Advertisement

अफगानिस्तान मिशन के लिए UNSC में वोटिंग, संयुक्त राष्ट्र का क्या है प्लान?

नार्वे के संयुक्त राष्ट्र के राजदूत मोना जुल ने कहा कि यूएनएएमए (अफगानिस्तान के लिए संयुक्त राष्ट्र मिशन) के लिए यह नया जनादेश मानवीय और आर्थिक संकट का जवाब देने के लिए महत्वपूर्ण है.

अफगानिस्तान छोड़ गए लोगों की वापसी के लिए तालिबान ने बनाया आयोग. अफगानिस्तान छोड़ गए लोगों की वापसी के लिए तालिबान ने बनाया आयोग.
aajtak.in
  • काबुल,
  • 17 मार्च 2022,
  • अपडेटेड 11:34 PM IST
  • अफगानिस्तान में है तालिबानी शासकों का राज
  • इसे अफगानिस्‍तान में शांति के लिए महत्‍वपूर्ण कहा गया है

तालिबान द्वारा संचालित अफगानिस्तान में औपचारिक उपस्थिति को लेकर गुरुवार को संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद में मतदान हुआ. न्यूज एजेंसी AFP के मुताबिक, संयुक्त राष्ट्र ने जिस प्रस्ताव को पास किया, उसमें तालिबान शब्द का जिक्र नहीं किया गया है. स्पष्ट है कि यूएन ने अफगानिस्तान को लेकर पहल जरूर की है, लेकिन तालिबान के शासन को अभी तक अंतरराष्ट्रीय मान्यता नहीं मिली है.

Advertisement

गुरुवार को संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद की बैठक में अफगानिस्तान में राजनायिक मिशन के लिए एक साल का जनादेश मिला है. इस प्रस्ताव के पक्ष में 14 वोट पड़े, वहीं रूस इस पूरी प्रक्रिया के दौरान अनुपस्थित रहा. इस प्रस्ताव में महिलाओं, बच्चों और पत्रकारों सहित मानवीय, राजनीतिक और मानवाधिकार मोर्चों पर सहयोग के कई पहलू शामिल हैं. अफगानिस्तान के लिए ये प्रस्ताव नार्वे ने तैयार किया था.

यूएन में इस प्रस्ताव को पास किए जाने के बाद नॉर्वेजियन संयुक्त राष्ट्र की राजदूत मोना जुल ने कहा, 'यूएनएएमए (अफगानिस्तान के लिए संयुक्त राष्ट्र मिशन) के लिए यह नया जनादेश न केवल तत्काल मानवीय और आर्थिक संकट का जवाब देने के लिए महत्वपूर्ण है, बल्कि अफगानिस्तान में शांति और स्थिरता के हमारे व्यापक लक्ष्य तक पहुंचने के लिए भी अहम है.'

उन्होंने कहा कि यूएन के इस कदम से अफगानिस्तान में दोबारा से शांति व्यवस्था को लागू करने में मदद मिलेगी. परिषद इस नए जनादेश के साथ एक स्पष्ट संदेश देना चाहती है कि UNAMA की अफगानिस्तान में शांति और स्थिरता को बढ़ावा देने और अफगान लोगों का समर्थन करने के लिए एक महत्वपूर्ण भूमिका है क्योंकि वे अभूतपूर्व चुनौतियों और अनिश्चितता का सामना करते हैं.

Advertisement

तालिबान सरकार की ओर से जानकारी देते हुए बताया गया है कि आयोग उन अफगानों से संपर्क करेगा जो अफगानिस्‍तान छोड़ चुके हैं ताकि उनकी वतन वापसी के रास्‍ते खोले जा सकें. बता दें कि पिछले साल अगस्‍त में तालिबान के अफगानिस्‍तान पर कब्‍जे के बाद काफी संख्‍या में लोगों ने अफगानिस्‍तान छोड़ दिया था.


 

Read more!
Advertisement

RECOMMENDED

Advertisement