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'कुरान जलाने की प्रतिक्रिया...', स्वीडिश पुलिस के पास अब आई ये अपील, फिर बढ़ेगा बवाल?

स्वीडन में पिछले सप्ताह बकरीद के मौके पर एक शख्स ने कुरान जलाकर विरोध प्रदर्शन किया था. जिसको लेकर शुरू हुआ विवाद अभी थमा भी नहीं है कि फ्री स्पीच के पैरोकारों ने स्वीडिश पुलिस से यहूदी धार्मिक ग्रंथ तौरात (Torah), ईसाई धर्म ग्रंथ बाइबिल और एक और कुरान जलाने की अनुमति मांगी है.

फाइल फोटो-रॉयटर्स फाइल फोटो-रॉयटर्स
aajtak.in
  • नई दिल्ली,
  • 06 जुलाई 2023,
  • अपडेटेड 5:47 PM IST

बकरीद के मौके पर स्वीडन में जलाए गए कुरान को लेकर जारी विवाद के बीच फ्री स्पीच के पैरोकारों ने स्वीडिश पुलिस से यहूदी धार्मिक ग्रंथ तौरात (Torah) समेत तीन धार्मिक ग्रंथों को जलाने की अनुमति मांगी है. फ्री स्पीच के स्व-घोषित समर्थकों ने इजरायली दूतावास के बाहर यहूदी धार्मिक ग्रंथ को जलाने की अनुमति मांगी है.
 
सलमान मोमिका ने भी अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता की सुरक्षा के तहत ही स्टॉकहोम सेंट्रल मस्जिद के सामने कुरान जलाई थी. जिसके बाद से दुनिया भर के मुस्लिम बहुल देश के अलावा अमेरिका ने भी नाराजगी जताई है. ऐसे में एक बार फिर फ्री स्पीच के तहत तीन धार्मिक ग्रंथों को जलाने की मांग से वैश्विक स्तर पर हंगामा बढ़ने की संभावना है.

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द टाइम्स ऑफ इजरायल की एक रिपोर्ट के मुताबिक, स्व-घोषित फ्री स्पीच समर्थकों ने स्वीडन पुलिस से यहूदी धार्मिक ग्रंथ तौरात समेत तीन धार्मिक ग्रंथों को जलाने की अनुमति मांगी है. स्वीडन की स्थानीय पुलिस ने भी नेशनल ब्रॉडकास्टर से बात करते हुए इस बात की पुष्टि की है.

'कुरान जलाने की प्रतिक्रिया'

पुलिस ने बताया है कि 30 साल के एक व्यक्ति ने 15 जुलाई को स्टॉकहोम में इजरायली दूतावास के बाहर अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता के तहत एक प्रतीकात्मक सभा करने और यहूदी धार्मिक ग्रंथ तौरात और ईसाई धर्म ग्रंथ बाइबिल जलाने की अनुमति मांगी है. व्यक्ति ने अपने अनुरोध में कहा है कि यह पिछले सप्ताह कुरान जलाने की प्रतिक्रिया है. 

रिपोर्ट के अनुसार, 50 वर्षीय एक महिला ने स्वीडिश पुलिस से कहा है कि जितनी जल्दी हो सके, उतनी जल्दी स्टॉकहोम में उसे कुरान जलाने की अनुमति दी जाए. वहीं, एक अन्य 30 वर्षीय व्यक्ति ने हेलसिंगबर्ग के सिटी सेंटर में 12 जुलाई को धार्मिक ग्रंथ जलाने की अनुमति की मांग की है.

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पुलिस ने कहा है कि उसने अभी तक एक भी अनुरोध को खारिज नहीं किया है. सभी अनुरोध की व्यक्तिगत आधार पर समीक्षा की जा रही है. 

इजरायल ने कही ये बात 

स्वीडन में इजरायल के राजदूत जिव नेवो कुलमन (Ziv Nevo Kulman) तौरात जलाने की मांग वाले अनुरोध पर ट्वीट करते हुए लिखा, "स्वीडन में और अधिक धार्मिक ग्रंथों को जलाने की संभावना से मैं स्तब्ध और भयभीत हूं. कुरान हो, तौरात हो या कोई अन्य धार्मिक ग्रंथ, उसे जलाना एक घृणित कार्य है. इसे रोका जाना चाहिए."

स्वीडिश पुलिस ने क्या कहा?

स्वीडिश न्यूज वेबसाइट SVT Nyheter के मुताबिक, स्टॉकहोम पुलिस ने इस बात की पुष्टि की है कि तीन धार्मिक ग्रंथों को जलाने की अनुमति मांगी गई है. पुलिस ने बताया है कि सभी आवेदन की जांच की जा रही है कि अनुरोध शर्तें नियमों के अनुरूप है या नहीं.

हेलसिंगबर्ग में धार्मिक ग्रंथ जलाए जाने की अनुमति मांग पत्र की जांच कर रहे साउथ रीजन की पुलिस ने कहा कि यदि प्रदर्शन की मंजूरी मिलती है तो अगले सप्ताह बुधवार को धार्मिक ग्रंथ जलाने की अनुमति दी जा सकती है.

Nordvästra Skåne एरिया के हेड ऑफ पुलिस मैटियास सिगफ्रिडसन ने कहा कि हमारा नजरिया किसी खास धर्म को लेकर अलग नहीं हो सकता है. लेकिन यह अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता और उसकी बहस का हिस्सा है. और यह बहस अभी भी जारी है. 

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अभिव्यक्ति की आजादी के तहत मिली थी कुरान जलाने की अनुमति

स्वीडन की एक अदालत ने कुरान जलाने पर लगे प्रतिबंध को खत्म कर दिया था. जिसके बाद स्वीडिश पुलिस ने अभिव्यक्ति की आजादी का हवाला देते हुए सलवान मोमिका को स्टॉकहोम में कुरान जलाने की अनुमति दी थी. सलवान मोमिका ने बकरीद के मौके पर स्टॉकहोम सेंट्रल मस्जिद के सामने कुरान जलाकर प्रदर्शन किया था.

हालांकि, यह पहली बार नहीं ता जब स्वीडन में कुरान जलाई गई. इससे पहले जनवरी में भी कुरान जलाने की घटना सामने आई थी. उस वक्त डेनमार्क के एक धुर-दक्षिणपंथी नेता ने कुरान में आग लगा दी थी. 

 

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