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श्रीलंका के मंत्री के सपोर्ट में आए 8 मुस्लिम अफसर, छोड़ा अपना पद

श्रीलंका में इस्लामिक चरमपंथियों का समर्थन करने का आरोप झेल रहे उद्योग मंत्री के प्रति आठ मुस्लिम अफसरों ने एकजुटता दिखाई है. मंत्री के समर्थन में इन अफसरों ने सोमवार को अपने पद से इस्तीफा दे दिया.

श्रीलंका के न्याय और कारागार सुधार मंत्री रउफ हकीम (रॉयटर्स) श्रीलंका के न्याय और कारागार सुधार मंत्री रउफ हकीम (रॉयटर्स)
aajtak.in
  • कोलंबो,
  • 04 जून 2019,
  • अपडेटेड 9:18 AM IST

श्रीलंका में इस्लामिक चरमपंथियों का समर्थन करने का आरोप झेल रहे उद्योग मंत्री के प्रति आठ मुस्लिम अफसरों ने एकजुटता दिखाई है. मंत्री के समर्थन में इन अफसरों ने सोमवार को अपने पद से इस्तीफा दे दिया.

असल में, 21 अप्रैल को श्रीलंका में अबतक का सबसे विध्वसंक आतंकी हमला हुआ था. इस हमले में 290 से ज्यादा लोगों की मौत हो गई थी. रविवार को ईस्टर के मौके पर चर्च और होटलों समेत कुल 8 सीरियल ब्लास्ट हुए थे. हमले में 450 से अधिक लोग घायल हुए हैं. इस हमले की जिम्मेदारी आतंकी संगठन इस्लामिक स्टेट ने ली थी.

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शक्तिशाली बौद्ध भिक्षुओं ने उद्योग मंत्री रिशाद बाथुइदीन और दो मुस्लिम राज्यपालों के इस्तीफे की मांग करते हुए मुस्लिम राजनेताओं पर दबाव बना रहे हैं.

श्रीलंका शक्तिशाली माना जाने वाला बौद्धिस्ट संगठन बोडू बाला सेना (बीबीएस) के प्रमुख गालागोड़ा एथेथ ज्ञानसारा ने सोमवार को कैंडी शहर में दुकानों का बंद करा दिया. साथ ही वाहनों को भी रोकने का प्रयास किया.

फिलहाल तीन मुस्लिम मंत्री और उनके पांच जूनियर मंत्रियों ने अपने विभागों से इस्तीफा दिया है. हालांकि इन्होंने अपनी पार्टी से इस्तीफा नहीं दिया है इसलिए अभी प्रधानमंत्री रानिल विक्रमसिंघे की गठबंधन सरकार को कोई खतरा नहीं है.

गौरतलब है कि श्रीलंका 21 अप्रैल को हुए आतंकी हमले की आग में अबतक सुलग रहा है. हमले ने वहां के सामाजिक ताने-बाने में अविश्वास का भाव पैदा कर दिया है. यह इस खबर से स्पष्ट है कि वहां मुस्लिम गवर्नर बौद्ध भिक्षुओं के दबाव के बाद इस्तीफा दे रहे हैं. कैंडी शहर में बौद्ध भिक्षु अथुरालिए रथाना थेरा मुस्लिम राज्यपालों के इस्तीफे की मांग को लेकर आमरण अनशन पर चले गए. उनके 4 दिन की भूख हड़ताल के बाद वहां दो मुस्लिम राज्यपालों ने अपने पद से इस्तीफा दे दिया.  

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बौद्ध भिक्षु थेरा के आमरण अनशन और इलाके के तनावपूर्ण माहौल को देखते हुए गवर्नर एम.एल.ए.एम. हिजबुल्लाह और गवर्नर अज़थ साले ने अपना इस्तीफा राष्ट्रपति मैत्रिपाला सिरिसेना को सौंप दिया है. गवर्नर हिजबुल्लाह ने अपने इस्तीफे में कहा है कि 21 अप्रैल को हुए आतंकी हमले की मुस्लिम उलेमाओं और मुस्लिम समुदाय ने बड़े पैमाने पर निंदा की थी. उसके बाद भी मुसलमानों को बदनाम करने और उनके खिलाफ एक मनोवैज्ञानिक दबाव बनाने की कोशिश की गई. 

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