Advertisement

रूस को बड़ा झटका, धमकियां बेअसर, यूक्रेन को टैंक देने के लिए राजी हुए अमेरिका-जर्मनी!

कई दिनों से यूक्रेन जर्मनी के लेटेस्ट लेपर्ड-2 टैंक (Leopard 2 tanks) की मांग कर रहा था. लेकिन जर्मनी इसके लिए तैयार नहीं हो रहा था. अब रिपोर्ट सामने आ रही है कि जर्मनी 14 लेपर्ड-2 टैंक यूक्रेन को देने के लिए तैयार हो गया है. इसके साथ ही अमेरिका के 30 अबराम एम-1 टैंक देने की भी खबर है.

सांकेतिक तस्वीर सांकेतिक तस्वीर
aajtak.in
  • नई दिल्ली,
  • 25 जनवरी 2023,
  • अपडेटेड 2:40 PM IST

पिछले करीब 1 साल से जारी रूस-यूक्रेन जंग और ज्यादा खतरनाक मोड़ पर पहुंच सकती है. रूस के विरोध के बावजूद जर्मनी के साथ-साथ अमेरिका भी यूक्रेन को अपने आधुनिक टैंक देने के लिए तैयार हो गया है. दरअसल, यूक्रेन लंबे समय से जर्मनी से उसके लेटेस्ट लेपर्ड-2 टैंक (Leopard 2 tanks) की मांग कर रहा था. लेकिन जर्मनी इस फैसले पर चुप्पी साधे हुआ था. 

Advertisement

अब ऐसी रिपोर्ट्स सामने आ रहीं कि जर्मनी के चांसलर टैंक देने के लिए राजी हो गए हैं और जल्द ही इसका ऐलान कर सकते हैं. जर्मनी फिलहाल यूक्रेन को 14 लेपर्ड-2 टैंक देगा. इस जानकारी के बीच रूस को एक और बड़ा झटका लगा है. अमेरिका भी अपने अबराम एम-1 टैंक यूक्रेन को देने के लिए राजी हो गया है. अमेरिकी राष्ट्रपति जो बाइडेन इसकी घोषणा कर सकते हैं. अमेरिका फिलहाल यूक्रेन को 30 अबराम एम-1 टैंक देगा.

दरअसल, यूक्रेन लंबे समय से चाहता था कि उसे अत्याधुनिक टैंक मिलें, ताकि वो रूसी सेना का मुकाबला कर सके और अपने इलाकों को फिर से कब्जे में ले सके. मेड इन जर्मनी लेपर्ड-2 टैंक के साथ ही अमेरिका का अबराम एम-1 टैंक बेहद अत्याधुनिक टैंक माना जाता है.

पहले यह भी सामने आ रहा था कि हो सकता है कि पोलैंड अपने लेपर्ड-2 टैंक यूक्रेन को दे. लेकिन इस कंडीशन में भी उसे इसके लिए जर्मनी की मंजूरी लेनी होती. फिलहाल यह साफ नहीं है कि टैंक जर्मनी से भेजे जाएंगे या पोलैंड से आएंगे.

Advertisement

पोलैंड के प्रधानमंत्री माटुस्ज मोराविकी ने सोमवार को कहा था कि वो यूक्रेन के टैंक भेजने के लिए जर्मनी से मंजूरी मिलने का इंतजार कर रहे हैं. उन्होंने ये भी कहा था कि अगर मंजूरी नहीं मिलती है तो वो दूसरे टैंक यूक्रेन भेज देंगे. इस बीच यूरोपियन यूनियन के फॉरेन पॉलिसी के चीफ जोसेप बोरेल ने कहा था कि जर्मनी टैंकों के एक्सपोर्ट को नहीं रोकेगा.

जर्मनी में बना लेपर्ड-2 टैंक दुनियाभर में 20 से ज्यादा देशों में इस्तेमाल होता है, जिनमें से दर्जनभर से ज्यादा NATO के सदस्य हैं.

लेपर्ड-2 टैंक इतना खास क्यों?

लेपर्ड-2 टैंक को जर्मनी की क्रौस-मफेई वेगमैन ने बनाया है. कंपनी का दावा है कि ये दुनिया के सबसे खतरनाक बैटल टैंक में से एक है. दावा ये भी है कि इस टैंक की क्षमता लगभग पचास सालों तक बरकरार रहती है.

इस टैंक का वजन 55 टन है. इसमें चार जवान बैठ सकते हैं. इस टैंक की रेंज लगभग 450 किलोमीटर तक है. ये टैंक 70 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से चल सकता है. 

इसके अब तक चार वैरिएंट्स आ चुके हैं. इसका सबसे पहला वैरिएंट 1979 में सर्विस में आया था. 120 मिमी स्मूथ बोर गन लगी होती है. इसमें डिजिटल फायर कंट्रोल सिस्टम दिया गया है.

Advertisement

ये टैंक 11 मीटर लंबा और 4 मीटर चौड़ा है. इस टैंक की खास बात ये है कि अगर दुश्मन की ओर से रिटर्न फायर किया जाता है, तब भी इसके अंदर बैठे सैनिक सुरक्षित रहते हैं.

रूस ने दी थी धमकी- यूक्रेन कीमत भुगतेगा

यूक्रेन को लेपर्ड-2 टैंक भेजने को लेकर रूस ने धमकाया था. रूस के राष्ट्रपति भवन क्रेमलिन के प्रवक्ता दीमित्री पेस्कोव ने धमकाते हुए कहा था कि इसकी कीमत यूक्रेन के लोगों को भुगतनी पड़ेगी.

मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक पेस्कोव ने धमकाते हुए कहा था कि पश्चिमी देशों के गठबंधन की घबराहट बढ़ती जा रही है. और अगर वो डायरेक्टली या इनडायरेक्टली यूक्रेन को हथियार भेजते हैं तो जो होगा उसकी जिम्मेदारी उनकी होगी.

Read more!
Advertisement

RECOMMENDED

Advertisement