
Russia-Ukraine War: दुनिया जानती है कि आज की तारीख़ में रूस के पास मौजूद हथियार युद्ध के मैदान में तबाही ला सकते हैं. अगर युद्ध हुआ तो ज़ख़्म भरने में यूक्रेन को वर्षों का समय लग जाएगा. आज आपको ये समझने की ज़रूरत है कि रूस के वो कौन-से शक्तिशाली हथियार हैं जो उसके अगले एक्शन प्लान में बहुत अहम हो सकते हैं. युद्ध की कवरेज में वैक्यूम बम की चर्चा बार-बार सुनाई दे रही है. इस बात की आशंका बढ़ गई है कि रूस अपने सबसे बड़े वैक्यूम बम (Vacuum Bomb) को यूक्रेन के ऊपर गिरा सकता है. आज आपको इस बम की विनाश शक्ति के बारे में पता होना चाहिए, क्योंकि ये दुनिया के पांच सबसे शक्तिशाली बमों में से एक है...
वैक्यूम बम
रूस के फादर ऑफ ऑल बॉम्ब का सबसे ख़तरनाक फीचर ये है कि ये वातावरण में मौजूद ऑक्सीजन को सोखकर जमीन के ऊपर धमाका करता है. जिससे अनलिमिटेड एनर्जी और भीषण गर्मी पैदा होती है जिससे मानव शरीर को भाप में और शहर मलबे में बदल सकता है. रूस के इस बम को ATBIP यानी एविएशन थर्मोबेरिक बॉम्ब ऑफ इंक्रीज्ड पावर कहा जाता है. वैसे तो ये परमाणु बम नहीं है लेकिन उससे कम भी नहीं है. करीब 23 फीट लंबे इस घातक बॉम्ब से 44 टन TNT के बराबर धमाका हो सकता है. लगभग 7 हज़ार किलोग्राम वजन वाला ये बॉम्ब अपने आसपास के 300 मीटर के इलाके को पूरी तरह खाक कर सकता है. 2016 में रूस पर ये आरोप लगे थे कि उसने सीरिया में वैक्यूम बॉम्ब का इस्तेमाल किया था.
MOAB
घातक बमों की लिस्ट में दूसरा नाम है. अमेरिका का मदर ऑफ ऑल बॉम्ब या MOAB यानी मैसिव ऑर्डिनेंस एयर ब्लास्ट बॉम्ब कहा जाता है. इसे बॉम्ब को आधिकारिक तौर पर GBU-43 कहा जाता है. अमेरिका के मदर ऑफ ऑल बॉम्ब का वजन लगभग 10 हजार किलोग्राम है. लगभग 30 फीट लंबाई वाला ये अमेरिकी बम 11 टन TNT की ताकत से धमाका करता है और 150 से 300 मीटर के दायरे में आने वाली चीज का अस्तित्व मिटा देता है. अमेरिका ने 2017 में इस बॉम्ब का इस्तेमाल अफगानिस्तान में ISIS के ठिकानों पर किया था.
MOP
ख़तरनाक बमों की लिस्ट में अमेरिका का बंकर बस्टर कहे जाने वाला MOP यानी Massive Ordnance Penetrator का नाम भी है. इसका आधिकारिक नाम GBU-57A है. इसकी लंबाई करीब 20 फुट और वज़न 14 हज़ार किलोग्राम है. इसे दुनिया सबसे बड़ा गैर परमाणु बम कहा जाता है जो 60 मीटर की गहराई तक धमाका कर सकता है. इसे अब तक किसी बड़े युद्ध में इस्तेमाल नहीं किया गया है.
GBU-28
इसी तरह अमेरिका का ही GBU -28 बॉम्ब....एक ग़ैर-परमाणु लेकिन सबसे विनाशकारी बमों में एक है. इसे Laser-guided bunker busting bomb भी कहा जाता है यानी ये बॉम्ब छह मीटर मोटी कंक्रीट में सुराख करके बंकर को तबाह कर देता है. 1991 में खाड़ी युद्ध के दौरान अमरीकी वायु सेना ने इराकी बंकरों और सैन्य ठिकानों को बर्बाद करने के लिए इस्तेमाल करने की योजना बनाई थी.
स्पाइस बम
घातक बमों की लिस्ट में अगला नाम है स्पाइस बम Smart Precise Impact Cost-Effective बम...जो मेड इन इज़राएल है. 500 से 900 किलोग्राम वज़न वाले इसके बम की ज़्यादातर ताक़त बिल्डिंग की छत में छेद करके अंदर घुसने के लिए होता है. एक बार इमारत में अंदर जाने के बाद ये बम जब फटता है तो अंदर मौजूद सभी लोग इसके शॉक वेव से मारे जाते हैं. Satellite guidance और Electro-optical sensors की मदद से ये बॉम्ब लगभग 70 किलोमीटर की दूरी तक अपने लक्ष्य को ट्रैक करके उस पर हमला करता है. भारत ने फरवरी 2019 में स्पाइस बम का इस्तेमाल बालाकोट एयर स्ट्राइक के दौरान किया था. (इनपुट- आजतक ब्यूरो)