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मलेशिया: सिंकहोल में गिरी भारतीय महिला, 9 दिन तक चला रेस्क्यू ऑपरेशन, कोई सुराग नहीं

जी विजया नाम की 48 साल की महिला 23 अगस्त को मलेशिया की राजधानी में जालान मस्जिद के पास बने सिंकहोल (26 फीट गहरे गड्ढे) में गिर गई थीं. इस हादसे के बाद उनकी तलाश में रेस्क्यू ऑपरेशन चलाया गया था, लेकिन अब तक उनका कोई सुराग नहीं लग पाया.

मलेशिया के इस सिंकहोल में ही भारतीय महिला गिर गई थी. (File Photo) मलेशिया के इस सिंकहोल में ही भारतीय महिला गिर गई थी. (File Photo)
aajtak.in
  • नई दिल्ली,
  • 01 सितंबर 2024,
  • अपडेटेड 6:28 AM IST

मलेशिया में 9 दिन पहले एक गहरे गड्ढे में गिरी भारतीय टूरिस्ट महिला का अब तक कोई पता नहीं चल पाया है. महिला को बचाने के लिए पिछले 9 दिनों से जारी रेस्क्यू ऑपरेशन को भी अब रोक दिया गया है. यह फैसला सर्च ऑपरेशन चलाने में आ रही दिक्कतों को देखते हुए लिया गया है.

बता दें कि जी विजया नाम की 48 साल की महिला 23 अगस्त को मलेशिया की राजधानी में जालान मस्जिद के पास बने सिंकहोल (26 फीट गहरे गड्ढे) में गिर गई थीं. इस हादसे के बाद उनकी तलाश में रेस्क्यू ऑपरेशन चलाया गया था, लेकिन अब तक उनका कोई सुराग नहीं लग पाया. 

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वैज्ञानिकों से चर्चा के बाद लिया फैसला

मलेशिया की केंद्रीय मंत्री डॉ. जालिहा मुस्तफा के मुताबिक विशेषज्ञों से तकनीकी सलाह लेने के बाद अब रेस्क्यू ऑपरेशन रोकने का फैसला लिया गया है. डॉ. जालिहा ने बताया कि 9 दिनों की खोज और बचाव के बाद मंत्रिमंडल के साथ-साथ पुलिस, खोज दल, भूवैज्ञानिकों की चर्चा हुई. विचार-विमर्श के बाद रेस्क्यू मिशन रोकने का फैसला किया गया है.

महिला का पता लगाने की कोशिश जारी

डॉ. जालिहा ने बताया कि रेस्क्यू ऑपरेशन के दौरान सिंकहोल में एक अवरोध का पता चला. हालांकि, पता नहीं चल सका कि वह क्या था. उन्होंने आगे कहा कि इस क्षेत्र में दूसरा सिंकहोल भी नजर आया है, जिससे बचाव कर्मियों के लिए जोखिम बढ़ गया है. मंत्री ने आगे कहा कि ऑपरेशन खत्म होने के बाद भी महिला का पता लगाने की कोशिश जारी रहेगी. 

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भारतीय राजदूत और परिवार को बताया

डॉ. जालिहा ने कहा कि उन्होंने मलेशिया में भारतीय राजदूत से भी बात की है, जिन्होंने अब तक किए गए प्रयासों के लिए उनका आभार व्यक्त किया है. उन्होंने यह भी कहा कि राजदूत सक्रिय खोज को बंद करने के पीछे के तर्क को समझते हैं.  उन्होंने यह भी पुष्टि की है कि पीड़िता के परिवार को इस निर्णय के बारे में सूचित कर दिया गया है. इस कठिन समय में उनकी सहायता करने के लिए उनके वीजा को एक सप्ताह के लिए बढ़ा दिया गया है.

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