Advertisement

मॉस्को में तीन दिन में दूसरा ड्रोन अटैक, यूक्रेन सेना ने अब कॉमर्शियल बिल्डिंग को बनाया निशाना

यूक्रेन और रूस के बीच जारी युद्ध थमने का नाम नहीं ले रहा है. रूस लगातार दावा कर रहा है कि यूक्रेन उस पर ड्रोन हमले कर रहा है. हालांकि उसकी सेना उन्हें मार गिरा रही है. मॉस्को में फिर से ड्रोन हमला हुआ. इस बार एक कॉमर्शियल बिल्डिंग को निशाना बनाया गया.

यूक्रेन मॉस्को पर लगातार कर रहा ड्रोन हमला (फाइल फोटो) यूक्रेन मॉस्को पर लगातार कर रहा ड्रोन हमला (फाइल फोटो)
aajtak.in
  • नई दिल्ली,
  • 01 अगस्त 2023,
  • अपडेटेड 8:11 AM IST

यूक्रेनी सीमा से लगभग 500 किमी (310 मील) दूर स्थित मॉस्को और उसके आसपास के क्षेत्र में यूक्रेन ने अपने ड्रोन हमले बढ़ा दिए हैं. अब रूस में तीन दिन में दूसरी बार ड्रोन अटैक हुआ. इस बार यह हमला राजधानी मॉस्को में किया गया. शहर के मेयर ने मंगलवार को बताया कि यहां एक कॉमर्शियल बिल्डिंग पर एक ड्रोन हमला हुआ, वहीं एक ड्रोन को मार गिराया गया.

Advertisement

मेयर सर्गेई सोबयानिन ने टेलीग्राम पर पोस्ट किया, "मॉस्को के लिए उड़ान भरने की कोशिश के दौरान एयर डिफेंस सिस्टम द्वारा कई ड्रोनों को मार गिराया गया. पिछली बार की तरह एक ड्रोन ने उसी टॉवर में उड़ान भरी थी."

वहीं इससे पहले शनिवार देर रात मॉस्को एक सरकारी बिल्डिंग को निशाना बनाया गया था. रूसी मीडिया ने दावा किया था कि हमला रात के समय किया गया, जिसकी जद में दो सरकारी बिल्डिंग आ गईं. बिल्डिंगों में लगे कांच टूट गए. हालांकि इस हमले में किसी को चोट नहीं आई थी.

इस हमले के बाद रूस ने मॉस्को के वनुकोवो हवाईअड्डा को बंद कर दिया था. यहां से उड़ान भरने और लैंड होने वाली फ्लाइट्स को रि-डायरेक्ट कर दिया था. 

अमेरिका की मदद से हो रहे हमले

इस महीने की शुरुआत में, ड्रोन हमलों की एक सीरीज ने शहर के दक्षिण-पश्चिम में स्थित एक हवाई अड्डे पर हवाई यातायात को कुछ समय के लिए बाधित कर दिया था. रूस ने कहा था कि उसने उस रात पांच यूक्रेनी ड्रोन गिराए थे. रूस के विदेश मंत्रालय ने कहा है कि ऐसे हमले 'अमेरिका और उसके नाटो सहयोगियों द्वारा कीव शासन को प्रदान की गई मदद के बिना संभव नहीं होंगे.'

Advertisement

शुक्रवार को रूस ने कहा कि उसने यूक्रेन की सीमा से लगे दक्षिणी रोस्तोव क्षेत्र में दो यूक्रेनी मिसाइलों को रोका है, जिसमें तगानरोग शहर पर मलबा गिरने से कम से कम 16 लोग घायल हो गए थे. पिछले साल फरवरी में मॉस्को द्वारा शुरू किए गए सैन्य अभियान शुरू के बाद से यूक्रेन की सीमा से लगे क्षेत्रों में नियमित ड्रोन हमले और गोलाबारी देखी गई है.

यूक्रेन की वजह से जटिल हो गई समस्या

रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने शनिवार को कहा था कि एक अफ्रीकी पहल यूक्रेन में शांति का आधार हो सकती है लेकिन यूक्रेनी हमलों की वजह से समस्या जटिल होती जा रही है. शुक्रवार को सेंट पीटर्सबर्ग में अफ्रीकी नेताओं से मुलाकात करने के बाद पुतिन मीडिया से बात कर रहे थे.

हिमरास रॉकेट्स इस्तेमाल कर रहा यूक्रेन

कुछ दिन पहले ही यूक्रेन ने रूस के कब्जे वाले माकिव्का शहर पर हमला किया था. रात में किए गए हमले में यूक्रेनी फौज ने अमेरिका से हासिल किए हिमरास रॉकेट्स (HIMRAS) का इस्तेमाल किया था. यूक्रेनी फौज ने दो रॉकेट टारगेट करके तेल और आयुध डिपो पर दागे. रॉकेट्स ने सटीक निशाना लगाया.रॉकेट के टकराने से पहला धमाका छोटा था. लेकिन धीरे-धीरे ये बड़ा होने लगा. हथियारों के जखीरे में आग लगने की वजह से वहां से छोटे-छोटे रॉकेट छूट रहे थे. विस्फोट हो रहे थे. थोड़ी देर बाद दूसरा बड़ा धमाका हुआ. बेहद बड़ा. ये धमाका तेल डिपो में विस्फोट की वजह से था. विस्फोट के बाद हवा में आग का मशरूम बन गया.

Advertisement

इससे ठीक पहले अमेरिका के ज्वाइंट चीफ ऑफ स्टाफ जनरल मार्क ए माइली ने कहा था कि यूक्रेन की फौज धीमे और रणनीति के साथ आगे बढ़ रही है. हालांकि रूस के कब्जे वाले इलाकों पर यूक्रेन को फिर से कब्जा करने में समय लग रहा है. इसमें देरी से दिक्कत हो सकती है. यह जितना लंबा खिचेगा, उतना ही ज्यादा जानमाल का नुकसान होगा.

 

Read more!
Advertisement

RECOMMENDED

Advertisement