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'अगर समझौता नहीं किया तो बमबारी होगी...', न्यूक्लियर डील को लेकर ट्रंप की ईरान को धमकी

अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान को लेकर एक बड़ा बयान दिया है. उन्होंने स्पष्ट रूप से धमकी दी है कि अगर ईरान न्यूक्लियर डील पर सहमति नहीं बनाता, तो बमबारी की जाएगी.

न्यूक्लियर डील को लेकर ट्रंप ने ईरान को खुली धमकी दी है न्यूक्लियर डील को लेकर ट्रंप ने ईरान को खुली धमकी दी है
aajtak.in
  • नई दिल्ली,
  • 30 मार्च 2025,
  • अपडेटेड 9:01 PM IST

अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान को लेकर एक बड़ा बयान दिया है. उन्होंने स्पष्ट रूप से धमकी दी है कि अगर ईरान न्यूक्लियर डील पर सहमति नहीं बनाता, तो बमबारी की जाएगी. साथ ही उसे कड़े आर्थिक प्रतिबंधों का सामना करना पड़ेगा.

रॉयटर्स के मुताबिक NBC न्यूज को दिए टेलीफोन इंटरव्यू में ट्रंप ने कहा कि अमेरिका और ईरान के बीच बातचीत जारी है, लेकिन अगर ईरान समझौता नहीं करता, तो बमबारी होगी. उन्होंने कहा कि अगर ईरान समझौता नहीं करता, तो मैं उन पर फिर से सेकेंडरी टैरिफ (द्वितीयक प्रतिबंध) लगा दूंगा, जैसा मैंने चार साल पहले किया था.

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ट्रंप के पहले कार्यकाल में ईरान पर लगे थे सख्त प्रतिबंध

ट्रंप ने अपने पहले कार्यकाल में अमेरिका को 2015 के ईरान परमाणु समझौते से अलग कर लिया था. यह समझौता ईरान के परमाणु कार्यक्रम पर सख्त प्रतिबंध लगाता था, जिसके बदले में उसे आर्थिक प्रतिबंधों से राहत मिलती थी. इसके बाद ट्रंप ने ईरान पर कड़े अमेरिकी प्रतिबंध दोबारा लागू कर दिए, जिससे ईरान का आर्थिक संकट और बढ़ गया.

ईरान ने ट्रंप की धमकी खारिज की

वहीं, तेहरान ने ट्रंप की धमकियों को खारिज कर दिया है. ईरानी विदेश मंत्री अब्बास अराकची ने कहा कि ईरान ने ट्रंप के पत्र का जवाब ओमान के माध्यम से भेज दिया है. पत्र में ट्रंप ने ईरान से नए परमाणु समझौते की अपील की थी. ट्रंप की इस धमकी से मिडिल ईस्ट में तनाव और बढ़ सकता है, क्योंकि ईरान लगातार अपने यूरेनियम संवर्धन कार्यक्रम को तेज कर रहा है.

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ईरान और अमेरिका के बीच बढ़ते तनाव

2018 के बाद से अमेरिका और ईरान के बीच तनाव लगातार बढ़ा है. इस दौरान, गाजा में इजरायल-हमास संघर्ष के दौरान ईरान समर्थित समूहों के नेताओं पर भी हमले हुए. वर्तमान में अमेरिका यमन में हूती विद्रोहियों पर हवाई हमले कर रहा है, जिससे मिडिल ईस्ट में संघर्ष और गहरा गया है. इसके अलावा ईरान के परमाणु कार्यक्रम को लेकर सैन्य कार्रवाई की आशंका अब भी बनी हुई है. माना जा रहा है कि अगर ईरान अपने परमाणु कार्यक्रम को लेकर कोई समाधान नहीं निकालता, तो अमेरिका और अन्य पश्चिमी देशों की प्रतिक्रिया और सख्त हो सकती है.

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