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'भरोसा टूट रहा...', चीन के शीर्ष राजनयिक के सामने NSA अजीत डोभाल की दो टूक

चीन के साथ रिश्तों में तनाव के बीच राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजीत डोभाल ने चीन के शीर्ष राजनयिक वांग से मुलाकात की है. इस मुलाकात के दौरान दोनों के बीच सीमावर्ती क्षेत्रों में शांति के मुद्दे पर चर्चा हुई. इसी दौरान डोभाल ने भारत-चीन के रिश्तों को लेकर बड़ी बात कह दी.

एनएसए अजीत डोभाल और चीन के शीर्ष राजनयिक वांग यी (Photo- ANI) एनएसए अजीत डोभाल और चीन के शीर्ष राजनयिक वांग यी (Photo- ANI)
aajtak.in
  • नई दिल्ली,
  • 25 जुलाई 2023,
  • अपडेटेड 1:37 PM IST

राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजीत डोभाल ने चीन के शीर्ष राजनयिक वांग यी से मुलाकात के दौरान दो टूक कहा है कि 2020 के बाद से दोनों देशों के बीच का रणनीतिक विश्वास और रिश्ता धीरे-धीरे खत्म हो रहा है. एनएसए डोभाल ने सोमवार को दक्षिण अफ्रीका के शहर जोहान्सबर्ग में ब्रिक्स एनएसए की बैठक के मौके पर वांग यी से मुलाकात की. इस दौरान डोभाल ने उनसे वास्तविक नियंत्रण रेखा (LAC) की स्थिति पर बात करते हुए यह टिप्पणी की.

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एनएसए डोभाल और वांग यी की मुलाकात को लेकर मंगलवार को विदेश मंत्रालय ने एक बयान जारी किया है. बयान में कहा गया, 'बैठक के दौरान, एनएसए ने बताया कि 2020 से भारत-चीन सीमा के पश्चिमी क्षेत्र में एलएसी पर स्थिति ने दोनों देशों के बीच रणनीतिक विश्वास और रिश्ते को धीरे-धीरे खत्म कर दिया है.'

बयान में यह भी कहा गया है कि 'एनएसए ने समस्या को सुलझाने और सीमावर्ती क्षेत्रों में शांति बहाल करने के लिए लगातार किए जा रहे प्रयासों पर जोर दिया ताकि द्विपक्षीय संबंधों की बेहतरी के रास्ते में आने वाली मुश्किलों को दूर किया जा सके.'

बयान में आगे कहा गया, 'दोनों पक्ष इस बात पर सहमत हुए हैं कि भारत-चीन द्विपक्षीय संबंध न केवल दोनों देशों के लिए बल्कि क्षेत्र और दुनिया के लिए भी महत्वपूर्ण है.'

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इसी महीने जयशंकर से मिले थे वांग यी

इस महीने की शुरुआत में, विदेश मंत्री एस जयशंकर और वांग यी की मुलाकात हुई थी जिसमें सीमा पर तनाव को लेकर लंबित मुद्दों पर चर्चा हुई थी. किन गैंग के चीनी विदेश मंत्री बनने के बाद से वांग यी की विदेश मंत्री जयशंकर से यह पहली मुलाकात थी.

यह बैठक जकार्ता में ASEAN क्षेत्रीय मंच (ARF) की मंत्रिस्तरीय बैठक के मौके पर हुई. इस बैठक को लेकर जयशंकर ने ट्वीट किया था, 'अभी वांग यी के साथ एक मुलाकात हुई. हमने सीमावर्ती क्षेत्रों में शांति के लिए लंबित मुद्दों पर चर्चा की.'

'चीन हमारा महत्वपूर्ण पड़ोसी', जयशंकर

जयशंकर चीन के साथ चल रहे सैन्य तनाव को अपने डिप्लोमैटिक करियर की सबसे बड़ी चुनौती कहते हैं. हालांकि, पिछले महीने उन्होंने कहा था कि चीन भारत का एक महत्वपूर्ण पड़ोसी है. 

इंडिया इंटरनेशनल सेंटर में बोलते हुए उन्होंने कहा था कि भारत और चीन के बीच सीमा पर तनाव द्विपक्षीय संबंधों को सामान्य बनाने में बड़ा रोड़ा बना हुआ है.

उन्होंने कहा था, 'मैं कहूंगा कि यह एक ऐसा विषय है जिस पर मैं पहले भी सार्वजनिक रूप से बोल चुका हूं. आखिरकार चीन हमारा पड़ोसी है, हम यह बात समझते हैं कि चीन एक बड़ा पड़ोसी है. यह आज एक बहुत ही महत्वपूर्ण अर्थव्यवस्था और महत्वपूर्ण शक्ति है. लेकिन मैं कहना चाहता हूं कि कोई भी रिश्ता आपसी समझ पर आधारित होना चाहिए.'

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भारत और चीन के बीच सीमा पर पिछले तीन सालों से तनाव का माहौल है. भारत कहता रहा है कि द्विपक्षीय रिश्ते तब तक सामान्य नहीं होंगे जब तक कि सीमावर्ती क्षेत्रों में शांति कायम नहीं होती. 

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