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निशाने पर चीन, बहाना कनाडा-मेक्सिको-पनामा का... ट्रंप की राहत वाली शर्तों में ही छिपा है असली मकसद

मेक्सिको और कनाडा को यह राहत देने के सवाल पर ट्रंप ने कहा कि ट्रूडो और मेक्सिको की राष्ट्रपति शीनबाम से उनकी बात हुई थी, जिसके बाद एक महीने की छूट का फैसला दिया गया. लेकिन चीन को किसी तरह की राहत नहीं मिलने पर ट्रंप ने कहा कि उनकी अभी तक इस मामले पर राष्ट्रपति शी जिनपिंग से कोई बात नहीं हुई है.

अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप और चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप और चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग
aajtak.in
  • नई दिल्ली,
  • 04 फरवरी 2025,
  • अपडेटेड 8:24 AM IST

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप अमेरिका फर्स्ट की अपनी पॉलिसी को लेकर काफी सख्त हैं. इस पॉलिसी को अमलीजामा पहनाते हुए उन्होंने पहले मेक्सिको, कनाडा और चीन पर अतिरिक्त टैरिफ लगा दिया. जब इस मामले पर हंगामा हुआ तो ट्रंप ने मेक्सिको और कनाडा को 30 दिनों की मोहलत दे दी लेकिन चीन पर अभी भी 10 फीसदी का टैरिफ जस का तस बना हुआ है. ऐसे में सवाल खड़े किए जा रहे हैं कि क्या ट्रंप मेक्सिको और कनाडा के बहाने चीन पर निशाना साध रहा है और उसकी हिटलिस्ट में चीन ही है?

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20 जनवरी को राष्ट्रपति पद की शपथ लेने के बाद ट्रंप ने मेक्सिको, कनाडा और चीन पर टैरिफ लगाने वाले कार्यकारी आदेश पर साइन किया. एक फरवरी को ये टैरिफ तुरंत प्रभाव से लागू हो गए लेकिन दो दिनों के भीतर तीन फरवरी को ही मेक्सिको और कनाडा को राहत दे दी गई. कनाडा के प्रधानमंत्री जस्टिन ट्रूडो ने ट्रंप से फोन पर लंबी-चौड़ी बात की, जिसके बाद उन्होंने बताया कि ट्रंप ने एक महीने के लिए टैरिफ वॉर रोक दिया है. इससे पहले मेक्सिको को भी इसी तरह की छूट दी गई थी. 

रिपोर्ट के मुताबिक, मेक्सिको और कनाडा को यह राहत देने के सवाल पर ट्रंप ने कहा कि ट्रूडो और मेक्सिको की राष्ट्रपति शीनबाम से उनकी बात हुई थी, जिसके बाद एक महीने की छूट का फैसला दिया गया. लेकिन चीन को किसी तरह की राहत नहीं मिलने पर ट्रंप ने कहा कि उनकी अभी तक इस मामले पर राष्ट्रपति शी जिनपिंग से कोई बात नहीं हुई है. ट्रंप ने कहा कि वह चाहते हैं कि जिनपिंग इस मामले पर उनसे बात करें. वह बातचीत के लिए पूरी तरह से तैयार हैं. 

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ट्रंप की शर्तों में चीन पर चोट

लेकिन कहा जा रहा है कि ट्रंप ने मेक्सिको और कनाडा के बहाने चीन के दबदबे को रोकने की कोशिश की है. इसका जवाब टैरिफ से 30 दिनों की छूट देने के लिए मेक्सिको और कनाडा के सामने रखी शर्तों में छिपा है.

ट्रंप ने कनाडा को 30 दिनों की छूट देते हुए कहा कि वह फेंटानिल की बिक्री पर नकेल कसने के लिए फेंटानिल जार (Fentanyl Czar) नियुक्त करे. मेक्सिको से तुरंत भाव से 10,000 सैन्यकर्मियों को अमेरिका-मेक्सिको बॉर्डर पर तैनात करने को कहा है ताकि वहां से अमेरिकी सीमा में धड़ल्ले से भेजी जा रही फेंटानिल की खेपों को रोका जा सके.

लेकिन फेंटानिल को लेकर ट्रंप सख्त क्यों हैं?

फेंटानिल एक बेहद खतरनाक ड्रग है. फेंटानिल एक अत्यधिक नशीला सिंथेटिक ओपिओइड है, जिसे हेरोइन की तुलना में लगभग 50 गुना और मॉर्फिन की तुलना में 100 गुना ज्यादा शक्तिशाली माना जाता है.

अमेरिका में यह प्रतिबंधित है लेकिन आरोप है कि चीन मेक्सिको और कनाडा के जरिए अमेरिका में धड़ल्ले से इसे बेच रहा है. जिससे हर साल हजारों अमेरिकी नागरिकों की मौत हो रही है. इससे ट्रप खफा है. 

ट्रंप शुरुआत से ही आरोप लगाते आ रहे हैं कि चीन फेंटानिल जैसे खतरनाक ड्रग को अमेरिका में बेच रहा है. इसके लिए वह मेक्सिको और कनाडा के रास्ते अमेरिका में फेंटानिल की खेप भेज रहा है. इस बिक्री से चीन बड़ी रकम कमा रहा है लेकिन अमेरिकी युवक इससे बर्बाद हो रहे हैं.  

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रिपोर्ट के मुताबिक, ट्रंप का असली मकसद टैरिफ लगाना नहीं बल्कि इन टैरिफ की आड़ में चीन को झुकाना है. एक्सपर्ट्स का मानना है कि जिस तरह से मेक्सिको बॉर्डर पर 10 हजार सैनिकों की तैनाती की मांग ट्रंप ने मेक्सिको से मनवा ली है. कनाडा के रास्ते अमेरिका में फेंटानिल की बिक्री को रोकने के लिए फेंटानिल जार को नियुक्त करने की शर्त रखी गई है. उससे साफ है कि ट्रंप चीन पर चोट कर रहे हैं.

ट्रंप के दबाव में पनामा, चीन के BRI से बाहर निकला

डोनाल्ड ट्रंप के भारी दबाव के बीच पनामा ने चीन को झटका देते हुए चीन की महत्वाकांक्षी योजना बेल्ट एंड रोड (BRI) को रिन्यू नहीं करने पर सहमति जताई थी. 

पनामा नहर को लेकर ट्रंप के दबाव के बीच पनामा के राष्ट्रपति जोस राउल मुलिनो ने कहा था कि उनका देश पनामा 2017 में चीन की इस योजना से जुड़ा था. लेकिन अब हम चीन की इस योजना से बाहर निकलने जा रहे हैं.

राष्ट्रपति मुलिनो ने कहा कि अब पनामा इन्फ्रास्ट्रक्चर प्रोजेक्ट्स सहित नए निवेश पर अमेरिका के साथ मिलकर काम  करेगा. राष्ट्रपति ने कहा कि उनकी सरकार पनामा पोर्ट्स कंपनी का ऑडिट करेगी. यह कंपनी पनामा नहर के दो बंदरगाहों को ऑपरेट करने वाली चीन की कंपनी के साथ जुड़ी है. मुलिनो ने कहा कि हमें पहले ऑडिट पूरा होने का इंतजार करना पड़ेगा. 

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