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मालदीव सुप्रीम कोर्ट के 3 जज सस्पेंड, मुइज्जू सरकार का बड़ा एक्शन

मालदीव के न्यायिक सेवा आयोग ने एसीसी की जांच के बाद आर्टिकल 25(i) के तहत यह फैसला लिया है. आयोग के एक सदस्य ने पुष्टि की कि यह सस्पेंशन सीधे तौर पर भ्रष्टाचार की जांच से जुड़ा हुआ है.

मोहम्मद मुइज्जू मोहम्मद मुइज्जू
सुबोध कुमार
  • नई दिल्ली,
  • 26 फरवरी 2025,
  • अपडेटेड 1:38 PM IST

मालदीव में सुप्रीम कोर्ट के तीन जजों को सस्पेंड कर दिया गया है. मालदीवियन ज्यूडीशियल सर्विस कमीशन (JSC) ने कोर्ट के तीन जजों हुसनुसुद, महज अली जहीर और डॉ. आज्मीराल्डा जहीर को सस्पेंड किया है. एंटी करप्शन कमीशन की जांच के बाद ये कदम उठाया गया है. 

इन जजों के नाम हसन, महज अली जहीर और डॉ. अजमिराल्डा जहीर हैं. मालदीव की न्यायिक सेवा आयोग (जेएससी) ने एसीसी की जांच के बाद आर्टिकल 25(i) के तहत यह फैसला लिया है. आयोग के एक सदस्य ने पुष्टि की कि यह सस्पेंशन सीधे तौर पर भ्रष्टाचार की जांच से जुड़ा हुआ है.

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बता दें कि यह फैसला ससंद में पारित उस संशोधन के बाद आया है, जिसमें सुप्रीम कोर्ट के जजों की संख्या सात से घटाकर पांच कर दी गई थी. 

मालदीव के संविधान के मुताबिक, न्यायाधीशों को तब तक उनके पद से नहीं हटाया जा सकता, जब तक वे नैतिक सिद्धांतों का उल्लंघन नहीं करते. अगर न्यायिक सेवा आयोग को न्यायाधीशों के गलत आचरण के सबूत मिलते हैं तो उन्हें पद से हटाया जा सकता है. लीगल एक्सपर्ट्स का कहना है कि संसद की काउंसिलर जनरल फातिमाथ फिल्जा ने कहा था कि जजों को इस तरीके से हटाना असंवैधानिक होगा. 

बता दें क न्यायिक सेवा आयोग एक स्वतंत्र संस्था है, जो ज्यूडीशियरी से जुड़े मामलों पर राष्ट्रपति और संसद को सलाह देती है. 

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