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साउथ कोरिया, नॉर्वे और कनाडा... 24 घंटे में तीन देशों में विमान हादसे, 179 लोगों ने गंवाई जान

बीते 24 घंटे में तीन देशों में तीन बड़े विमान हादसे हुए. पहला बड़ा प्लेन हादसा दक्षिण कोरिया में हुआ. इसमें 179 लोगों की मौत हो गई. दूसरा हादसा- कनाडा के हैलिफैक्स एयरपोर्ट पर हुआ. तीसरा हादसा- नॉर्वे के ओस्लो एयरपोर्ट पर हुआ.

ये तस्वीर साउथ कोरिया विमान हादसे की है, इसमें सभी 179 लोगों की मौत हो गई (फोटो- AP) ये तस्वीर साउथ कोरिया विमान हादसे की है, इसमें सभी 179 लोगों की मौत हो गई (फोटो- AP)
aajtak.in
  • नई दिल्ली,
  • 29 दिसंबर 2024,
  • अपडेटेड 10:58 PM IST

ये साल जाते-जाते गहरे जख्म दे गया है. जख्म भी ऐसे जो कभी भर नहीं पाएंगे. दरअसल, बीते 24 घंटे में तीन देशों में तीन बड़े विमान हादसे हुए. पहला बड़ा प्लेन हादसा दक्षिण कोरिया में हुआ. यहां मुआन इंटरनेशनल एयरपोर्ट पर 181 लोगों को ले जा रहे जेजू एयर का विमान दुर्घटनाग्रस्त हो गया, उसमें आग लग जाने से 179 लोगों की मौत हो गई. दूसरा हादसा- कनाडा के हैलिफैक्स एयरपोर्ट पर हुआ, यहां एयर कनाडा के एक विमान की एयरपोर्ट पर खतरनाक लैंडिंग हुई, जिसमें विमान रनवे से फिसल गया और लैंडिंग गियर टूट जाने के कारण उसमें आग लग गई. यह घटना तब हुई जब विमान के लैंडिंग गियर में खराबी आ गई और उसके विंग्स रनवे से टकरा गए, इसके चलते उसमें आग लग गई. तीसरा हादसा- नॉर्वे के ओस्लो एयरपोर्ट पर हुआ. 

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सबसे पहले बात करते हैं साउथ कोरिया विमान दुर्घटना की. रविवार को साउथ कोरिया के मुआन इंटरनेशनल एय़रपोर्ट पर 181 लोगों को ले जा रहे जेजू एयर का विमान दुर्घटनाग्रस्त हो गया. विमान में आग लगने से 179 लोगों की मौत हो गई. जबकि 2 लोगों को बचा लिया गया है. यह देश के इतिहास में सबसे घातक विमानन आपदाओं में से एक बन गई.

15 साल पुराना विमान बोइंग 737-800 जेट थाईलैंड के बैंकॉक से आया था. वह रनवे से उतर गया, लेकिन विमान का लैंडिंग गियर खराबी के कारण बंद था, और एयरपोर्ट पर सुबह 9.07 बजे (स्थानीय समय) उतरने का प्रयास करते समय वह कंक्रीट की बाड़ से टकरा गया. अधिकारियों को संदेह है कि लैंडिंग गियर में खराबी संभवतः पक्षी के टकराने के कारण हुई थी. विमान के बाढ़ से टकराते ही उसमें आग लग गई, और विमान के कुछ हिस्सों में धुआं उठा और आग की लपटें चारों तरफ फैल गईं. 

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दक्षिण कोरिया की राष्ट्रीय अग्निशमन एजेंसी के अनुसार हादसे में 179 लोग मारे गए. इसमें  83 महिलाएं, 82 पुरुषों की पहचान हो गई है, शेष की शिनाख्त नहीं हो सकी है. आपातकालीन कर्मचारियों ने दो लोगों को बचाया जो होश में थे. 

कनाडा में हुआ दूसरा हादसा

दूसरा हादसा कनाडा में हुआ. यहां एयर कनाडा की एक फ्लाइट हैलिफैक्स एयरपोर्ट पर खतरनाक लैंडिंग हुई. लैंडिंग के दौरान विमान रनवे से फिसल गया. उसका लैंडिंग गियर टूट गया.  टूटे हुए लैंडिंग गियर के साथ उतरने के बाद उसमें आग लग गई. हालांकि इस घटना में किसी के हताहत होने की खबर नहीं है. ये घटना तब हुई जब विमान के लैंडिंग गियर में खराबी आ गई, जिससे विंग रनवे से टकरा गया और आग लग गई. आपातकालीन दल ने तुरंत घटनास्थल पर पहुंचकर आग बुझाई और विमान में सवार सभी यात्रियों और चालक दल की सुरक्षा सुनिश्चित की.

विमान में सवार एक यात्री ने सीबीसी न्यूज को बताया कि विमान का एक टायर उतरते समय ठीक से नहीं खुला. उन्होंने कहा कि विमान बाईं ओर लगभग 20 डिग्री के एंगल पर झुकने लगा और जैसे ही ऐसा हुआ, हमने बहुत तेज़ आवाज़ सुनी, जो लगभग किसी हादसे जैसी थी, विमान का विंग फुटपाथ पर टकराने लगा, उन्होंने कहा कि मुझे लगता है कि विमान इंजन भी रनवे पर फिसल गया था. एहतियात के तौर पर हैलिफैक्स हवाई अड्डे को अस्थायी रूप से बंद कर दिया गया है.

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नॉर्वे के ओस्लो में हुआ तीसरा हादसा

तीसरा हादसा नॉर्वे में हुआ. केएलएम का विमान स्थानीय समयानुसार शाम 7:14 बजे टॉर्प सैंडफजॉर्ड एयरपोर्ट पर उतरा, गनीमत है कि विमान में सवार सभी 182 लोग सुरक्षित हैं, जिनमें चालक दल के सदस्य भी शामिल हैं. विमान ने शाम 6:55 बजे ओस्लो से उड़ान भरी, लेकिन यात्रियों और चालक दल ने उड़ान भरने के तुरंत बाद तेज आवाज सुनने की सूचना दी. केएलएम ने एक बयान में कहा कि एक तेज आवाज के कारण पायलटों को सुरक्षा के लिए टॉर्प की ओर मुड़ना पड़ा. स्थानीय मीडिया ने बताया कि पायलटों ने बाएं इंजन से धुआं निकलता देखा. इसके बाद विमान की लैंडिंग कराई गई, हालांकि विमान रवने पर कंट्रोल नहीं हो पाया और रनवे से फिसलकर घास में रुक गया.

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