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अमेरिका ने 15 दिन पहले ही दी थी चेतावनी, फिर आतंकियों ने मॉस्को के कान्सर्ट हॉल में मचाया कत्लेआम

मॉस्को में अमेरिकी दूतावास ने गत 7 मार्च को अपनी वेबसाइट पर एक एडवाइजरी जारी की थी, जिसमें ऐसे किसी हमले की आशंका जताई गई थी. अमेरिका दूतावास ने अपने नागरिकों को सलाह जारी करते हुए कहा था कि चरमपंथी मॉस्को में बड़ी सभाओं को निशाना बना सकते हैं.

मॉस्को के बाहरी इलाके में स्थित क्रोकस सिटी हॉल में आतंकी हमले के बाद रेस्क्यू में लगी एम्बुलेंस. (Photo: Maxim Shemetov/Reuters) मॉस्को के बाहरी इलाके में स्थित क्रोकस सिटी हॉल में आतंकी हमले के बाद रेस्क्यू में लगी एम्बुलेंस. (Photo: Maxim Shemetov/Reuters)
गीता मोहन
  • मॉस्को,
  • 23 मार्च 2024,
  • अपडेटेड 6:45 AM IST

रूस की राजधानी मॉस्को के पास क्रोकस सिटी हॉल में एक म्यूजिक कॉन्सर्ट के दौरान सैन्य वर्दी पहने बंदूकधारियों ने गोलीबारी की, जिसमें कम से कम 60 लोग मारे गए और 145 घायल हो गए. यह पिछले कुछ वर्षों में रूस में इस तरह का सबसे भयानक हमला है. सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो में कम से कम पांच बंदूकधारी कॉन्सर्ट हॉल में घुसते हुए दिख रहे हैं और नागरिकों पर गोलीबारी शुरू कर देते हैं. क्रोकस हॉल में जब यह हमला हुआ, उस वक्त सोवियत काल का प्रसिद्ध रॉक बैंड 'पिकनिक' का कॉन्सर्ट चल रहा था.

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दिलचस्प बात यह है कि मॉस्को में अमेरिकी दूतावास ने गत 7 मार्च को अपनी वेबसाइट पर एक एडवाइजरी जारी की थी, जिसमें ऐसे किसी हमले की आशंका जताई गई थी. अमेरिका दूतावास ने अपने नागरिकों को सलाह जारी करते हुए कहा था कि चरमपंथी मॉस्को में बड़ी सभाओं को निशाना बना सकते हैं. अमेरिकी दूतावास ने मॉस्को में रहने वाले अपने नागरिकों से भीड़-भाड़ वाली जगहों या किसी ऐसे कार्यक्रम में जहां बड़ी संख्या में लोग इकट्ठे हों, नहीं जाने की सलाह दी  थी. इस एडवाइजरी के 15 दिन बाद ही मॉस्को में म्यूजिक कॉन्सर्ट के दौरान इतना बड़ा आतंकी हमला हो गया.

हालांकि, व्हाइट हाउस के राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार जॉन किर्बी का कहना है कि मॉस्को के क्रोकस सिटी हॉल में हमले के बारे में अमेरिका के पास कोई खुफिया जानकारी नहीं थी. इस हमले के बाद जारी एक और बयान में अमेरिका ने यूक्रेन को क्लीन चिट दी. व्हाउट हाउस ने कहा, 'ऐसा कोई संकेत नहीं मिला कि मॉस्को में आतंकवादी हमले में यूक्रेन या यूक्रेनियन शामिल थे'. अमेरिका के इस बयान पर रूस ने सवाल खड़े किए हैं और कहा है कि यदि वाशिंगटन को ऐसे किसी हमले की योजना के बारे में आशंका या जानकारी थी, तो उसे मॉस्को के साथ शेयर करना चाहिए था.

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अमेरिका के पास जानकारी थी तो हमें बताना चाहिए था: रूस

रूसी विदेश मंत्रालय की प्रवक्ता मारिया जखारोवा ने एक बयान में कहा, 'व्हाइट हाउस ने कहा कि उसे ऐसा कोई संकेत नहीं मिला कि मॉस्को में आतंकवादी हमले में यूक्रेन या यूक्रेनियन शामिल थे. इस त्रासदी के बीच वाशिंगटन में बैठे अधिकारी किस आधार पर किसी की बेगुनाही के बारे में निष्कर्ष निकाल रहे हैं? यदि संयुक्त राज्य अमेरिका के पास इस संबंध में कोई विश्वसनीय जानकारी थी या है, तो इसे तुरंत रूसी पक्ष को हस्तांतरित किया जाना चाहिए. और अगर ऐसी कोई जानकारी नहीं है, तो व्हाइट हाउस को किसी को क्लीन चिट देने का कोई अधिकार नहीं है. रूस यह पता लगाएगा कि इस हमले के पीछे कौन हैं'.

 

एपी की रिपोर्ट के अनुसार, रूस की शीर्ष जांच एजेंसी मॉस्को कॉन्सर्ट हॉल में गोलीबारी और विस्फोट को आतंकवादी हमला मानकर जांच कर रही है. विस्फोट के बाद आग लगने के कारण कॉन्सर्ट हॉल का अधिकांश हिस्सा लपटों में घिर गया और छत आंशिक रूप से ढह गई. रूसी की सरकारी मीडिया के अनुसार, हमलावरों ने ग्रेनेड या आग लगाने वाला बम फेंका, जिससे हॉल में आग लगी. क्रोकस सिटी हॉल पर हुए इस भीषण आतंकी हमले के बाद मॉस्को में इस हफ्ते तक सभी सार्वजनिक कार्यक्रम रद्द कर दिए गए हैं. यूक्रेनी राष्ट्रपति वोलोदिमीर जेलेंस्की के एक सलाहकार ने एक्स पर एक पोस्ट में हमले में किसी भी यूक्रेनी संलिप्तता से इनकार किया.

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