
बांग्लादेश में हिंदुओं को प्रताड़ित करने का सिलसिला जारी है. इस बीच बांग्लादेश में हिंदुओं पर हमले का मुद्दा ब्रिटेन की संसद में उठा है. UK की संसद में इस बात पर चिंता जताई गई कि बांग्लादेश में न सिर्फ हिंदुओं को निशाना बनाया जा रहा है बल्कि धार्मिक नेताओं को गिरफ्तार भी किया जा रहा है.
लेबर सांसद बैरी गार्डिनर ने 2 दिसंबर को हाउस ऑफ कॉमन्स (ब्रिटिश सांसद) में एक प्रश्न उठाया. इसके जावाब में इंडो-पैसिफिक के प्रभारी विदेश कार्यालय मंत्री कैथरीन वेस्ट ने कहा,'पिछले महीने बांग्लादेश यात्रा के दौरान वहां की अंतरिम सरकार ने आश्वासन दिया था कि अल्पसंख्यक समुदायों को मदद दी जा रही है.'
'माइनॉरिटी के समर्थन में मुखर रहे'
विदेश कार्यालय मंत्री कैथरीन वेस्ट ने आगे कहा,'ब्रिटेन मंत्री स्तर का समर्थन हासिल करने वाले पहले देशों में से एक था. हम बांग्लादेश के मुख्य सलाहकार मोहम्मद यूनुस से बात करने के लिए ढाका पहुंचे और अल्पसंख्यकों के समर्थन में 'मुखर' रहे.'
चिन्मय प्रभु के मुद्दे पर भी हुई चर्चा
कैथरीन वेस्ट ने कहा,'हम राजद्रोह के आरोप में हिंदू नेता चिन्मय प्रभु की गिरफ्तारी के बाद भारत की चिंता से परिचित हैं. ब्रिटेन का विदेश, राष्ट्रमंडल और विकास कार्यालय (FCDO) डेस्क इन घटनाक्रमों पर बारीकी से नजर रख रहा है.'
अंतरिम सरकार से की जाएगी बात
ब्रिटेन की विदेश कार्यालय मंत्री ने कहा,'ब्रिटेन सरकार इस सदन से प्रतिनिधित्व हासिल करने सहित स्थिति पर नजर रखना जारी रखेगी. बांग्लादेश की अंतरिम सरकार के साथ धर्म या आस्था की स्वतंत्रता के महत्व पर बातचीत की जाएगी, क्योंकि यह हिंदू समुदाय को प्रभावित करती है.'
चिन्मय प्रभु की गिरफ्तारी से बिगड़े हालात
बता दें कि भारत और बांग्लादेश के बीच तनाव 5 अगस्त से ही जारी है. उस समय अपदस्थ प्रधानमंत्री शेख हसीना भारत भाग गई थीं. इसके बाद पिछले हफ्ते इस्कॉन वाले चिन्मय प्रभु की गिरफ्तारी के बाद स्थिति और भी बिगड़ गई है.