
अमेरिकी विदेश मंत्री एंटनी ब्लिंकन ने भारत और अमेरिका के बीच द्विपक्षीय साझेदारी जमकर तारीफ की है. ब्लिंकन ने कहा है कि दोनों देशों के बीच रणनीतिक साझेदारी कभी इतनी बेहतर नहीं रही. उन्होंने कहा कि भारत और अमेरिका हर चीज पर एकजुट हैं, चाहे वह उन्नत अर्धचालक हो या रक्षा सहयोग हो.
जॉन्स हॉपकिन्स स्कूल ऑफ एडवांस्ड इंटरनेशनल स्टडीज में आयोजित एक कार्यक्रम को संबोधित करते हुए अमेरिकी विदेश मंत्री एंटनी ब्लिंकन ने कहा, 'हम अपने गठबंधनों और साझेदारियों को बेहतर और मजबूत कर रहे हैं, और नए गठबंधन बना रहे हैं... अमेरिका-भारत रणनीतिक साझेदारी कभी इतनी अधिक गतिशील नहीं रही जितनी अभी है. एडवांस्ड सेमी कंडक्टर से लेकर रक्षा सहयोग तक हर चीज़ में सहयोग को मजबूत कर रहे हैं..."
ब्लिंकन ने कहा हर क्षेत्र में मजबूत हुई साझेदारी
अमेरिकी विदेश मंत्री एंटनी ब्लिंकन ने कहा, 'विभिन्न मुद्दों पर हम अपने गठबंधनों और साझेदारियों को बेहतर और पारस्परिक रूप से मजबूत कर रहे हैं... हमने अपने देशों के लिए बेहतर परिणाम देने के लिए दुनिया को वैक्सीन के उत्पादन से लेकर समुद्री सुरक्षा को मजबूत करने और जलवायु चुनौतियों से निपटने तक हर चीज पर काम किया है और भारत, जापान और ऑस्ट्रेलिया के साथ क्वाड साझेदारी को बढ़ाया है.'
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अपने संबोधन में, ब्लिंकन ने महत्वाकांक्षी इंडिया-मिडिल ईस्ट-यूरोप इकोनॉमिक कॉरिडोर का भी जिक्र किया जिसकी घोषणा प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और अमेरिकी राष्ट्रपति जो बाइडेन ने हाल ही में दिल्ली में आयोजित जी20 शिखर सम्मेलन के दौरान की थी. उन्होंने कहा, 'और अभी पिछले हफ्ते जी20 में, राष्ट्रपति बाइडेन और भारतीय प्रधानमंत्री मोदी ने एक और महत्वाकांक्षी परिवहन, ऊर्जा और प्रौद्योगिकी गलियारे की घोषणा की, जो एशिया, मध्य पूर्व और यूरोप के बंदरगाहों को जोड़ेगा. सऊदी अरब, संयुक्त अरब अमीरात, फ्रांस, जर्मनी, इटली, यूरोपीय संघ स्वच्छ ऊर्जा उत्पादन, डिजिटल कनेक्टिविटी और पूरे क्षेत्र में महत्वपूर्ण आपूर्ति श्रृंखलाओं को मजबूत करने के लिए अमेरिका और भारत के साथ मिलकर काम करेंगे.'
पीएम ने की थी आईएमईसी की घोषणा
प्रधान मंत्री नरेंद्र मोदी ने जी20 शिखर सम्मेलन के मौके पर महत्वाकांक्षी परियोजना इंडिया-मिडिल ईस्ट-यूरोप इकोनॉमिक कॉरिडोर (आईएमईसी) सहयोग की घोषणा की और उनके साथ अमेरिकी राष्ट्रपति जो बिडेन, सऊदी अरब के प्रधानमंत्री मोहम्मद बिन सलमान और यूरोपीय संघ के नेता भी मौजूद थे.
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प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा था कि आईएमईसी सहयोग, नवाचार और साझा प्रगति का प्रतीक बनेगा. उन्होंने कहा कि यह गलियारा मानव प्रयास और महाद्वीपों में एकता का प्रमाण है. पीएम मोदी ने कहा कि आज जब हम कनेक्टिविटी का इतना बड़ा इनिशिएटिव ले रहे हैं, तब हम आने वाली पीढ़ियों के सपनों के विस्तार के बीज बो रहे हैं.
आईएमईसी में भारत को खाड़ी क्षेत्र से जोड़ने वाला एक ईस्टर्न कॉरिडोर और खाड़ी क्षेत्र को यूरोप से जोड़ने वाला एक नॉर्दर्न कॉरिडोर शामिल है. इसमें रेलवे और जहाज-रेल पारगमन नेटवर्क और सड़क परिवहन मार्ग शामिल होंगे. इस कॉरिडोर के दो हिस्से होंगे. पहला- ईस्टर्न कॉरिडोर, जो भारत को खाड़ी देशों से जोड़ेगा. दूसरा- नॉर्दर्न कॉरिडोर, जो खाड़ी देशों को यूरोप से जोड़ेगा.इस कॉरिडोर में रेलवे लाइन के साथ-साथ इलेक्ट्रिसिटी केबल, हाइड्रोजन पाइपलाइन और एक हाई-स्पीड डेटा केबल भी होगी.