Advertisement

US ELECTION: पढ़ें, व्हाइट हाउस के गोल्डन टिकट के लिए चाहिए कितने वोट, कैसे हो रही है गिनती

अमेरिका में हर राज्य में एक निश्चित संख्या में इलेक्टोरल कॉलेज वोट होते हैं. यह वोट उस राज्य की आबादी को ध्यान में रखकर तय किया गया है. अमेरिका के इलेक्टोरल कॉलेज में कुल 538 वोट हैं. अमेरिका का बिग बॉस बनने के लिए 270 या फिर उससे ज्यादा वोट जीतने होते हैं.

अपने समर्थकों के बीच राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप (फोटो- पीटीआई) अपने समर्थकों के बीच राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप (फोटो- पीटीआई)
aajtak.in
  • वाशिंगटन,
  • 04 नवंबर 2020,
  • अपडेटेड 10:45 AM IST
  • अमेरिकी चुनाव के रुझान आने शुरू
  • भारत से अलग है अमेरिका में वोट गिनती की प्रक्रिया
  • इस बार अलग है वोटों की गिनती

अमेरिका में वोटों की गिनती शुरू हो गई है. बता दें कि भारत की तरह अमेरिका में एक साथ वोटों की गिनती शुरू नहीं होती है, वहां अलग अलग राज्यों में वोटों की गिनती अलग-अलग समय में शुरू होती है. 

अमेरिका में हमेशा उस कैंडिडेट की जीत नहीं होती है जिसे राष्ट्रीय स्तर पर सबसे ज्यादा वोट आते हैं. साल 2016 में ऐसा ही हुआ था जब हिलेरी क्लिटंन ज्यादा वोट लाकर भी हार गईं थीं. 

Advertisement

गोल्डन टिकट के लिए 270 इलेक्टोरल वोट की जरूरत 

व्हाइड हाउस का लकी टिकट पाने के लिए डोनाल्ड ट्रंप या जो बिडेन को 270  इलेक्टोरल वोट जीतना होगा. अब हम आपको इलेक्टोरल वोट का माजरा समझाते हैं. 

दरअसल अमेरिका में हर राज्य में एक निश्चित संख्या में इलेक्टोरल कॉलेज वोट होते हैं. यह वोट उस राज्य की आबादी को ध्यान में रखकर तय किया गया है. अमेरिका के इलेक्टोरल कॉलेज में कुल 538 वोट हैं. अमेरिका का बिग बॉस बनने के लिए  270 या फिर उससे ज्यादा वोट जीतने होते हैं. 

क्यों अलग है इस बार की काउंटिंग

बता दें कि अमेरिका में कुल 24 करोड़ वोटर हैं. पहली बार ऐसा हुआ है जब इनमें से 10 करोड़ वोटर चुनाव से पहले ही पोस्टल बैलेट यानी डाक के जरिए या फिर खुद जाकर वोट डाल चुके हैं. ये तरकीब उन्होंने कोरोना काल में सुरक्षित रहने के लिए अपनाया है. 

Advertisement

अब इन करोड़ों वोटों की गिनती कुछ ही घंटों में करना आसान नहीं है. डाक मतों की गिनती से पहले उनकी प्रोसेसिंग की जाती है, जहां इन वोटों की सत्यता की जांच की जाती है, हस्ताक्षर मिलाए जाते हैं, दस्तावेजों की जांच की जाती है. 

अलग अलग राज्यों में अलग अलग नियम

बता दें कि फ़्लोरिडा और ओहायो जैसे कुछ राज्यों में मतदाताओं के पहचान की ये प्रक्रिया कई हफ्ते पहले से शुरू हो जाती है. इसलिए इन राज्यों में पोस्टल वोटों की गिनती मतदान के तुरंत बाद शुरू हो जाती है और रुझान आने शुरू हो जाते हैं.

लेकिन पेन्सिल्वेनिया और विस्कोन्सिन जैसे राज्यों में मतदान के दिन से पहले ये जांच प्रक्रिया शुरू करने की अनुमति नहीं होती है. ऐसा इसलिए होता है क्योंकि अमेरिका में भारत जैसा कोई एक केंद्रीय चुनाव आयोग नहीं है. हर राज्य के अलग अलग नियम हैं. 

Read more!
Advertisement

RECOMMENDED

Advertisement