब मानवाधिकार रिकॉर्ड के कारण इस प्रोजेक्ट का बहिष्कार करने का आह्वान किया है. इस्तांबुल में वाशिंगटन पोस्ट के पत्रकार जमाल खशोज्जी की 2018 की हत्या के बाद से मानवाधिकार कार्यकर्ताओं की ये मांग तेज हो गई है. खशोज्जी को तुर्की के सऊदी दूतावास में मार दिया गया था. खशोज्जी की हत्या की आलोचना दुनियाभर के नेताओं ने की थी.

Advertisement

शहर बसाने के लिए विस्थापित किए गए लोग

रिपोर्टस की मानें तो, नियोम को बसाने के लिए वहां के ट्राइब्स को जबरन हटा दिया गया है. हुवैतेत जनजाति की एलिया अल्हवेती भी नियोम प्रोजेक्ट के कारण विस्थापित हुई हैं. उन्होंने कहा, 'यह पूरी तरह से एक आपदा की तरह है और मैं निराश हूं.'

एलिया का चचेरा भाई, अब्दुलरहीम अल-हुवैती पिछले साल  इसी प्रोजेक्ट के कारण अपनी जान से हाथ धो बैठा था. जब उसके घर को तोड़ा जा रहा था, तब उसने उसे बचाने की पूरी कोशिश की और मारा गया. एलिया अब ब्रिटेन में रहती हैं. उन्होंने मानवाधिकार हनन को लेकर पश्चिमी देशों पर निशाना साधा है और कहा है कि वो भी इस प्रोजेक्ट को रोकने की कोशिश नहीं कर रहे हैं.

नियोम के लिए सऊदी उठाएगा ऐतिहासिक कदम

सऊदी ने नियोम में शराब को अनुमति देने से इनकार नहीं किया है. सऊदी जैसे रूढ़िवादी मुस्लिम देश के लिए ये कदम ऐतिहासिक होगा. खाड़ी देश में शराब पर पूर्ण रूप से प्रतिबंध है.

नियोम सऊदी की तेल पर निर्भर अर्थव्यवस्था में विविधता लाने के लिए प्रिंस सलमान के विजन 2030 का हिस्सा है. नियोम का अपना एक कानून होगा, जिसे अभी तैयार किया जा रहा है.

NEOM की टेक और डिजिटल होल्डिंग कंपनी के सीईओ जोसेफ ब्रैडली ने इस बात की पुष्टि नहीं की है कि नए कानून के तहत शराब की अनुमति दी जाएगी या नहीं, लेकिन उन्होंने कहा कि विदेशी प्रतिभा और पर्यटकों को आकर्षित करने की आवश्यकता को हर कोई समझता है. उन्होंने कहा कि एक से दो सालों में नियोम के कानून को मंजूरी मिल जाएगी.

Advertisement

2017 में क्राउन प्रिंस बनने के बाद से प्रिंस मोहम्मद ने कई सुधार किए हैं जिनमें महिलाओं के ड्राइविंग पर प्रतिबंध हटाना शामिल है. प्रिंस सलमान ने धार्मिक शख्सियतों की शक्तियों पर भी अंकुश लगा दिया है.

ये भी पढ़ें

Read more!
Advertisement

RECOMMENDED

Advertisement